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BPSC TRE 4.0
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बिहार की राजनीति एवं प्रशासनिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) भारतीय संविधान के अनुच्छेद 169 के अंतर्गत स्थापित राज्य का उच्च सदन है, जिसमें कुल सदस्यों की संख्या वर्तमान में 75 है और इसके सदस्यों का निर्वाचन विभिन्न निर्वाचक मंडलों के माध्यम से आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली द्वारा होता है।
- 2. राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में 'मुख्य सचिव' (Chief Secretary) राज्य का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होता है, जो मंत्रिमंडल सचिवालय का प्रमुख होने के साथ-साथ सभी प्रशासनिक विभागों के बीच समन्वय स्थापित करता है और इसकी नियुक्ति सीधे मंत्रिपरिषद के परामर्श से राज्यपाल द्वारा की जाती है।
- 3. बिहार में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत शामिल हैं, तथा 73वें संविधान संशोधन के अनुरूप बिहार पंचायती राज अधिनियम, 2006 के तहत राज्य में महिलाओं को स्थानीय निकायों के चुनावों में 50 प्रतिशत आरक्षण की ऐतिहासिक व्यवस्था की गई है।
- 4. राज्य मानवाधिकार आयोग और राज्य लोक सेवा आयोग (BPSC) संवैधानिक निकाय हैं, जिनमें BPSC के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है, किंतु उन्हें उनके पद से हटाने का अधिकार राज्यपाल के पास न होकर केवल राष्ट्रपति के पास होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के विश्लेषण के अनुसार कथन 1, 3 और 4 सत्य हैं, जबकि कथन 2 आंशिक रूप से त्रुटिपूर्ण है क्योंकि मुख्य सचिव की नियुक्ति सीधे राज्यपाल द्वारा मंत्रिपरिषद की औपचारिक सलाह पर मुख्यमंत्री के अनुमोदन से की जाती है। BPSC के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है, लेकिन संविधान के अनुच्छेद 317 के अनुसार उन्हें हटाने की शक्ति केवल राष्ट्रपति के पास है। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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श्वेत रक्त कोशिकाओं (WBC) का मुख्य कार्य क्या है?
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भारतीय संविधान की अनुसूचियों, उनके अंतर्गत वर्णित विषयों तथा बिहार में शहरी स्थानीय शासन और नगरीकरण (Urbanization) की संवैधानिक स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारतीय संविधान की 12वीं अनुसूची, जिसे 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा जोड़ा गया था, नगरपालिकाओं की शक्तियों, प्राधिकारों और उत्तरदायित्वों से संबंधित 18 विधायी विषयों का उल्लेख करती है, और इसी संशोधन के माध्यम से संविधान में 'भाग IX-A' (अनुच्छेद 243-P से 243-ZG) जोड़ा गया।
2. बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के प्रावधानों के अंतर्गत राज्य में नगरीय प्रशासन को त्रि-स्तरीय प्रणाली (नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत) में विभाजित किया गया है, और यह अधिनियम राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत सीटों के आरक्षण की अनिवार्य व्यवस्था सुनिश्चित करता है।
3. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243-Z के तहत प्रत्येक राज्य में एक 'जिला योजना समिति' (District Planning Committee - DPC) के गठन का प्रावधान है, जो केवल ग्रामीण क्षेत्रों (पंचायतों) के विकास के लिए एकीकृत योजना तैयार करती है, जबकि शहरी क्षेत्रों की योजना का निर्माण राज्य सरकार स्वयं सीधे करती है।
4. संविधान की 7वीं अनुसूची के अंतर्गत 'स्थानीय शासन' (Local Government), जिसमें नगरीय और ग्रामीण दोनों निकाय शामिल हैं, संघ सूची (Union List) का एक विशिष्ट विषय है, जिस पर कानून बनाने का अनन्य अधिकार केवल और केवल भारतीय संसद को प्राप्त है, राज्य विधानमंडलों को इसमें कोई विधायी शक्ति नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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खगोलतिकी और गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केप्लर के ग्रहीय गति के तृतीय नियम (परिक्रमण काल का नियम) के अनुसार, किसी ग्रह के परिक्रमण काल का वर्ग ($T^2$) उसकी सूर्य से औसत दूरी के घन ($R^3$) के सीधे समानुपातिक होता है, जिसका उपयोग खगोलविदों द्वारा सौरमंडल में दूरस्थ पिंडों की कक्षाओं के निर्धारण के लिए किया जाता है।
2. सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक ($G$) का मान द्रव्यमान और दूरी की इकाइयों पर निर्भर करता है, और इसे सर्वप्रथम हेनरी केवेंडिश द्वारा मरोड़ी संतुलन (Torsion Balance) प्रयोग की सहायता से सटीक रूप से प्रायोगिक तौर पर निर्धारित किया गया था।
3. पृथ्वी की सतह से ऊपर जाने पर गुरुत्वीय त्वरण ($g$) का मान घटता है, किंतु पृथ्वी के भीतर गहराई में जाने पर भी $g$ का मान लगातार घटता जाता है और पृथ्वी के केंद्र पर यह शून्य हो जाता है।
4. कृत्रिम उपग्रह के भीतर बैठे अंतरिक्ष यात्री को भारहीनता (Weightlessness) का अनुभव इसलिए होता है क्योंकि उपग्रह और अंतरिक्ष यात्री दोनों ही पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में समान त्वरण से मुक्त पतन (Free Fall) की स्थिति में होते हैं, जिससे अभिलंब प्रतिक्रिया बल शून्य हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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मौर्यकालीन व्यापार मार्गों के संबंध में कौन से कथन सही हैं?
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सविनय अवज्ञा आंदोलन, गांधी-इरविन समझौते और गोलमेज सम्मेलनों के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1930 में प्रारंभ किए गए सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान दांडी मार्च (नमक सत्याग्रह) को व्यापक जनसमर्थन मिला, जिसके पश्चात ब्रिटिश सरकार द्वारा आंदोलनों को कुचलने के लिए दमनकारी नीतियां अपनाई गईं और इसी पृष्ठभूमि में कांग्रेस ने प्रथम गोलमेज सम्मेलन (1930) में भाग लिया था।
2. मार्च 1931 में संपन्न हुए 'गांधी-इरविन समझौते' के तहत ब्रिटिश सरकार ने उन राजनीतिक बंदियों को रिहा करने पर सहमति व्यक्त की थी जिन पर हिंसा का आरोप नहीं था, तथा समुद्र तटीय क्षेत्रों में लोगों को अपने घरेलू उपयोग के लिए नमक बनाने की छूट दी गई, किंतु कांग्रेस ने सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्थगित करने की शर्त को स्वीकार किया।
3. लंदन में आयोजित द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (1931) में महात्मा गांधी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया था, जहाँ सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर उत्पन्न तीव्र मतभेदों और गतिरोध के कारण यह सम्मेलन बिना किसी ठोस परिणाम के समाप्त हो गया।
4. वर्ष 1932 में ब्रिटिश प्रधानमंत्री रामसे मैकडोनाल्ड द्वारा घोषित 'साम्प्रदायिक पंचाट' (Communal Award) के तहत दलितों (अछूतों) को भी पृथक् निर्वाचन मंडल प्रदान किए जाने के विरोध में, महात्मा गांधी ने येरवडा सेंट्रल जेल में आमरण अनशन शुरू किया, जिसके परिणामस्वरूप डॉ. बी. आर. अंबेडकर और गांधी जी के बीच ऐतिहासिक 'पूना पैक्ट' पर हस्ताक्षर किए गए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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