मानव शरीर के विभिन्न अंगों, तंत्रों और उनमें होने वाली हार्मोनल व रासायनिक नियंत्रण प्रक्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मानव शरीर में 'पेसमेकर' (साइनोएट्रियल नोड या SA Node) दाएं अलिंद की दीवार पर स्थित होता है, जो स्वतः उत्तेजित होकर विद्युत आवेग उत्पन्न करता है और हृदय की मांसपेशियों के संकुचन को नियंत्रित करता है।
- 2. अग्न्याशय (Pancreas) एक मिश्रित ग्रंथि है जिसकी लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) की 'बीटा कोशिकाएँ' इंसुलिन का स्राव करती हैं, जबकि 'अल्फा कोशिकाएँ' ग्लूकागॉन का स्राव करती हैं, जो रक्त में शर्करा के स्तर को संतुलित रखने में सहायक होती हैं।
- 3. नेफ्रॉन (Nephron) वृक्क (Kidney) की संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई है, जिसमें बोमन कैप्सूल और ग्लोमेरुलस के माध्यम से रक्त का अल्ट्रा-फिल्ट्रेशन (अति-निस्यंदन) होता है, और हेनले का लूप (Loop of Henle) मुख्य रूप से मूत्र के सांद्रण (Concentration) के लिए उत्तरदायी होता है।
- 4. मानव मस्तिष्क का 'हाइपोथैलेमस' भाग भूख, प्यास, ताप नियंत्रण और अंतःस्रावी ग्रंथियों से निकलने वाले हार्मोनों के नियमन का प्रमुख केंद्र होता है, जबकि सेरिबेलम (Cerebellum) शरीर के संतुलन और ऐच्छिक पेशियों की गति का नियंत्रण करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Detailed Explanation
मानव शरीर में विभिन्न तंत्र मिलकर एक समन्वित रूप से कार्य करते हैं। दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं: 1. साइनोएट्रियल नोड (SA Node) को हृदय का प्राकृतिक पेसमेकर कहा जाता है जो दाएं अलिंद (Right Atrium) के ऊपरी कोने पर स्थित होता है और हृदय स्पंदन की शुरुआत करता है। 2. अग्न्याशय की लैंगरहैंस द्वीपिकाओं की बीटा कोशिकाएँ इंसुलिन और अल्फा कोशिकाएँ ग्लूकागॉन का स्राव करती हैं, जो रक्त शर्करा को नियंत्रित करती हैं। 3. वृक्क की सूक्ष्मतम इकाई नेफ्रॉन है जिसमें हेनले का लूप जल के पुनरावशोषण और मूत्र के सांद्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 4. हाइपोथैलेमस शरीर के ताप, भूख, प्यास और पीयूष ग्रंथि के नियंत्रण का केंद्र है, तथा सेरिबेलम संतुलन बनाए रखता है। अधिक विस्तृत अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।