BPSC TRE 4.0
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बिहार के राजनीतिक, विधायी और प्रशासनिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) भारत के उन छह राज्यों की विधान परिषदों में से एक है जो द्विसदनीय व्यवस्था का हिस्सा हैं, और इसके सदस्यों का निर्वाचन विभिन्न निर्वाचक मंडलों जैसे स्थानीय निकायों, स्नातकों, शिक्षकों और विधानसभा के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा होता है।
- 2. बिहार के प्रशासनिक ढांचे में 'बिहार लोक सेवा आयोग' (BPSC) एक संवैधानिक निकाय है जिसका उल्लेख भारतीय संविधान के अनुच्छेद 315 से 323 के अंतर्गत किया गया है, जिसके अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है, किंतु उन्हें हटाने की शक्ति केवल राष्ट्रपति के पास होती है।
- 3. राज्य में पंचायती राज व्यवस्था को त्रिस्तरीय रूप में लागू किया गया है, जिसके तहत ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद आते हैं, तथा बिहार देश का ऐसा पहला राज्य बना जिसने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की थी।
- 4. बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन (BRAMS) के अंतर्गत राज्य में 'बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011' (Right to Public Services Act) लागू किया गया, जिसके तहत नागरिकों को तय समय-सीमा के भीतर लोक सेवाएं प्राप्त करने का कानूनी अधिकार दिया गया है और इसमें विफल रहने पर लोक पदाधिकारियों पर अर्थदंड लगाने का प्रावधान है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बिहार की राजनीति और प्रशासनिक परिदृश्य के संदर्भ में दिए गए सभी चारों कथन पूर्णतः सत्य हैं। (1) बिहार विधान परिषद एक उच्च सदन है जिसके सदस्यों का चुनाव अनुच्छेद 171 के तहत विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों से होता है। (2) BPSC एक संवैधानिक निकाय है (अनुच्छेद 315-323); नियुक्ति राज्यपाल करते हैं लेकिन संविधान के अनुच्छेद 317 के अनुसार इन्हें हटाने की शक्ति केवल भारत के राष्ट्रपति के पास होती है। (3) बिहार पंचायती राज अधिनियम, 2006 के तहत स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50% आरक्षण देने वाला बिहार देश का पहला राज्य बना। (4) 'बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011' नागरिकों को समयबद्ध प्रशासनिक सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था। ऐसी ही उत्कृष्ट और परीक्षा-उन्मुख अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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क्वांटम कंप्यूटिंग (Quantum Computing) और नैनो टेक्नोलॉजी के आधुनिक अनुप्रयोगों तथा वैज्ञानिक सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्वांटम कंप्यूटर पारंपरिक कंप्यूटरों के 'बिट्स' (0 और 1) के विपरीत 'क्यूबिट्स' (Qubits) का उपयोग करते हैं, जो एक साथ 'सुपरपोजिशन' (Superposition) और 'एंटैंगलमेंट' (Entanglement) के सिद्धांतों पर कार्य करते हैं, जिससे उनकी प्रोसेसिंग क्षमता में अत्यधिक वृद्धि होती है।
2. क्वांटम सुप्रीमेसी (Quantum Supremacy) वह स्थिति है जब एक क्वांटम कंप्यूटर किसी ऐसी जटिल गणना को सफलतापूर्वक हल कर लेता है जिसे दुनिया के सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर द्वारा भी व्यावहारिक समय में हल करना असंभव या अत्यधिक कठिन होता है।
3. नैनो टेक्नोलॉजी के अंतर्गत 'कार्बन नैनोट्यूब' (Carbon Nanotubes) का उपयोग केवल चिकित्सा क्षेत्र में दवा वितरण (Drug Delivery) के लिए किया जाता है, और इनका उपयोग किसी भी स्थिति में उच्च शक्ति वाले कंडक्टर या स्ट्रक्चरल कंपोजिट सामग्री के निर्माण के लिए नहीं किया जा सकता है।
4. क्वांटम क्रिप्टोग्राफी (Quantum Cryptography) का उपयोग अत्यधिक सुरक्षित संचार प्रणालियों के निर्माण के लिए किया जाता है, क्योंकि इसमें हाइजेनबर्ग के अनिश्चितता सिद्धांत (Heisenberg's Uncertainty Principle) के कारण डेटा को बिना किसी पहचान के इंटरसेप्ट या डिकोड करना असंभव हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार के प्रमुख उद्योग, खनिज संसाधनों तथा ऊर्जा अवसंरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार के कैमूर और रोहतास जिलों में चूना पत्थर (Limestone) के विशाल भंडार पाए जाते हैं, जो राज्य के सीमेंट उद्योगों (जैसे डालमियानगर) के लिए मुख्य कच्चे माल के रूप में कार्य करते हैं।
