रचनावाद एवं अन्य अधिगम सिद्धांत
Asked 2 months ago · Viewed 21 times
सत्रहवीं शताब्दी के दौरान भारत में यूरोपीय वाणिज्यिक कंपनियों के आगमन, उनकी व्यापारिक नीतियों और बस्तियों की स्थापना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. पुर्तगालियों के बाद भारत आने वाली दूसरी यूरोपीय शक्ति डच ईस्ट इंडिया कंपनी (VOC) थी, जिसने वर्ष 1605 में मसूलीपट्टनम में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की थी और उन्होंने भारतीय वस्त्रों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार का प्रमुख वस्तु बनाया।
- 2. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को वर्ष 1600 में ब्रिटेन की रानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा दिए गए शाही चार्टर (Royal Charter) के माध्यम से केवल 15 वर्षों के लिए पूर्व के साथ व्यापार करने का एकाधिकार मिला था, जिसे बाद में जेम्स प्रथम द्वारा 1609 में अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया गया था।
- 3. फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना जीन-बैप्टिस्ट कोल्बर्ट की प्रेरणा से 1664 में लुई चौदहवें के शासनकाल में हुई थी, और फ्रांसिस कैरो ने 1668 में सूरत में फ्रांसीसी कंपनी की पहली फैक्ट्री स्थापित की थी।
- 4. डेनिश (डेनमार्क) ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपनी पहली फैक्ट्री वर्ष 1620 में तंजौर जिले के ट्रेंक्यूबार (Tranquebar) में स्थापित की थी, किंतु वे भारत में अपने व्यापारिक प्रभाव को अधिक समय तक स्थायित्व नहीं दे पाए और अंततः अपनी सभी फैक्ट्रियों को अंग्रेजों को बेचकर स्वदेश लौट गए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। सत्रहवीं शताब्दी की शुरुआत में यूरोपीय वाणिज्यिक कंपनियों का भारत आगमन व्यापारिक प्रभुत्व स्थापित करने की होड़ के साथ शुरू हुआ था। डचों ने 1605 में मसूलीपट्टनम में फैक्ट्री लगाई, ब्रिटिश कंपनी को 1600 के चार्टर द्वारा प्रारंभिक 15 वर्षों का एकाधिकार मिला जिसे बाद में जेम्स प्रथम ने अनिश्चितकाल के लिए विस्तारित किया, फ्रांसीसियों ने 1664 में कोल्बर्ट के प्रयासों से कंपनी स्थापित कर 1668 में सूरत में पहली फैक्ट्री खोली, और डेनिशों ने 1620 में ट्रेंक्यूबार में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की थी। ऐसी ही बेहतरीन अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
अगला प्रश्न →
सत्रहवीं शताब्दी में भारत आने वाली विभिन्न यूरोपीय वाणिज्यिक कंपनियों और उनके…
← पिछला प्रश्न
प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण में…
Related Questions
→
'समावेशी शिक्षा और विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (Inclusive Education and Children with Special Needs)' के संदर्भ में, निकोलस हॉब्स (Nicholas Hobbs) द्वारा प्रतिपादित 'पारिस्थितिकीय सिद्धांत (Ecological Systems Theory) का विशेष शिक्षा में अनुप्रयोग' के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'इंसुला' (Insula), और 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्カス' (Superior Temporal Sulcus - STS) के बीच सामाजिक संज्ञान, पर्यावरणीय अनुकूलन और न्यूरोडाइवर्सिटी (Neurodiversity) प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा उता फ्रिथ (Uta Frith) द्वारा प्रतिपादित 'ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार (ASD) का न्यूरो-कोग्निटिव माइंडब्लाइंडनेस मॉडल (Mindblindness Model - Theory of Mind)' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग (UDL: Universal Design for Learning) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक नियमन, सामाजिक सहभागिता व सर्वांगीण समावेशन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के अनुसार प्राथमिक स्तर पर गणित शिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों में 'गणितीयकरण' (Mathematization) की क्षमता का विकास करना है। इस संदर्भ में RTE Act 2009 की धारा 29 के प्रावधानों के साथ मिलकर निम्नलिखित में से कौन सी शिक्षण पद्धति इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए सबसे अधिक प्रासंगिक है?
→
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act, 2009) किस आयु वर्ग के बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा की गारंटी देता है?
→
अधिगम प्रक्रिया के दौरान आने वाले 'पठार' (Plateaus in Learning) के संदर्भ में, ब्रायन और हार्कर (Bryan & Harter) के प्रयोगों तथा आधुनिक मनोवैज्ञानिक विश्लेषणों के आधार पर निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस परिघटना के कारणों और उसके निवारण के संबंध में सर्वाधिक वैज्ञानिक एवं सटीक है?
→
कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी अधिगम सिद्धांत' (Humanistic Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अनुभवात्मक अधिगम या एक्सपीरिएंशियल लर्निंग' (Experiential Learning)**—जिसे उस सक्रिय और अर्थपूर्ण अधिगम प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी केवल तथ्यों को रटने के बजाय प्रत्यक्ष अनुभवों, व्यक्तिगत सहभागिता और अपनी भावनाओं को विषयवस्तु के साथ जोड़कर ज्ञान का निर्माण करता है, जिसमें शिक्षक एक 'सुगमकर्ता' (Facilitator) की भूमिका निभाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के व्यक्तिगत विकास, आंतरिक प्रेरणा और स्व-निर्देशित अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अग्रिम संगठन या एडवांस ऑर्गेनाइज़र' (Advance Organizer)**—जिसे उस pedagogical उपकरण के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसे मुख्य विषयवस्तु या नवीन पाठ को पढ़ाने से ठीक पहले एक परिचयात्मक, उच्च-स्तरीय और समावेशी रूपरेखा (framework) के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, ताकि यह शिक्षार्थियों के मस्तिष्क में पहले से मौजूद प्रासंगिक ज्ञान (Cognitive Structure) के साथ नए आने वाले डेटा को 'सबज्यूम' (Subsume / आत्मसात) करने में एक वैचारिक सेतु का कार्य कर सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पूर्व-ज्ञान के सक्रियीकरण (Activation of Prior Knowledge), संज्ञानात्मक समावेश और सार्थक ज्ञान-संरचना के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में 'रचनावादी उपागम' (Constructivist Approach) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सी शिक्षण तकनीक छात्रों में पर्यावरण संबंधी स्थानीय मुद्दों पर आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking) और समस्या-समाधान कौशल को विकसित करने के लिए सबसे अधिक प्रभावी मानी जाती है?
→
बाल केंद्रित शिक्षा (Child-Centric Education) के अंतर्गत, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में 'रचनावादी उपागम' (Constructivist Approach) का पालन करते हुए एक शिक्षक को विद्यार्थियों के पूर्व ज्ञान का आकलन किस प्रकार करना चाहिए और यह कक्षा में ज्ञान के निर्माण में कैसे सहायता करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.