बिहार में हाल ही में शुरू की गई 'मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना' और स्टार्टअप नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को नया उद्योग या व्यवसाय शुरू करने के लिए कुल 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें 5 लाख रुपये अनुदान (Subsidy) के रूप में और शेष 5 लाख रुपये ब्याज-मुक्त ऋण (Interest-free loan) के रूप में होते हैं जिसे 84 किस्तों में वापस करना होता है।
- 2. 'बिहार स्टार्टअप नीति' के तहत स्टार्टअप्स को सीड फंडिंग के रूप में अधिकतम 10 लाख रुपये तक की राशि बिना किसी ब्याज के 10 वर्षों के लिए प्रदान की जाती है, और महिला उद्यमियों के नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को अतिरिक्त 5% 'सीड फंड' प्रोत्साहन के रूप में दिया जाता है।
- 3. इस योजना के क्रियान्वयन के लिए 'बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन' (BIA) को नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो सीधे तौर पर लाभार्थियों के चयन से लेकर उनके तकनीकी प्रशिक्षण और मॉनिटरिंग का कार्य करती है।
- 4. बिहार सरकार के उद्योग विभाग द्वारा इस योजना के सुचारू संचालन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 'उद्यमी बिहार' (Udyami Bihar) नामक एक विशेष मोबाइल ऐप और पोर्टल लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से आवेदक ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेजों का सत्यापन कर सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Detailed Explanation
कथन 1 और 2 सत्य हैं। 'मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना' के अंतर्गत महिलाओं को 10 लाख रुपये तक की कुल सहायता मिलती है जिसमें 5 लाख अनुदान और 5 लाख ब्याज-मुक्त ऋण (0% ब्याज, 84 किस्तों में वापसी) शामिल है। बिहार स्टार्टअप नीति के तहत 10 लाख तक का सीड फंड बिना ब्याज के 10 वर्षों के लिए दिया जाता है और महिला उद्यमियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलता है। कथन 3 गलत है क्योंकि इसकी नोडल एजेंसी उद्योग विभाग, बिहार सरकार के अंतर्गत 'बिहार राज्य सहकारिता विकास निगम' या 'उद्योग निदेशक' कार्यालय है, न कि BIA। कथन 4 आंशिक रूप से गलत है क्योंकि इसके लिए आधिकारिक पोर्टल 'उद्योग विभाग, बिहार सरकार' (startup.bihar.gov.in या udyami.bihar.gov.in) है, न कि 'उद्यमी बिहार' नाम का कोई विशिष्ट ऐप। अधिक विस्तृत अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।