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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान की उद्देशिका (Preamble) तथा संघ एवं राज्य क्षेत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान की उद्देशिका में अब तक केवल एक बार वर्ष 1976 के 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संशोधन किया गया है, जिसके माध्यम से इसमें 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे, और उद्देशिका न्यायालय में न्यायोछित (Justiciable) नहीं है।
- 2. भारतीय संविधान के भाग-I के अंतर्गत अनुच्छेद 3 संसद को यह अधिकार देता है कि वह विधि द्वारा किसी राज्य के क्षेत्रफल को बढ़ा सकती है, घटा सकती है, उसके नाम या सीमा में परिवर्तन कर सकती है, और इसके लिए संबंधित राज्य विधानमंडल की पूर्व सहमति होना अनिवार्य है।
- 3. रियासतों के एकीकरण के दौरान जूनागढ़ रियासत को जनमत संग्रह (Referendum) के माध्यम से, हैदराबाद को 'ऑपरेशन पोलो' (सैन्य कार्रवाई) के माध्यम से, तथा कश्मीर को विलय पत्र (Instrument of Accession) के माध्यम से भारतीय संघ में शामिल किया गया था।
- 4. भाषाई आधार पर राज्यों के पुनठन के लिए गठित 'धर आयोग' (1948) और 'जेवीपी समिति' (1948-49) दोनों ने ही भाषाई पुनर्गठन के सिद्धांत को सिरे से खारिज करते हुए प्रशासनिक सुविधा को राज्यों के गठन का मुख्य आधार बनाने की संस्तुति की थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि उद्देशिका में अब तक केवल 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा एक बार संशोधन किया गया है और यह गैर-न्यायोछित है। कथन 2 असत्य है क्योंकि अनुच्छेद 3 के तहत नए राज्यों के निर्माण या सीमा परिवर्तन के लिए राष्ट्रपति द्वारा राज्य विधानमंडल के पास विधेयक भेजा जाता है, किंतु विधानमंडल की राय को मानना संसद के लिए बाध्यकारी नहीं है और इसके लिए राज्य की पूर्व सहमति अनिवार्य नहीं है। कथन 3 सत्य है, जूनागढ़ जनमत संग्रह, हैदराबाद पुलिस कार्रवाई (ऑपरेशन पोलो) और कश्मीर विलय पत्र से मिला। कथन 4 सत्य है, धर आयोग और जेवीपी समिति दोनों ने भाषा के बजाय प्रशासनिक सुविधा और वित्तीय आत्मनिर्भरता को राज्यों के पुनर्गठन का आधार माना था। इस तरह के महत्वपूर्ण प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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निम्नलिखित में से किन ग्रंथों को UNESCO के ‘मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर’ में शामिल किया गया है?
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भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की विभिन्न समितियों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान सभा द्वारा संविधान के निर्माण हेतु कुल प्रमुख और गौण (Minor) समितियों का गठन किया गया था, जिसमें डॉ. बी.आर. अंबेडकर की अध्यक्षता वाली 'प्रारूप समिति' (Drafting Committee) सबसे महत्वपूर्ण थी, जिसे 29 अगस्त 1947 को नियुक्त किया गया था और इसमें अध्यक्ष सहित कुल 7 सदस्य शामिल थे।
2. प्रांतीय संविधान समिति (Provincial Constitution Committee) और संघ शक्ति समिति (Union Powers Committee) के अध्यक्ष क्रमशः सरदार वल्लभभाई पटेल और जवाहरलाल नेहरू थे, जबकि 'मौलिक अधिकारों एवं अल्पसंख्यकों पर सलाहकार समिति' (Advisory Committee on Fundamental Rights and Minorities) के अध्यक्ष भी सरदार वल्लभभाई पटेल ही थे।
3. संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार (Constitutional Advisor) के रूप में सर बी.एन. राऊ (B.N. Rau) ने कार्य किया था, जिन्होंने संविधान का पहला प्रारूप तैयार किया था जिस पर डॉ. अंबेडकर की प्रारूप समिति ने विचार-विमर्श किया था।
4. संविधान सभा द्वारा संविधान को अंतिम रूप देने और उस पर हस्ताक्षर करने के लिए अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को आयोजित की गई थी, जिसमें संविधान सभा के सदस्यों द्वारा संविधान की तीन प्रतियों (दो अंग्रेजी और एक हिंदी) पर हस्ताक्षर किए गए थे, और उसी दिन संविधान सभा का अस्तित्व समाप्त होकर वह अंतरिम संसद में परिवर्तित हो गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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आनुवंशिकी और विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रेगर जॉन मेंडल ने मटर के पौधे (पाइसम सेटिवम) पर अपने प्रयोगों के आधार पर वंशागति के दो मुख्य नियमों — पृथक्करण का नियम (Law of Segregation) और स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम (Law of Independent Assortment) — का प्रतिपादन किया, जिसमें स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम एकसंकर संकरण (Monohybrid Cross) पर आधारित है।
2. हार्डी-वेनबर्ग साम्य् (Hardy-Weinberg Equilibrium) के सिद्धांत के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संभोग करने वाले जनसंख्या में जीन आवृत्तियाँ और एलील आवृत्तियाँ पीढ़ियों दर पीढ़ियाँ स्थिर रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, जीन प्रवासन और आनुवंशिक विचलन जैसे विकासवादी कारक कार्य न कर रहे हों।
3. लैमार्कवाद (Lamarckism) का मूल सिद्धांत 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of Acquired Characters) है, जिसके अनुसार जीवनकाल में जीवों द्वारा अर्जित शारीरिक परिवर्तन अगली पीढ़ी में वंशागत होते हैं, जिसका खंडन वीज़मैन (Weismann) द्वारा अपने जर्मप्लासम सिद्धांत (Germplasm Theory) के माध्यम से किया गया था।
4. समजात अंग (Homologous Organs) वे अंग होते हैं जिनकी उत्पत्ति और मूल संरचना समान होती है किंतु उनके कार्य भिन्न होते हैं, जो अपसारी विकास (Divergent Evolution) का एक स्पष्ट उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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स्वामी सहजानंद किसके नेता थे?
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निम्नलिखित पुस्तकों एवं उनके लेखकों के संदर्भ में कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
1. 'द मैन हू न्यू इनफिनिटी' (The Man Who Knew Infinity) — रॉबर्ट कनीगल (Robert Kanigel)
2. 'इंडिया डिवाइडेड' (India Divided) — डॉ. राजेंद्र प्रसाद
3. 'पावर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया' — दादाभाई नौरोजी
4. 'गीता रहस्य' — महात्मा गांधी
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