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पादप आकारिकी (Plant Morphology) और पौधों में जनन (Plant Reproduction) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि इन्हें भूमि पर जीवित रहने के लिए जल की आवश्यकता नहीं होती, किंतु निषेचन प्रक्रिया पूरी करने के लिए जल अनिवार्य होता है, तथा इनकी मुख्य पादप काय अगुणित (Gametophyte) होती है।
  2. 2. आवृत्तबीजी (Angiosperms) पौधों में दोहरा निषेचन (Double Fertilization) एक विशिष्ट लक्षण है, जिसमें एक नर युग्मकमक अंड कोशिका के साथ संलयन कर युग्मनज (Zygote) बनाता है, जबकि दूसरा नर युग्मकमक द्वितीयक केंद्रक के साथ संलयन कर त्रिगुणित (Triploid) प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक का निर्माण करता है।
  3. 3. जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms) यानी अनावृतबीजी पौधों में बीज नग्न (Uncovered) होते हैं क्योंकि इनमें अंडाशय (Ovary) अनुपस्थित होता है, और इनमें परागण प्रत्यक्ष रूप से बीजांड के छिद्र (Micropyle) पर वायु द्वारा होता है।
  4. 4. पुष्प के कृत्रिम संकरण (Artificial Hybridization) के दौरान उभयलिंगी पुष्प से परागकोषों को परिपक्व होने से पहले ही हटाने की प्रक्रिया को 'विपुंसन' (Emasculation) कहा जाता है, जिसके पश्चात पुष्प को बटर पेपर की थैली से ढंक दिया जाता है जिसे 'बैगिंग' कहते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का उभयचर इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे मिट्टी में तो जीवित रह सकते हैं, किंतु लैंगिक जनन के लिए उन्हें जल की 'निश्चित' आवश्यकता होती है (नर युग्मकों को तैरकर स्त्रीकेसर तक पहुँचने के लिए जल चाहिए)। कथन 2, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। आवृत्तबीजी में दोहरा निषेचन होता है, जिम्नोस्पर्म में अंडाशय नहीं होता जिससे बीज नग्न होते हैं, और विपुंसन तथा बैगिंग पादप प्रजनन की मानक तकनीकें हैं। अधिक अभ्यास और अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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