त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
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बिहार के कृषि परिदृश्य, जलवायु और पशुपालन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बिहार की कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 60% हिस्सा कृषि कार्यों के अंतर्गत उपयोग किया जाता है, और राज्य में फसल गहनता (Cropping Intensity) को बढ़ाने के लिए मक्का, धान और गेहूँ के साथ-साथ जलवायु अनुकूल कृषि (Climate Resilient Agriculture) कार्यक्रम को प्रमुखता से लागू किया गया है।
- 2. 'बिहार कृषि रोड मैप' (Bihar Agriculture Roadmap) के तहत राज्य में कृषि के साथ-साथ पशुपालन और डेयरी विकास को बढ़ावा देने के लिए 'कामधेनु डेयरी योजना' और मवेशियों के नस्ल सुधार हेतु कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination) नेटवर्क का बड़े पैमाने पर विस्तार किया गया है।
- 3. राज्य के उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी मैदानी भागों में औसत वर्षा अधिक होने के कारण जूट और मक्का का उत्पादन बहुतायत में होता है, जबकि दक्षिण-बिहार के टाल और ताल क्षेत्रों में दलहन (चना और मटर) की खेती को विशेष अनुकूल परिस्थितियाँ प्राप्त हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। बिहार में कृषि अर्थव्यवस्था और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के लिए कृषि और पशुपालन का एकीकृत विकास अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। बिहार कृषि रोड मैप के विभिन्न चरणों ने राज्य में दूध उत्पादन, मक्का और बागवानी को बढ़ावा दिया है। अधिक अभ्यास और परीक्षा से जुड़ी संपूर्ण अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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पृथ्वी की पर्पटी (Crust) में पाए जाने वाले विभिन्न खनिज पदार्थों, चट्टानों के चक्र (Rock Cycle) और बिहार के भूवैज्ञानिक संदर्भ में मृदा तंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आग्नेय चट्टानें (Igneous Rocks) पिघले हुए मैग्मा या लावा के ठंडे होने और जमने से बनती हैं, और इनमें जीवाश्म (Fossils) का पूर्ण अभाव होता है क्योंकि अत्यधिक तापमान के कारण जीव-अवशेष नष्ट हो जाते हैं।
2. रूपांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) अत्यधिक ताप (Heat) और दाब (Pressure) के प्रभाव से अपने मूल रूप में परिवर्तन के पश्चात बनती हैं, उदाहरण के लिए चूना पत्थर का संगमरमर (Marble) में और बलुआ पत्थर का क्वार्ट्जाइट में बदलना।
3. बिहार के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र (विशेषकर सोमेश्वर और दून घाटी की पहाड़ियों) में टर्पियरी युग की अवसादी (Sedimentary) चट्टानें पाई जाती हैं, जिनमें बलुआ पत्थर, चूना पत्थर और चिक्का मिट्टी की परतें प्रमुख हैं।
4. बिहार के दक्षिण-पूर्वी सीमावर्ती जिलों (जैसे बांका, जमुई और नवादा) में पाई जाने वाली 'लाल-पीली मृदा' मुख्य रूप से प्राचीन आर्कियन युगीन ग्रेनाइट और नीस चट्टानों के अपक्षय (Weathering) और वियोजन से विकसित हुई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत बल आघूर्ण (Torque), जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia) तथा कोणीय संवेग (Angular Momentum) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बल आघूर्ण (Torque) एक सदिश राशि है, जो किसी अक्ष के परितः पिंड को घुमाने की प्रवृत्ति रखती है, और इसका मात्रक न्यूटन-मीटर (N-m) होता है, जो कि कार्य (Work) के मात्रक के समान ही विमीय सूत्र (Dimensional Formula) को प्रदर्शित करता है।
2. किसी दृढ़ पिंड का जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia) केवल पिंड के द्रव्यमान पर निर्भर करता है, और घूर्णन अक्ष की स्थिति या द्रव्यमान के वितरण का इसके मान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
3. कोणीय संवेग संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Angular Momentum) यह बताता है कि यदि किसी निकाय पर कुल बाह्य बल आघूर्ण शून्य हो, तो उस निकाय का कुल कोणीय संवेग नियत (Constant) रहता है, जिसके कारण जब कोई घूमता हुआ आइस स्केटर अपनी बाहों को सिकोड़ता है, तो उसका कोणीय वेग बढ़ जाता है।
4. सरल आवर्त गति (Simple Harmonic Motion) करने वाले किसी कण का त्वरण हमेशा विस्थापन के अनुक्रमानुपाती होता है और उसकी दिशा सदैव माध्य स्थिति की ओर (प्रत्यनयन बल के कारण) होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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1वीं शताब्दी के सामाजिक एवं सांस्कृतिक सुधार आंदोलनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित 'आत्मीय सभा' (1815) और 'ब्रह्म समाज' (1828) ने मूर्तिपूजा, बहुदेववाद और जातिगत कठोरता का कड़ा विरोध करते हुए एकेश्वरवाद पर बल दिया।
2. स्वामी दयानंद सरस्वती ने वर्ष 1875 में 'आर्य समाज' की स्थापना की और 'वेदों की ओर लौटो' का नारा देते हुए हिंदू धर्म की शुद्धि और अंतरजातीय विवाहों का समर्थन किया।
3. ज्योतिराव फुले ने वर्ष 1873 में 'सत्यशोधक समाज' की स्थापना की, जिसका मुख्य उद्देश्य बहुजनों, शूद्रों और अतिशूद्रों को ब्राह्मणवादी वर्चस्व से मुक्त कराना और शिक्षा का प्रसार करना था।
4. ईश्वर चंद्र विद्यासागर के प्रयासों से वर्ष 1856 में 'हिन्दू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम' (Act XV of 1856) पारित हुआ, जिसे लॉर्ड डलहौजी के शासनकाल में कानूनी मान्यता मिली थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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घर्षण गुणांक (μ) का मान क्या होता है?
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लखनऊ में 1857 के विद्रोह के समय ब्रिटिश रेजिडेंट कौन था?
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