BPSC TRE 4.0
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भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और विभिन्न आयोगों तथा अधिनियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वर्ष 1882 में नियुक्त 'हंटर शिक्षा आयोग' (Hunter Commission) ने प्राथमिक शिक्षा के प्रसार और उसके स्थानीय निकायों को सौंपे जाने की सिफारिश की थी, साथ ही माध्यमिक शिक्षा के दो स्पष्ट मार्ग (साहित्यिक शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा) सुझाए थे।
- 2. वर्ष 1902 में लॉर्ड कर्ज़न द्वारा नियुक्त 'रैले आयोग' (Raleigh Commission) का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालयों की स्थिति की जाँच करना था, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 1904 का भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम पारित किया गया, जिसने सीनेट के सदस्यों की संख्या सीमित कर दी और सरकारी नियंत्रण को कड़ा कर दिया।
- 3. वर्ष 1917-19 में गठित 'सैडलर आयोग' (Sadler Commission), जिसे कलकत्ता विश्वविद्यालय आयोग भी कहा जाता है, ने स्कूली शिक्षा की अवधि 12 वर्ष करने की सिफारिश की थी और विश्वविद्यालयों को प्रशासनिक स्वतंत्रता देने के साथ-साथ स्नातक स्तर पर 'पास' और 'ऑनर्स' पाठ्यक्रमों को अलग करने की वकालत की थी।
- 4. वर्ष 1944 की 'सार्जेंट योजना' (Sergeant Plan), जो भारत में युद्धोत्तर शैक्षिक विकास की योजना थी, ने देश में 6 से 18 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य अगले 40 वर्षों के भीतर प्राप्त करने का प्रस्ताव रखा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए कथनों में से कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन 4 असत्य है। सार्जेंट योजना (1944) के तहत 6 से 14 वर्ष (न कि 18 वर्ष) की आयु के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया था। इस प्रकार के महत्वपूर्ण प्रश्नों और विस्तृत अध्ययन के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जा सकते हैं।
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बिहार की जलवायु और मानसून एवं वर्षा के वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर…
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बिहार में मानसून के आगमन, वर्षा के स्थानिक वितरण और विभिन्न मानसूनी शाखाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य प्रवेश जून के दूसरे सप्ताह (लगभग 10 से 15 जून के मध्य) में होता है, जो मुख्य रूप से राज्य के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भागों (जैसे किशनगंज और पूर्णिया) से प्रवेश करता है।
2. राज्य में वर्षा का वितरण असमान है, जहाँ उत्तर-पूर्वी जिलों (किशनगंज, अररिया) में बंगाल की खाड़ी की शाखा के प्रभाव से सर्वाधिक वर्षा (लगभग 200 सेमी तक) दर्ज की जाती है, जबकि दक्षिण-मध्य और पश्चिमी जिलों (जैसे गया, औरंगाबाद और रोहतास) में वर्षा की मात्रा अपेक्षाकृत कम (लगभग 100 से 120 सेमी) होती है।
3. बिहार में शीतकाल के दौरान होने वाली वर्षा का मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी से उठने वाले उष्णकटिबंधीय चक्रवात हैं, जो राज्य के दक्षिणी पठारी भागों में भारी बर्फबारी और ओलावृष्टि का मुख्य कारक बनते हैं।
4. मानसून की वापसी (Retreating Monsoon) के समय अक्टूबर और नवंबर के महीनों में बिहार के मैदानी भागों में कभी-कभी चक्रवातीय प्रभावों (जैसे बंगाल की खाड़ी में आने वाले तूफानों) के कारण हल्की से मध्यम मानसूनी वर्षा होती है, जो रबी फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत के महान्यायवादी (Attorney General for India) और संसद (लोकसभा एवं राज्य सभा) की विधाई प्रक्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत नियुक्त भारत का महान्यायवादी देश का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, जिसे संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्य सभा) या उनकी संयुक्त बैठक में बोलने तथा भाग लेने का अधिकार प्राप्त है, किंतु उसे संसद में किसी भी विधेयक या प्रस्ताव पर मतदान (Voting) करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है।
