BPSC TRE 4.0
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भारतीय न्यायपालिका और अधीनस्थ न्यायालयों की संरचना तथा संघ राज्य क्षेत्रों के न्यायिक प्रशासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 227 के अंतर्गत प्रत्येक उच्च न्यायालय को अपने अधिकार क्षेत्र के सभी अधीनस्थ न्यायालयों और न्यायाधिकरणों (Tribunals) पर अधीक्षण (Superintendence) करने की व्यापक शक्ति प्राप्त है, जिसमें प्रशासनिक और न्यायिक दोनों प्रकार के नियंत्रण शामिल हैं।
- 2. भारत के संघ राज्य क्षेत्रों (Union Territories) में से एकमात्र दिल्ली ऐसा संघ राज्य क्षेत्र है जिसका अपना स्वयं का उच्च न्यायालय है, जबकि अन्य सभी केंद्र शासित प्रदेश या तो किसी पड़ोसी राज्य के उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं या उनके अपने न्यायिक आयुक्त के न्यायालय हैं।
- 3. जिला न्यायाधीश (District Judge) की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति से संबंधित मामलों में संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा उस राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करना अनिवार्य होता है, तथा न्यायिक सेवा के अन्य सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा राज्य लोक सेवा आयोग और उच्च न्यायालय से परामर्श के पश्चात की जाती है।
- 4. अनुच्छेद 235 के तहत जिला न्यायालयों और उनके अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण, जिसमें पोस्टिंग, पदोन्नति और छुट्टी देना शामिल है, पूरी तरह से राज्य सरकार के गृह विभाग के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में आता है, और इसमें उच्च न्यायालय की कोई भूमिका नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 227 के अनुसार प्रत्येक उच्च न्यायालय को अपने प्रादेशिक क्षेत्राधिकार के भीतर आने वाले सभी न्यायालयों और न्यायाधिकरणों पर अधीक्षण की शक्ति प्राप्त है। कथन 2 असत्य है क्योंकि दिल्ली के अलावा 'पुदुचेरी' (मद्रास उच्च न्यायालय के अधीन), 'जम्मू-कश्मीर और लद्दाख' (स्वयं का उच्च न्यायालय) जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी व्यवस्था है, और वर्तमान में दिल्ली के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का भी अपना उच्च न्यायालय है। कथन 3 सत्य है क्योंकि अनुच्छेद 233 और 234 के तहत जिला न्यायाधीशों व अन्य न्यायिक सेवा के सदस्यों की नियुक्तियों में राज्यपाल को उच्च न्यायालय से परामर्श करना अनिवार्य है। कथन 4 असत्य है क्योंकि अनुच्छेद 235 के अनुसार जिला न्यायालयों और अधीनस्थ न्यायालयों पर प्रशासनिक नियंत्रण (Posting, promotion, control) उच्च न्यायालय में निहित होता है, न कि राज्य सरकार के पास। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और विभिन्न आयोगों तथा अधिनियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1882 में नियुक्त 'हंटर शिक्षा आयोग' (Hunter Commission) ने प्राथमिक शिक्षा के प्रसार और उसके स्थानीय निकायों को सौंपे जाने की सिफारिश की थी, साथ ही माध्यमिक शिक्षा के दो स्पष्ट मार्ग (साहित्यिक शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा) सुझाए थे।
2. वर्ष 1902 में लॉर्ड कर्ज़न द्वारा नियुक्त 'रैले आयोग' (Raleigh Commission) का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालयों की स्थिति की जाँच करना था, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 1904 का भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम पारित किया गया, जिसने सीनेट के सदस्यों की संख्या सीमित कर दी और सरकारी नियंत्रण को कड़ा कर दिया।
3. वर्ष 1917-19 में गठित 'सैडलर आयोग' (Sadler Commission), जिसे कलकत्ता विश्वविद्यालय आयोग भी कहा जाता है, ने स्कूली शिक्षा की अवधि 12 वर्ष करने की सिफारिश की थी और विश्वविद्यालयों को प्रशासनिक स्वतंत्रता देने के साथ-साथ स्नातक स्तर पर 'पास' और 'ऑनर्स' पाठ्यक्रमों को अलग करने की वकालत की थी।
4. वर्ष 1944 की 'सार्जेंट योजना' (Sergeant Plan), जो भारत में युद्धोत्तर शैक्षिक विकास की योजना थी, ने देश में 6 से 18 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य अगले 40 वर्षों के भीतर प्राप्त करने का प्रस्ताव रखा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार की जलवायु और मानसून एवं वर्षा के वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार की जलवायु मूलतः मानसूनी प्रकार की है, जहाँ राज्य के उत्तर-पश्चिमी भागों में बंगाल की खाड़ी की शाखा से अधिक वर्षा प्राप्त होती है, जबकि दक्षिण-पश्चिम भागों (जैसे रोहतास और औरंगाबाद) में महाद्वीपीय प्रभाव के कारण अपेक्षाकृत कम वर्षा दर्ज की जाती है।
