BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

BPSC TRE 4.0
8 views

भौतिकी के विविध परिप्रेक्ष्य में विभिन्न भौतिक राशियों, उनके मापन यंत्रों, तथा उनसे जुड़े नियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'टैकोमीटर' (Tachometer) एक ऐसा घूर्णन मापी यंत्र है जिसका उपयोग किसी शाफ्ट या मोटर की घूर्णन गति (RPM - Revolutions Per Minute) को मापने के लिए किया जाता है, जबकि 'पायरोमीटर' (Pyrometer) अत्यधिक उच्च तापमान (जैसे सूर्य या भट्टी का तापमान) को मापने के लिए विकिरण के सिद्धांत पर कार्य करता है।
  2. 2. 'रामान प्रभाव' (Raman Effect) के अनुसार, जब प्रकाश किसी पारदर्शी माध्यम (ठोस, द्रव या गैस) से गुजरता है, तो उसका एक अंश प्रकीर्णन (Scattering) के दौरान अपनी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) में परिवर्तन कर लेता है, जिसकी खोज के लिए सी.वी. रमन को वर्ष 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था।
  3. 3. 'क्यूरी' (Curie) तापमान वह विशिष्ट तापमान है जिसके ऊपर जाने पर कोईलौह-चुंबकीय (Ferromagnetic) पदार्थ अपने चुंबकीय गुण खो देता है और एक अनुचुंबकीय (Paramagnetic) पदार्थ में परिवर्तित हो जाता है।
  4. 4. 'सुपरकंडक्टिविटी' (अतिचालकता) की खोज हेइके कामरलिंग ओन्स (Heike Kamerlingh Onnes) द्वारा की गई थी, जिसमें किसी पदार्थ का विद्युत प्रतिरोध अत्यधिक उच्च तापमान पर अनंत हो जाता है और वह संपूर्ण चुंबकीय क्षेत्र को बाहर कर देता है जिसे 'माइसनर प्रभाव' कहते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। टैकोमीटर घूर्णन गति मापता है और पायरोमीटर उच्च तापमान मापने के लिए विकिरण का उपयोग करता है। सी.वी. रमन को रामान प्रभाव के लिए 1930 में नोबेल पुरस्कार मिला था। क्यूरी तापमान वह सीमा है जहाँ लौह-चुंबकीय पदार्थ अनुचुंबकीय बन जाते हैं। कथन 4 असत्य है क्योंकि अतिचालकता (Superconductivity) की स्थिति में पदार्थ का विद्युत प्रतिरोध शून्य (0) हो जाता है, न कि अनंत। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Share:

Related Questions

केप्लर के ग्रहों की गति के नियमों और गुरुत्वाकर्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. केप्लर का द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) इस बात का परिणाम है कि केंद्रीय बलों के अधीन गति में कोणीय संवेग (Angular Momentum) संरक्षित रहता है। 2. किसी ग्रह की कक्षीय चाल सूर्य से उसकी दूरी के व्युत्क्रमानुपाती होती है, अर्थात् ग्रह जब सूर्य के सबसे निकट (उपसौर या Perihelion) होता है, तब उसकी चाल न्यूनतम होती है। 3. सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक ($G$) का मान केवल द्रव्यमान की प्रकृति पर निर्भर करता है और यह ब्रह्मांड में किसी भी स्थान या माध्यम पर जाने से परिवर्तित हो जाता है। 4. यदि पृथ्वी और सूर्य के बीच की वर्तमान दूरी घटकर आधी रह जाए, तो वर्ष की अवधि (परिक्रमण काल) वर्तमान मान की एक-चौथाई रह जाएगी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? हल्दी की किस्म ‘राजेंद्र सोनिया’, जो हाल ही में चर्चा में रही है, बिहार के किस जिले में उगाई जाती है? लॉर्ड डलहौजी की किस नीति ने विद्रोह के लिए आधार तैयार किया? बिहार के जनजातीय आंदोलनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1855-56 के 'संथाल हूल' (विद्रोह) के दौरान संथाल विद्रोहियों ने ब्रिटिश शासन, साहूकारों (दीकू) और जमींदारों के शोषण के विरुद्ध पारंपरिक हथियारों के साथ सशस्त्र संघर्ष का आह्वान किया था, जिसके परिणामस्वरूप बाद में 'संथाल परगना टेनेंसी एक्ट' (SPTA) पारित किया गया था। 2. बिरसा मुंडा के नेतृत्व में वर्ष 1899-1900 में हुए 'उलगुलान' (महान हलचल) का मुख्य उद्देश्य 'मुंडा राज' की स्थापना करना था, जिसमें अंधविश्वासों, पशुबलि और शराबखोरी का कड़ा विरोध करते हुए एक नैतिक समाज के निर्माण पर बल दिया गया था। 3. जतरा भगत के नेतृत्व में वर्ष 1914 में प्रारंभ हुआ 'ताना भगत आंदोलन' उरांव जनजाति का एक अहिंसक और सुधारवादी आंदोलन था, जिन्होंने अंग्रेजों को भू-राजस्व देने से इंकार कर दिया था और बाद में असहयोग आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी के साथ सक्रिय रूप से जुड़े थे। 4. पहाड़िया विद्रोह, जो राजमहल की पहाड़ियों के क्षेत्र में महतो और पहाड़िया सरदारों द्वारा ब्रिटिश भू-राजस्व नीतियों के खिलाफ किया गया था, एक पूर्णतः स्थायी और सफल सुधारवादी आंदोलन साबित हुआ था जिसने ब्रिटिश साम्राज्य को अपनी नीतियां हमेशा के लिए समाप्त करने पर मजबूर कर दिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? बिहार में ई-शासन (e-Governance) को बढ़ावा देने तथा डिजिटल पहलों के विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बिहार सरकार द्वारा भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण के लिए 'बिहार भूमि' (Biharbhoomi) पोर्टल की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से नागरिक ऑनलाइन दाखिल-खारिज (Mutation), भू-लगान भुगतान और अपनी जमीन के रिकॉर्ड (रजिस्टर-2) की जाँच घर बैठे कर सकते हैं। 2. राज्य के विद्यालयों में पारदर्शिता लाने और छात्रों तथा शिक्षकों की उपस्थिति की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए शिक्षा विभाग द्वारा 'ई-शिक्षाकोष' (E-Shikshakosh) पोर्टल विकसित किया गया है, जो राज्य की संपूर्ण स्कूली शिक्षा प्रणाली को डिजिटल रूप से एकीकृत करता है। 3. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा उम्मीदवारों के सुगम पंजीकरण के लिए शुरू किया गया 'परीक्षा पोर्टल' पूरी तरह से केंद्र सरकार के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) से स्वतंत्र है और इसमें क्लाउड स्टोरेज का उपयोग नहीं किया जाता है। 4. पंचायती राज संस्थाओं और ग्रामीण विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 'ई-ग्राम स्वराज' पोर्टल के साथ राज्य की ग्राम पंचायतों के डिजिटल वित्तीय प्रबंधन को जोड़ा गया है, जिससे विकास कार्यों की ऑनलाइन ट्रैकिंग आसान हुई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.