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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान के विभिन्न स्रोतों, महत्वपूर्ण अनुच्छेदों, अनुसूचियों तथा शहरी स्थानीय स्वशासन (नगरीकरण) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारतीय संविधान में 'समवर्ती सूची' (Concurrent List) का प्रावधान ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिया गया है, किंतु संविधान के अनुच्छेद 249 के अनुसार यदि राज्य सभा उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से एक संकल्प पारित कर दे कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक है, तो संसद समवर्ती सूची के विषयों पर भी पूरे देश या उसके किसी भाग के लिए विधि बना सकती है।
- 2. संविधान की 12वीं अनुसूची, जिसे 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा जोड़ा गया था, नगरपालिकाओं की शक्तियों, प्राधिकार और उत्तरदायित्वों से संबंधित है, तथा इसके अंतर्गत नगर निकायों की कार्यक्षमता के लिए कुल 18 कार्यात्मक विषय (Functional Items) निर्धारित किए गए हैं।
- 3. अनुच्छेद 243-W के अंतर्गत महानगर योजना समिति (Metropolitan Planning Committee) के गठन का प्रावधान किया गया है, जिसके सदस्यों में से कम से कम एक-तिहाई सदस्य उस महानगर क्षेत्र में स्थित नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा अपने में से ही चुने जाते हैं।
- 4. संविधान के अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संविधान संशोधन की प्रक्रिया दक्षिण अफ्रीका के संविधान से प्रेरित है, और यदि कोई संशोधन संघीय ढांचा या न्यायपालिका की स्वतंत्रता को प्रभावित करता है, तो उसे संसद के विशेष बहुमत के साथ-साथ देश के कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों द्वारा साधारण बहुमत से अनुसमर्थन (Ratification) मिलना अनिवार्य होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। भारतीय संविधान में समवर्ती सूची का विचार ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिया गया है तथा अनुच्छेद 249 राज्य सभा को राष्ट्रीय हित में समवर्ती सूची के विषयों पर कानून बनाने की शक्ति देता है। 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा जोड़ी गई 12वीं अनुसूची में नगरपालिकाओं के लिए 18 विषय हैं। अनुच्छेद 243-W महानगर योजना समिति के गठन और उसकी संरचना को परिभाषित करता है, जिसमें कम से कम एक-तिहाई सदस्य नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्य होते हैं। इसके अतिरिक्त, संविधान संशोधन की प्रक्रिया (अनुच्छेद 368) दक्षिण अफ्रीका से ली गई है और संघीय प्रावधानों से जुड़े संशोधनों के लिए आधे राज्यों के अनुसमर्थन की आवश्यकता होती है। ऐसी ही अन्य उच्च स्तरीय शिक्षण सामग्री और टेस्ट सीरीज के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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सूची-I (स्तर) को सूची-II (विशेषताएँ) से सुमेलित कीजिए?
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चंपारण सत्याग्रह (1917) और स्वतंत्रता आंदोलन में बिहार की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण सत्याग्रह के दौरान राजकुमार शुक्ल के विशेष अनुरोध पर महात्मा गांधी कलकत्ता से पटना पहुँचे थे, जहाँ ब्रजकिशोर प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद और अनुग्रह नारायण सिंह जैसे प्रख्यात वकीलों ने उनके साथ मिलकर चंपारण के किसानों की समस्याओं की जाँच का नेतृत्व किया था।
2. चंपारण कृषि अधिनियम (Champaran Agrarian Act, 1918) ने 'तीनकठिया पद्धति' को अवैध घोषित कर दिया, जिसके तहत किसानों को अपनी कुल भूमि के 3/20वें हिस्से पर नील की खेती करने के लिए बाध्य किया जाता था, और इस अधिनियम के बनने के बाद यूरोपीय बागान मालिकों को अवैध वसूली का एक हिस्सा किसानों को वापस करना पड़ा था।
3. वर्ष 1922 में गया में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वार्षिक अधिवेशन की अध्यक्षता देशबंधु चित्तरंजन दास ने की थी, जिसमें विधानमंडलों में प्रवेश के मुद्दे पर स्वराज पार्टी के गठन की रूपरेखा तैयार की गई थी और बिहार के नेताओं ने इसमें सक्रिय भूमिका निभाई थी।
4. वर्ष 1934 में पटना में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के ऐतिहासिक अधिवेशन के दौरान ही औपचारिक रूप से 'कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी' (CSP) की स्थापना की गई थी, जिसके प्रथम अध्यक्ष जयप्रकाश नारायण और प्रथम सचिव आचार्य नरेंद्र देव बनाए गए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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किस तापमान पर सेल्सियस और फारेनहाइट पैमाने मेल खाते है?
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यह कथन किसने कहा था कि "रॉलेट एक्ट निवारक हत्या है"?
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भारतीय संविधान के भाग I (संघ और उसका राज्यक्षेत्र) के अंतर्गत अनुच्छेद 1 से 4 तक के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 1 के अनुसार भारत यानी 'इंडिया' राज्यों का संघ (Union of States) है, न कि राज्यों का फेडरेशन (Federation of States), और इस शब्दावली का चयन डॉ. बी.आर. अंबेडकर के अनुसार इस तथ्य को स्पष्ट करने के लिए किया गया था कि भारतीय संघ राज्यों के बीच किसी समझौते का परिणाम नहीं है और किसी भी राज्य को संघ से अलग होने का अधिकार नहीं है।
2. अनुच्छेद 2 संसद को यह शक्ति प्रदान करती है कि वह विधि द्वारा ऐसे निबंधनों और शर्तों पर, जो वह ठीक समझे, संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना कर सकती है, तथा इसके अंतर्गत विदेशी भू-भाग का अधिग्रहण करके उसे भारत में शामिल करने की शक्ति भी निहित है।
3. नए राज्यों के निर्माण, वर्तमान राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन से संबंधित कोई भी विधेयक (अनुच्छेद 3 के तहत) राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश के बिना संसद के किसी भी सदन में पुनरुस्थापित नहीं किया जा सकता, और राष्ट्रपति के लिए यह अनिवार्य है कि वह ऐसा विधेयक संबंधित राज्य विधानमंडल के पास उसके विचार जानने के लिए भेजे, तथा राज्य विधानमंडल द्वारा दी गई सिफारिश या राय को मानना राष्ट्रपति और संसद दोनों के लिए संवैधानिक रूप से बाध्यकारी होता है।
4. अनुच्छेद 4 के प्रावधानों के तहत किसी नए राज्य के प्रवेश या गठन तथा सीमा परिवर्तन (अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के अंतर्गत किए गए कार्य) को संविधान के अनुच्छेद 368 के प्रयोजनों के लिए 'संविधान संशोधन' नहीं माना जाएगा, अर्थात ऐसे कानूनों को संसद द्वारा साधारण बहुमत (Simple Majority) से पारित किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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