शिक्षा का अधिकार (RTE Act 2009)
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मानव शरीर के परिसंचरण तंत्र (Circulatory System) और रुधिर परिसंचरण की प्रक्रिया के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मानव हृदय एक पेशीय अंग है जो दोहरा परिसंचरण (Double Circulation) प्रदर्शित करता है, जिसमें ऑक्सीजनित (Oxygenated) और विऑक्सीजनित (Deoxygenated) रुधिर आपस में नहीं मिलते हैं क्योंकि हृदय चार कक्षों (दो आलिंद और दो निलय) में विभाजित होता है।
- 2. महाधमनी (Aorta) से निकलने वाला ऑक्सीजनित रक्त सबसे पहले दाहिने आलिंद (Right Atrium) में प्रवेश करता है, और वहाँ से त्रिवलनी कपाट (Tricuspid Valve) के माध्यम से दाहिने निलय में भेजा जाता है।
- 3. फुफ्फुस धमनी (Pulmonary Artery) एकमात्र ऐसी धमनी है जो हृदय के दाहिने निलय से विऑक्सीजनित रक्त को फेफड़ों तक ले जाती है, ताकि उसका शुद्धिकरण (Oxygenation) हो सके।
- 4. रुधिर दाब (Blood Pressure) को मापने के लिए स्फिग्मोमैनोमीटर (Sphygmomanometer) का उपयोग किया जाता है, जिसमें सामान्य स्वस्थ मनुष्य का प्रकुंचन दाब (Systolic Pressure) लगभग 120 mm Hg और अनुशिथिलन दाब (Diastolic Pressure) लगभग 80 mm Hg होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मानव शरीर के तंत्र के अंतर्गत परिसंचरण तंत्र एक अत्यंत महत्वपूर्ण टॉपिक है। कथन 1, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। मानव हृदय चार कक्षीय होता है जो दोहरा परिसंचरण दर्शाता है। फुफ्फुस धमनी (Pulmonary Artery) विऑक्सीजनित रक्त को फेफड़ों में ले जाती है और सामान्य रक्त दाब 120/80 mm Hg होता है। कथन 2 असत्य है क्योंकि महाधमनी से निकलने वाला शुद्ध रक्त सबसे पहले बाएं आलिंद (Left Atrium) में आता है, न कि दाहिने आलिंद में। इस प्रकार के उच्च स्तरीय प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के संस्तुतियों और निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29(2) के प्रावधानों का सूक्ष्मता से विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र को बढ़ावा देते हुए बच्चों के ज्ञान को उनके बाहरी जीवन से जोड़ता है, परीक्षा प्रणाली को लचीला बनाता है और संरागात्मक एवं संज्ञानात्मक विकास हेतु 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) को अनिवार्य रूप से लागू करता है, तो इन दोनों वैधानिक एवं शैक्षणिक दस्तावेजों के अंतर्संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के मूल दर्शन तथा नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक सामान्य विद्यालय में विभिन्न अक्षमताओं (जैसे दृष्टिबाधकता, श्रवणबाधकता, चलन दिव्यांगता और विशिष्ट अधिगम विकलांगता) से ग्रसित बच्चों के साथ-साथ सामाजिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि के बच्चों को भी एक ही छत के नीचे समान शैक्षणिक वातावरण प्रदान किया जा रहा है, तो इस समावेशी परिवेश में 'विभेदीकृत अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'सार्वभौमिक डिजाइन अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) के अनुप्रयोग के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मूल दर्शन तथा निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के विधिक प्रावधानों का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, यदि कोई विद्यालय बाल-केन्द्रित शिक्षा, ज्ञान को बाहरी जीवन से जोड़ने, रटने की प्रणाली से मुक्ति और सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) को लागू करते हुए प्रत्येक 6 से 14 वर्ष के बालक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए बाध्य है, तो इन दोनों दस्तावेजों के अंतर्संबंधों और शैक्षणिक निहितार्थों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मुख्य मार्गदर्शक सिद्धांतों तथा निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29 के प्रावधानों के आलोक में, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर पर 'पाठ्यचर्या और मूल्यांकन प्रणाली' के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा वैधानिक और शैक्षणिक निष्कर्ष सर्वाधिक तार्किक एवं सटीक है?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत प्रदत्त 'मूल अधिकार', 'राज्य के नीतिनिदेशक तत्व' (DPSP) तथा 'मूल कर्त्तव्य' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल अधिकार संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से प्रेरित हैं और ये मुख्य रूप से राजनीतिक लोकतंत्र की स्थापना करते हैं, जो वादयोग्य (Justiciable) होने के कारण न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय हैं।
2. आयरलैंड के संविधान से लिए गए राज्य के नीतिनिदेशक तत्व सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र को बढ़ावा देते हैं, तथा अनुच्छेद 37 के अनुसार ये देश के शासन में मौलिक होने के साथ-साथ किसी भी न्यायालय द्वारा अनिवार्य रूप से प्रवर्तनीय (Justiciable) हैं।
3. मूल कर्त्तव्य (अनुच्छेद 51A) को स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में जोड़ा गया था, और वर्तमान में संविधान में कुल 11 मूल कर्त्तव्य हैं जिन्हें रूस (तत्कालीन सोवियत संघ) के संविधान से लिया गया है।
