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BPSC TRE 4.0
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक एवं आनुवंशिक रोगों तथा उनके उपचार या बचाव के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. हीमोफिलिया एक आनुवंशिक लिंग-सहलग्न (Sex-linked) विकार है, जिसमें रक्त का थक्का जमने के लिए उत्तरदायी कारक VIII या IX की कमी हो जाती है, और इसके उपचार के लिए जीन थेरेपी या कृत्रिम फैक्टर कॉन्संट्रेट्स का उपयोग किया जाता है।
  2. 2. एड्स (AIDS) रोग का कारक 'एचआईवी' (HIV) एक रेट्रोवायरस है जो मुख्य रूप से शरीर की टी-सहायक कोशिकाओं (CD4+ T lymphocytes) को नष्ट करता है, और इसके मानक उपचार के लिए 'एंटी레ट्रोवाइरल थेरेपी' (ART) दी जाती है जो वायरस के गुणन को रोकती है लेकिन इसे पूरी तरह समाप्त नहीं करती है।
  3. 3. क्षय रोग (Tuberculosis) जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु से होता है, उसके उपचार के लिए 'डॉट्स्' (DOTS - Directly Observed Treatment, Short-course) प्रणाली का उपयोग किया जाता है, जिसके अंतर्गत आइसोनियाज़िड और रिफैम्पिसिन जैसी प्रतिजैविक औषधियाँ दी जाती हैं।
  4. 4. मैक्यूलर डिजेनरेशन और सिकल सेल एनीमिया के विपरीत, 'फिनाइलकेटोन्यूरिया' (PKU) एक ऑटोसोमल प्रभावी (Autosomal dominant) आनुवंशिक विकार है, जिसमें यकृत में फिनाइलएलनिन हाइड्रॉक्सीलेज एंजाइम की कमी के कारण फिनाइलपाइरुविक एसिड का संचय हो जाता है और मानसिक मंदता उत्पन्न होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। हीमोफिलिया एक आनुवंशिक विकार है जिसमें रक्त का थक्का नहीं जमता। एड्स एचआईवी (रेट्रोवायरस) द्वारा होता है जो CD4+ कोशिकाओं को नष्ट करता है, और इसके उपचार हेतु एआरटी (ART) का उपयोग किया जाता है। क्षय रोग (टीबी) के लिए डीओटीएस (DOTS) प्रणाली अपनाई जाती है जिसमें आइसोनियाज़िड और रिफैम्पिसिन जैसी दवाइयां दी जाती हैं। कथन 4 असत्य है क्योंकि 'फिनाइलकेटोन्यूरिया' (PKU) एक ऑटोसोमल 'प्रभावी' (Dominant) नहीं बल्कि ऑटोसोमल 'अप्रभावी' (Autosomal recessive) आनुवंशिक विकार है। ऐसे और महत्वपूर्ण प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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