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Civil services
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएँ - अनुच्छेद 308 से 323) तथा अखिल भारतीय सेवाओं (All India Services) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार संसद को यह अधिकार प्राप्त है कि वह राज्य सभा द्वारा उपस्थित और मतदान करने वाले कम से कम दो-तिहाई सदस्यों के समर्थित संकल्प (Resolution) के आधार पर, संघ और राज्यों के लिए साझी एक या अधिक अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन का उपबंध कर सकती है, और इस प्रकार मूल संविधान में केवल 'भारतीय प्रशासनिक सेवा' (IAS) और 'भारतीय पुलिस सेवा' (IPS) को ही शामिल किया गया था।
  2. 2. अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों की नियुक्ति और सेवा शर्तें राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित की जाती हैं, लेकिन इन सेवाओं के अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinary Action) करने या उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का अंतिम एवं अनन्य अधिकार संबंधित राज्य सरकार के मुख्यमंत्री के पास होता है, भले ही वे अधिकारी उस समय केंद्र सरकार के अधीन प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर हों या नहीं।
  3. 3. अखिल भारतीय सेवा का कोई भी अधिकारी किसी भी परिस्थिति में एक साथ संघ सरकार और राज्य सरकार दोनों के अधीन प्रशासनिक नियंत्रण या कार्यकारी पदों का निर्वहन नहीं कर सकता है, क्योंकि संघीय ढाँचे की पवित्रता बनाए रखने के लिए संविधान दोहरे नियंत्रण (Dual Control) को पूर्णतः प्रतिबंधित करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है: संविधान के अनुच्छेद 312 के तहत संसद को राज्य सभा के प्रस्ताव पर अखिल भारतीय सेवाएँ सृजित करने की शक्ति है। मूल संविधान में केवल IAS और IPS ही नहीं थीं, बल्कि संविधान लागू होने के समय 'भारतीय प्रशासनिक सेवा' और 'भारतीय पुलिस सेवा' को अखिल भारतीय सेवा का दर्जा दिया गया था, और बाद में 1966 में 'भारतीय वन सेवा' (IFS) को तीसरी अखिल भारतीय सेवा बनाया गया। कथन 2 गलत है: अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों पर अंतिम नियंत्रण केंद्र और राज्य दोनों का होता है (इसे 'डुअल कंट्रोल' या दोहरा नियंत्रण कहा जाता है)। हालाँकि, किसी अधिकारी को सेवा से बर्खास्त (Dismiss) या हटाने का अधिकार केवल राष्ट्रपति (केंद्र सरकार) के पास होता है, राज्य सरकार के पास नहीं। कथन 3 गलत है: अखिल भारतीय सेवाओं की सबसे बड़ी विशेषता ही 'दोहरा नियंत्रण' (Dual Control) है, जिसके तहत ये अधिकारी केंद्र और राज्य दोनों के प्रशासनिक तंत्र का हिस्सा होते हैं और दोनों के नियंत्रण में कार्य करते हैं। अतः तीनों कथन असत्य हैं।
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