2. राज्य सभा एक स्थायी सदन है जो कभी विघटित नहीं होता है, और इसके प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष होता है, तथा इसके एक-तिहाई सदस्य प्रति दूसरे वर्ष सेवानिवृत्त होते हैं, किंतु यदि कोई सदस्य उप-चुनाव के माध्यम से रिक्त सीट पर चुनकर आता है, तो उसका कार्यकाल भी शेष 6 वर्ष का ही होता है।
3. लोकसभा में किसी भी अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) को प्रस्तुत करने के लिए न्यूनतम 50 सदस्यों के समर्थन की अनिवार्य आवश्यकता होती है, और यह प्रस्ताव केवल लोकसभा में ही लाया जा सकता है, राज्य सभा में नहीं।
4. धन विधेयक (Money Bill) केवल लोकसभा में ही पुनः स्थापित किया जा सकता है, और राज्य सभा को इस संबंध में अत्यंत सीमित शक्तियाँ प्राप्त हैं क्योंकि वह किसी धन विधेयक को अस्वीकार या उसमें संशोधन नहीं कर सकती, बल्कि उसे अधिकतम 14 दिनों के भीतर अपनी सिफारिशों के साथ या बिना सिफारिश के लोकसभा को वापस लौटाना अनिवार्य होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय न्यायपालिका और अधीनस्थ न्यायालयों की संरचना तथा संघ राज्य क्षेत्रों के न्यायिक प्रशासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 227 के अंतर्गत प्रत्येक उच्च न्यायालय को अपने अधिकार क्षेत्र के सभी अधीनस्थ न्यायालयों और न्यायाधिकरणों (Tribunals) पर अधीक्षण (Superintendence) करने की व्यापक शक्ति प्राप्त है, जिसमें प्रशासनिक और न्यायिक दोनों प्रकार के नियंत्रण शामिल हैं।
2. भारत के संघ राज्य क्षेत्रों (Union Territories) में से एकमात्र दिल्ली ऐसा संघ राज्य क्षेत्र है जिसका अपना स्वयं का उच्च न्यायालय है, जबकि अन्य सभी केंद्र शासित प्रदेश या तो किसी पड़ोसी राज्य के उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं या उनके अपने न्यायिक आयुक्त के न्यायालय हैं।
3. जिला न्यायाधीश (District Judge) की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति से संबंधित मामलों में संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा उस राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करना अनिवार्य होता है, तथा न्यायिक सेवा के अन्य सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा राज्य लोक सेवा आयोग और उच्च न्यायालय से परामर्श के पश्चात की जाती है।
4. अनुच्छेद 235 के तहत जिला न्यायालयों और उनके अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण, जिसमें पोस्टिंग, पदोन्नति और छुट्टी देना शामिल है, पूरी तरह से राज्य सरकार के गृह विभाग के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में आता है, और इसमें उच्च न्यायालय की कोई भूमिका नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey of Bihar) और राज्य के बजट के नवीनतम आंकड़ों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में प्राथमिक क्षेत्र, द्वितीयक क्षेत्र और तृतीयक क्षेत्र (सेवा क्षेत्र) में से तृतीयक क्षेत्र का योगदान सर्वाधिक है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था का मुख्य चालक बना हुआ है।
2. राज्य के बजट में पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) के हिस्से में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है, जिसका प्रमुख उद्देश्य राज्य में आधारभूत संरचना (Infrastructure), ग्रामीण विकास और औद्योगिक परिसंपत्तियों का सृजन करना है।
3. बिहार सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में सामाजिक सेवाओं (शिक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण) के लिए आबंटित कुल राशि में सबसे अधिक हिस्सा स्वास्थ्य क्षेत्र पर खर्च करने का प्रावधान किया गया है, जो शिक्षा क्षेत्र से भी अधिक है।
4. जीविका (JEEViKA) कार्यक्रमों और ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं के वित्तीय समावेशन और स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष वित्तीय सहायता और संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार में भीम बांध वन्यजीव अभ्यारण्य किस जिले में है?
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