4. अनुच्छेद 21 के अंतर्गत 'शिक्षा का अधिकार' मूल अधिकार है, जिसे 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा जोड़ा गया था; इसी संशोधन के तहत अनुच्छेद 45 की विषय-वस्तु को बदला गया तथा भाग-IVक में एक नया 11वां मूल कर्त्तव्य जोड़ा गया जो 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के माता-पिता या संरक्षण की जिम्मेदारी तय करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान में प्रदत्त मूल अधिकार, राज्य के नीतिनिदेशक तत्वों (DPSP) और मूल कर्तव्यों के अंतर्संबंधों तथा उनके न्यायिक पुनरावलोकन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केशवानंद भारती मामले (1973) के पश्चात न्यायपालिका ने यह स्पष्ट किया कि यद्यपि मौलिक अधिकार और नीतिनिदेशक तत्व एक-दूसरे के पूरक हैं, तथापि किसी भी स्थिति में संसद अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन करके नीतिनिदेशक तत्वों को लागू करने के लिए भाग III (मूल अधिकारों) के प्रावधानों को पूर्णतः निष्प्रभावी या समाप्त नहीं कर सकती यदि वह संविधान के 'मूल ढांचा' (Basic Structure) का उल्लंघन करता हो।
2. स्वर्ण सिंह समिति की संस्तुतियों के आधार पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में जोड़े गए अनुच्छेद 31-C के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया कि अनुच्छेद 39(b) और 39(c) में वर्णित नीतिनिदेशक तत्वों को प्रभावी बनाने के लिए बनाए गए किसी भी कानून को इस आधार पर शून्य घोषित नहीं किया जा सकता कि वह अनुच्छेद 14 या अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों का उल्लंघन करता है।
3. वर्ष 2002 में 86वें संविधान संशोधन अधिनियम के माध्यम से जोड़े गए 11वें मूल कर्तव्य (अनुच्छेद 51A(k)) के अंतर्गत 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के माता-पिता या संरक्षक का यह कर्तव्य बनाया गया कि वे अपने बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करें, तथा इसी संशोधन द्वारा संविधान में अनुच्छेद 21A जोड़कर शिक्षा के अधिकार को मौलिक अधिकार का दर्जा दिया गया।
4. मूल कर्तव्य, जो कि मुख्य रूप से आयरिश संविधान से प्रेरित होकर भारतीय संविधान के भाग IV-A में शामिल किए गए हैं, प्रकृति में न्यायोचित (Justiciable) हैं, अर्थात उनके उल्लंघन की स्थिति में देश के उच्च न्यायालयों या उच्चतम न्यायालय द्वारा रिट (Writ) जारी करके इन्हें प्रवर्तित कराया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत प्रदत्त मूल अधिकारों (Fundamental Rights), राज्य के नीतिनिदेशक तत्वों (DPSP) और मूल कर्तव्यों (Fundamental Duties) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के भाग III में वर्णित कुछ मूल अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को प्राप्त हैं (जैसे अनुच्छेद 15, 16, 19, 29 और 30), जबकि कुछ मूल अधिकार नागरिकों एवं विदेशियों (शत्रु देश के नागरिकों को छोड़कर) दोनों को उपलब्ध हैं।
2. राज्य के नीतिनिदेशक तत्व (भाग IV) न्यायोचित (Justiciable) प्रकृति के होते हैं, अर्थात् यदि राज्य इन्हें लागू नहीं करता है, तो नागरिक सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके इन्हें लागू करवाने के लिए बाह्य रूप से बाध्य कर सकते हैं।
3. सरदार स्वर्ण सिंह समिति की अनुशंसा पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान के भाग IV-क में अनुच्छेद 51ए के तहत मूल कर्तव्यों को जोड़ा गया था, जिन्हें मूल रूप से 10 से बढ़ाकर 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा 11 कर दिया गया है।
4. अनुच्छेद 21 के अंतर्गत 'शिक्षा का अधिकार' को न केवल मूल अधिकार के रूप में जोड़ा गया है, बल्कि इसे अनुच्छेद 51ए के तहत माता-पिता या संरक्षक का यह कर्तव्य भी बनाया गया है कि वे अपने 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करें।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A और 'शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), 2009' के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. RTE अधिनियम, 2009 के प्रावधानों के अनुसार, निजी स्कूलों (Private Schools) को भी अपनी प्रवेश क्षमता का न्यूनतम 25% हिस्सा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और disadvantaged group के बच्चों के लिए बिना किसी ट्यूशन फीस के आरक्षित करना अनिवार्य है।
2. इस अधिनियम के तहत प्राथमिक स्तर ( कक्षा 1 से 5) पर शिक्षकों और छात्रों का निर्धारित छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) 1:40 होना अनिवार्य है, जिसमें प्रधानाध्यापक को शामिल नहीं किया जाता है।
3. RTE अधिनियम, 2009 के अनुसार, प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक किसी भी बच्चे को किसी भी बोर्ड परीक्षा में फेल नहीं किया जाएगा (No Detention Policy), हालांकि बाद में इसमें संशोधन करके राज्यों को यह अधिकार दिया गया कि वे कक्षा 5 और 8 के लिए नियमित परीक्षाएं आयोजित कर सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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