2. बरौनी रिफाइनरी (Bokaro / Barauni) भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की एक प्रमुख तेल शोधक कारखाना है, जिसे सोवियत संघ (USSR) के तकनीकी सहयोग से स्थापित किया गया था और यह असम के तेल क्षेत्रों से कच्चे तेल की प्राप्ति करती है।
3. बिहार में खनिज संसाधनों के अभाव के कारण देश के कुल खनिज उत्पादन का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा अकेले बिहार राज्य से प्राप्त होता है, और दक्षिण बिहार का क्षेत्र तांबा एवं अभ्रक के उत्पादन में देश में प्रथम स्थान रखता है।
4. नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के अंतर्गत बिहार के बांका और कैमूर जिलों में सौर ऊर्जा (Solar Energy) परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है, तथा ककोलत जलप्रपात और राज्यों की अन्य जलधाराओं पर लघु जलविद्युत परियोजनाओं की स्थापना की जा रही है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत संघ की न्यायपालिका (उच्चतम न्यायालय) और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 148 के तहत नियुक्त भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को उसके पद से उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश को हटाया जाता है।
2. उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों और सीएजी (CAG) दोनों के वेतन, भत्ते और पेंशन भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) पर भारित (Charged) होते हैं, जिन पर संसद के दोनों सदनों में मतदान किया जा सकता है।
3. भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक सेवानिवृत्ति के पश्चात भारत सरकार या किसी भी राज्य सरकार के अधीन किसी भी प्रकार के लाभ के पद (Office of Profit) का पात्र नहीं होता है, जबकि उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश कुछ विशिष्ट शर्तों के तहत मध्यस्थता या आयोगों के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर सकते हैं।
4. उच्चतम न्यायालय की आरंभिक (Original) अधिकारिता के अंतर्गत केंद्र और एक या अधिक राज्यों के बीच या दो या अधिक राज्यों के बीच उत्पन्न होने वाले विवाद आते हैं, किंतु इसमें किसी नागरिक द्वारा सरकार के खिलाफ लाए गए संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन के मुकदमे शामिल नहीं होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार की बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं और उनसे लाभान्वित क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोसी परियोजना, जो भारत और नेपाल की एक संयुक्त बहुउद्देशीय परियोजना है, के तहत हनुमाननगर में एक बराज का निर्माण किया गया है, और इसे 'बिहार का शोक' कही जाने वाली इस नदी के नियंत्रण के लिए मुख्य रूप से डिगरा और नेपाल के क्षेत्रों में प्रबंधित किया जाता है।
2. गंडक परियोजना (जिसे वाल्मीकि नगर बराज परियोजना भी कहा जाता है) भारत और नेपाल के बीच एक समझौता है, जिसके अंतर्गत त्रिवेणी घाट पर बराज का निर्माण कर पूर्वी और पश्चिमी गंडक नहर प्रणालियों से बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों को भी सिंचाई क्षमता प्रदान की जाती है।
3. सोन नहर प्रणाली (Sone Canal System) बिहार की सबसे प्राचीन नहर प्रणालियों में से एक है, जिसकी शुरुआत ब्रिटिश काल में डेहरी-ऑन-सोने (रोहतास) में बराज बनाकर की गई थी, और यह सोन नदी के पूर्वी तथा पश्चिमी तटों से भोजपुर, रोहतास, औरंगाबाद और पटना जिलों के कृषि क्षेत्रों को जल उपलब्ध कराती है।
4. बड़ुआ और नर्तकी बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजनाएँ मुख्य रूप से उत्तर बिहार के बाढ़-प्रवण जिलों (जैसे मधुबनी और सीतामढ़ी) में भूजल स्तर को बढ़ाने और जल विद्युत उत्पादन के लिए हाल ही में राष्ट्रीय सिंचाई विकास कार्यक्रम के तहत पूरी तरह से केंद्रीय सहायता से पूर्ण की गई हैं।
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बिहार में भीम बांध वन्यजीव अभ्यारण्य किस जिले में है?
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