2. राज्य में होने वाली कुल वर्षा का लगभग 80 प्रतिशत से अधिक भाग दक्षिण-पश्चिम मानसून की अवधि (जून से सितंबर) के दौरान प्राप्त होता है, जो यहाँ की खरीफ फसलों (विशेषकर धान) के लिए जीवन रेखा का कार्य करता है।
3. बिहार में शीतकाल के दौरान होने वाली हल्की वर्षा (मावठा या पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से) मुख्य रूप से रबी की फसलों (जैसे चना, मटर और गेहूँ) के उत्पादन के लिए अत्यंत लाभदायक मानी जाती है।
4. दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी (Retreating Monsoon) के समय अक्टूबर और नवंबर के महीनों में बिहार के मैदानी भागों में चक्रवातीय गतिविधियों के कारण अत्यधिक तीव्र मानसूनी वर्षा और भारी बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है, जो खरीफ की फसल को पूर्ण रूप से नष्ट कर देती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार की जलवायु, नदी तंत्र और प्रमुख कृषि पद्धतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार की जलवायु मुख्य रूप से मानसूनी प्रकार की है, जिसमें उत्तर-पश्चिमी भाग में बंगाल की खाड़ी की शाखा से अधिक वर्षा होती है, जबकि राज्य के दक्षिण-पश्चिम भाग (जैसे रोहतास और औरंगाबाद) में महाद्वीपीय प्रभाव के कारण तापमान की अधिकता और अपेक्षाकृत कम वर्षा दर्ज की जाती है।
2. कोसी नदी, जिसे 'बिहार का शोक' कहा जाता है, अपने मार्ग परिवर्तन और भारी मात्रा में गाद (Silt) के निक्षेपण के लिए कुख्यात है, और यह नदी नेपाल के रास्ते मधेपुरा और सुपौल जिलों से होते हुए बिहार के मैदान में प्रवेश करती है तथा कटिहार के पास गंगा में मिलती है।
3. बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी (Retreating Monsoon) के दौरान अक्टूबर और नवंबर के महीनों में हल्की वर्षा होती है, जो राज्य के टाल क्षेत्रों और मैदानी भागों में रबी की फसलों (विशेषकर अरहर, चना और गेहूं) की प्रारंभिक बुवाई के लिए अत्यंत लाभदायक मानी जाती है।
4. सोन नदी, जो अमरकंटक पठार से निकलती है, बिहार में रोहतास जिले के सोननगर के पास प्रवेश करती है, और इसके जल का उपयोग त्रिवेणी नहर प्रणाली के माध्यम से उत्तरी चंपारण के कृषि क्षेत्रों की सिंचाई के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पादप जगत (Plant Kingdom) और जन्तु जगत (Animal Kingdom) के वर्गीकरण तथा जैविक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) को पादप जगत का 'उभयचर' (Amphibians of the plant kingdom) कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं, किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति इनके लिए अनिवार्य होती है, तथा इनमें संवहन ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) पूर्णतः अनुपस्थित होते हैं।
2. जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) में बीज नग्न (Naked seeds) होते हैं क्योंकि इनमें अंडाशय (Ovary) का अभाव होता है, जिसके कारण फल का निर्माण नहीं होता है, और इस समूह के पौधों में परागण की प्रक्रिया मुख्य रूप से वायु (Anemophily) द्वारा होती है।
3. एनेलिडा (Annelida) संघ के जंतुओं में शरीर खंडीय (Metameric segmentation) होता है, और इनमें परिसंचरण तंत्र बंद प्रकार (Closed circulatory system) का पाया जाता है, जबकि ऑर्थोपोडा (Arthropoda) संघ के जंतुओं में खुला परिसंचरण तंत्र और काइटिन (Chitin) युक्त बाह्य कंकाल होता है।
4. चॉर्डेटा (Chordata) संघ के मुख्य लक्षणों में पृष्ठीय तंत्रिका रज्जू (Dorsal nerve cord), ग्रसनी क्लोम छिद्र (Pharyngeal gill slits) और नोटोकॉर्ड (Notochord) का जीवन के किसी न किसी चरण में उपस्थित होना शामिल है, तथा वर्टीब्रेटा उपसंघ के सभी जीवों में कशेरुक दंड (Vertebral column) पाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार में भीम बांध वन्यजीव अभ्यारण्य किस जिले में है?
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सूर्य से पृथ्वी तक प्रकाश पहुँचने में कितना समय लगता है?
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