त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
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खगोलतिकी और गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. केप्लर के ग्रहीय गति के तृतीय नियम (परिक्रमण काल का नियम) के अनुसार, किसी ग्रह के परिक्रमण काल का वर्ग ($T^2$) उसकी सूर्य से औसत दूरी के घन ($R^3$) के सीधे समानुपातिक होता है, जिसका उपयोग खगोलविदों द्वारा सौरमंडल में दूरस्थ पिंडों की कक्षाओं के निर्धारण के लिए किया जाता है।
- 2. सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक ($G$) का मान द्रव्यमान और दूरी की इकाइयों पर निर्भर करता है, और इसे सर्वप्रथम हेनरी केवेंडिश द्वारा मरोड़ी संतुलन (Torsion Balance) प्रयोग की सहायता से सटीक रूप से प्रायोगिक तौर पर निर्धारित किया गया था।
- 3. पृथ्वी की सतह से ऊपर जाने पर गुरुत्वीय त्वरण ($g$) का मान घटता है, किंतु पृथ्वी के भीतर गहराई में जाने पर भी $g$ का मान लगातार घटता जाता है और पृथ्वी के केंद्र पर यह शून्य हो जाता है।
- 4. कृत्रिम उपग्रह के भीतर बैठे अंतरिक्ष यात्री को भारहीनता (Weightlessness) का अनुभव इसलिए होता है क्योंकि उपग्रह और अंतरिक्ष यात्री दोनों ही पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में समान त्वरण से मुक्त पतन (Free Fall) की स्थिति में होते हैं, जिससे अभिलंब प्रतिक्रिया बल शून्य हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के सभी विकल्प खगोलतिकी और गुरुत्वाकर्षण के नियमों का गहराई से विश्लेषण करते हैं। कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। केप्लर का तृतीय नियम ग्रहों की गति के लिए $T^2 \propto R^3$ संबंध स्थापित करता है। सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक ($G$) का संख्यात्मक मान मात्रकों की पद्धति पर निर्भर करता है, और इसका प्रायोगिक मापन हेनरी केवेंडिश ने किया था। अंतरिक्ष में भारहीनता मुक्त पतन की स्थिति के कारण होती है। किंतु कथन 3 में दी गई जानकारी में पृथ्वी के भीतर गहराई ($d$) के साथ $g$ का परिवर्तन $g' = g(1 - d/R)$ सूत्र द्वारा होता है, जिसके अनुसार गहराई बढ़ने पर $g$ का मान घटता अवश्य है और केंद्र पर शून्य होता है, लेकिन यहाँ सभी दिए गए संदर्भों के आधार पर विकल्प (c) सर्वाधिक उपयुक्त और मानक उत्तर है क्योंकि सामान्य भौतिकी में यह कथन भी सही माना जाता है। अधिक तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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निम्नलिखित में से किस प्राचीन ग्रंथ में मौर्य प्रशासन, गुप्तकालीन न्याय व्यवस्था और प्राचीन भारतीय व्यापारिक निगमों के अतिरिक्त इतिहास की विविध परंपराओं का विस्तृत विवरण मिलता है, और इस संदर्भ में कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है?
1. कौटिल्य का 'अर्थशास्त्र' - मौर्य कालीन प्रशासनिक, आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था का दर्पण
2. कलहण की 'राजतरंगिणी' - कश्मीर के राजवंशों का इतिहास (ऐतिहासिक वृत्तांत की दृष्टि से प्रथम ग्रंथ)
3. मेगस्थनीज की 'इंडिका' - मौर्य समाज के सात वर्गों और भारतीय समाज में दासों की अनुपस्थिति का वर्णन
4. बाणभट्ट की 'हर्षचरित' - गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद गुप्तोत्तर काल की राजनीतिक स्थितियों का वर्णन करते हुए पूर्णतः मौर्य वंश के इतिहास पर केंद्रित महाकाव्य
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बिहार की कला, संस्कृति एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. मंजूषा कला - यह अंग प्रदेश (भागलपुर क्षेत्र) की लोक कला है, जिसे 'संगीतात्मक कला' भी कहा जाता है और इसमें विषहर कथाओं का चित्रण सिल्क के कपड़ों पर किया जाता है।
2. टिकुली पेंटिंग - यह बिहार की एक प्राचीन हस्तकला है, जिसमें कांच के टुकड़ों पर सोने के वर्क़ और प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करके पारंपरिक आकृतियाँ बनाई जाती हैं।
3. सामा-चकेवा - यह मिथिलांचल क्षेत्र में मनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध लोक उत्सव है, जिसमें भाई-बहन के प्रेम और पक्षियों के संरक्षण की लोकगाथाओं का मंचन किया जाता है।
4. बक्सर का टेराकोटा शिल्प - यह बिहार की प्रसिद्ध शिल्प कला है, जिसे हाल ही में भौगोलिक उपदर्शन (GI Tag) प्रदान किया गया है और इसमें मुख्य रूप से पकी हुई मिट्टी के आधुनिक घरेलू उपकरण बनाए जाते हैं।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से युग्म पूर्णतः सुमेलित है/हैं?
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बिहार के किस वकील ने असहयोग आंदोलन के समय अपनी लाभप्रद वकालत छोड़ दी थी?
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बिहार सरकार द्वारा प्रशासन में पारदर्शिता, त्वरित सेवाओं की सुलभता और डिजिटल शासन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पोर्टलों और मोबाइल ऐप्स का विकास किया गया है। इन डिजिटल पहलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बिहार भूमि' पोर्टल का संचालन राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा किया जाता है, जिसके माध्यम से नागरिक ऑनलाइन लगान भुगतान, भूमि के दाखिल-खारिज (Mutation) के आवेदन और अपनी जमीन के डिजिटल रिकॉर्ड (रजिस्टर-II) की प्रति प्राप्त कर सकते हैं।
2. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (BEPC) द्वारा संचालित 'ई-शिक्षाकोष' (e-Shikshakosh) पोर्टल और मोबाइल ऐप का उद्देश्य राज्य के विद्यालयों में केवल वित्तीय लेखा-जोखा और बजट आवंटन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग करना है, शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति से इसका कोई संबंध नहीं है।
3. 'बिहार मौसम सेवा केंद्र' (BMSK) पोर्टल और मोबाइल ऐप योजना एवं विकास विभाग तथा आपदा प्रबंधन के अंतर्गत कार्य करता है, जो किसानों और आम नागरिकों को वास्तविक समय (Real-time) पर मौसम पूर्वानुमान, वज्रपात (Thunderstorm) और बाढ़ की चेतावनी प्रदान करता है।
4. लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम (RTPS) के अंतर्गत जाति, आय और निवास प्रमाण पत्रों के ऑनलाइन आवेदन के लिए उपयोग किए जाने वाले 'सर्विस प्लस' (Service Plus) पोर्टल का नियंत्रण पूरी तरह से केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय के पास है, और इसमें राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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हजारीबाग में बिहारी स्टूडेंट्स कॉन्फ्रेंस का 16वाँ अधिवेशन कब हुआ था?
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