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BPSC TRE 4.0
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बिहार की सिंचाई प्रणालियों और नदी घाटी परियोजनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. सोन नहर प्रणाली (Sone Canal System) बिहार की सबसे पुरानी और प्रमुख नहर प्रणालियों में से एक है, जिसकी शुरुआत डेहरी-ऑन-सोन से की गई थी और इसके माध्यम से मुख्य रूप से रोहतास, भोजपुर, औरंगाबाद तथा गया जिलों के कृषि क्षेत्रों में सिंचाई की जाती है।
- 2. गंडक परियोजना (Gandak Project), जो भारत और नेपाल की एक संयुक्त नदी घाटी परियोजना है, के अंतर्गत वाल्मीकि नगर (पश्चिम चंपारण) में एक बराज का निर्माण किया गया है, जिससे निकलने वाली पूर्वी गंडक नहर बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के भी कुछ जिलों को सिंचाई जल प्रदान करती है।
- 3. कोसी परियोजना, जिसे 'बिहार का शोक' कही जाने वाली नदी को नियंत्रित करने के लिए डिजाइन किया गया था, के तहत हनुमाननगर (नेपाल) में बराज बनाया गया है, किंतु यह परियोजना अपने मूल उद्देश्यों में विफल रही क्योंकि इससे पूर्वी कोसी मुख्य नहर क्षेत्र में जलभराव और लवणता की समस्या बिल्कुल उत्पन्न नहीं हुई है।
- 4. दुर्गावती जलाशय परियोजना (Durgavati Reservoir Project) कैमूर जिले की एक प्रमुख मध्यम सिंचाई परियोजना है, जो कर्मनाशा नदी की सहायक नदी दुर्गावती पर निर्मित है और इसके माध्यम से कैमूर तथा रोहतास के पठारी व असिंचित क्षेत्रों को सिंचाई की सुविधा मिलती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। सोन नहर प्रणाली बिहार की सबसे पुरानी नहर है जिसका निर्माण डेहरी में हुआ था। गंडक परियोजना भारत-नेपाल की संयुक्त परियोजना है जिससे दोनों राज्यों को लाभ मिलता है। दुर्गावती जलाशय परियोजना कैमूर जिले की एक महत्वपूर्ण मध्यम सिंचाई परियोजना है जो दुर्गावती नदी पर स्थित है। कथन 3 असत्य है क्योंकि कोसी नहर प्रणाली के कारण तराई और कमान क्षेत्रों में जलभराव (Waterlogging) और लवणता (Salinity) की गंभीर समस्या उत्पन्न हुई है। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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बिहार में हाल ही में शुरू की गई 'मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना' और स्टार्टअप नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को नया उद्योग या व्यवसाय शुरू करने के लिए कुल 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें 5 लाख रुपये अनुदान (Subsidy) के रूप में और शेष 5 लाख रुपये ब्याज-मुक्त ऋण (Interest-free loan) के रूप में होते हैं जिसे 84 किस्तों में वापस करना होता है।
2. 'बिहार स्टार्टअप नीति' के तहत स्टार्टअप्स को सीड फंडिंग के रूप में अधिकतम 10 लाख रुपये तक की राशि बिना किसी ब्याज के 10 वर्षों के लिए प्रदान की जाती है, और महिला उद्यमियों के नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को अतिरिक्त 5% 'सीड फंड' प्रोत्साहन के रूप में दिया जाता है।
3. इस योजना के क्रियान्वयन के लिए 'बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन' (BIA) को नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो सीधे तौर पर लाभार्थियों के चयन से लेकर उनके तकनीकी प्रशिक्षण और मॉनिटरिंग का कार्य करती है।
4. बिहार सरकार के उद्योग विभाग द्वारा इस योजना के सुचारू संचालन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 'उद्यमी बिहार' (Udyami Bihar) नामक एक विशेष मोबाइल ऐप और पोर्टल लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से आवेदक ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेजों का सत्यापन कर सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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सर्वप्रथम ब्रिटिश के विरुद्ध किस मुगल शासक ने संघर्ष किया था?
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मानव शरीर की सबसे छोटी हड्डी कौन सी है?
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भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और ऐतिहासिक अधिनियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1854 के 'वुड्स डिस्पैच' (Wood's Despatch), जिसे 'भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा' कहा जाता है, ने कलकत्ता, बंबई और मद्रास में लंदन विश्वविद्यालय के तर्ज पर विश्वविद्यालयों की स्थापना की सिफारिश की थी और जन-शिक्षा के प्रसार का दायित्व सरकार पर सौंपा था।
2. वर्ष 1882 में गठित 'हंटर शिक्षा आयोग' (Hunter Commission) का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा की प्रगति की समीक्षा करना था, और इसने प्राथमिक शिक्षा का नियंत्रण जिला और नगरपालिका बोर्डों (स्थानीय निकायों) को सौंपने की सिफारिश की थी।
3. वर्ष 1904 के 'भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम' के तहत विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण को कड़ा कर दिया गया, सीनेट के सदस्यों की संख्या सीमित कर दी गई और गवर्नर-जनरल को विश्वविद्यालयों के सीनेट द्वारा बनाए गए नियमों पर वीटो करने का अधिकार दिया गया।
4. वर्ष 1944 की 'सार्जेंट योजना' (Sergeant Plan), जो भारत में युद्धोत्तर शैक्षिक विकास की योजना थी, ने देश में 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य अगले 40 वर्षों के भीतर प्राप्त करने का प्रस्ताव रखा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार के भूगर्भिक इतिहास एवं शैलतंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण-पश्चिमी बिहार (कैमूर और रोहतास जिले) में पाई जाने वाली विंध्यन शैल समूह की चट्टानें मुख्य रूप से बलुआ पत्थर, चूना पत्थर और शेल से बनी हैं, जो सीमेंट और भवन निर्माण सामग्री के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
2. धारवाड़ शैल समूह की चट्टानें बिहार के दक्षिण-पूर्वी हिस्से (मुंगेर, जमुई और नवादा) में पाई जाती हैं, जो अत्यंत प्राचीन रूपांतरित चट्टानें हैं और इनमें खनिज भंडारों की प्रचुरता पाई जाती है।
3. राज्य के उत्तर-पश्चिमी भाग में हिमालयन उत्थान के परिणामस्वरुप टर्शरी (तृतीयक) कल्प की चट्टानें विशेषकर सोमेश्वर श्रेणी के क्षेत्र में विस्तृत हैं।
4. क्वाटरनरी (चतुर्थ कल्प) युग की जलोढ़ निक्षेप वाली चट्टानों का विस्तार गंगा के विशाल मैदानी भाग में पाया जाता है, जिनकी मोटाई दक्षिण से उत्तर की ओर जाने पर निरंतर घटती जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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