भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और औपनिवेशिक शिक्षा नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वर्ष 1813 के चार्टर अधिनियम (Charter Act of 1813) के तहत ब्रिटिश संसद ने पहली बार भारत में शिक्षा के प्रसार और विज्ञान के पुनरुत्थान के लिए प्रतिवर्ष 1 लाख रुपये की राशि खर्च करने का वैधानिक प्रावधान किया था।
- 2. लॉर्ड मैकॉले का 'मिनट ऑन एजुकेशन' (1835) अंग्रेजी शिक्षा का प्रबल समर्थक था, जिसका मुख्य उद्देश्य एक ऐसा 'वर्ग' तैयार करना था जो 'रंग और नस्ल में भारतीय हो, किंतु रुचियों, विचारों, नैतिकता और बुद्धि में अंग्रेज हो'।
- 3. वुड का डिस्पेच (Wood's Despatch, 1854), जिसे 'भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा' कहा जाता है, ने लंदन विश्वविद्यालय की तर्ज पर कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास में विश्वविद्यालयों की स्थापना की संस्तुति की थी तथा महिला शिक्षा और व्यवसायिक शिक्षा पर भी बल दिया था।
- 4. हंटर शिक्षा आयोग (1882) की नियुक्ति प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की प्रगति की समीक्षा के लिए की गई थी, जिसमें उच्च शिक्षा के वित्तपोषण को प्राथमिकता देने और प्राथमिक शिक्षा से सरकारी नियंत्रण पूरी तरह हटाने की सिफारिश की गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। वर्ष 1813 के चार्टर अधिनियम द्वारा पहली बार शिक्षा के लिए 1 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया था। लॉर्ड मैकॉले के 1835 के विवरण पत्र ने अंग्रेजी माध्यम को उच्च शिक्षा की भाषा के रूप में स्थापित किया। वुड का डिस्पेच (1854) को भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा कहा जाता है, जिसके तहत कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास में विश्वविद्यालयों की नींव रखी गई। किंतु कथन 4 असत्य है क्योंकि हंटर आयोग (1882) ने प्राथमिक शिक्षा के प्रसार और उसके स्थानीय निकायों को सौंपने पर विशेष जोर दिया था, न कि उच्च शिक्षा को प्राथमिकता देने पर। इस प्रकार के उच्च स्तरीय और वैचारिक प्रश्नों का अभ्यास करने के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।