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भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन' (National Infrastructure Pipeline - NIP) तथा भारत में अवसंरचना वित्तपोषण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (NIP) को वर्ष 2019 में केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तत्वावधान में लॉन्च किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य देश में सामाजिक और आर्थिक अवसंरचना परियोजनाओं की पहचान करना, उन्हें समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित करना और वर्ष 2025 तक कुल 111 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करना था।
- 2. NIP के कुल अनुमानित पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) में ऊर्जा, सड़क, और रेलवे क्षेत्रों की हिस्सेदारी संयुक्त रूप से आधे से अधिक (50% से अधिक) है, जबकि सामाजिक बुनियादी ढांचा (जैसे शिक्षा और स्वास्थ्य) का हिस्सा इसमें सबसे कम है।
- 3. NIP के प्रभावी कार्यान्वयन और वित्तपोषण के लिए स्थापित 'भारत अवसंरचना वित्त कंपनी लिमिटेड' (IIFCL) को प्रत्यक्ष रूप से केवल केंद्र सरकार से बजटीय सहायता प्राप्त होती है, और इसे घरेलू तथा अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से वाणिज्यिक ऋण या बॉंड जारी करके धन जुटाने की वैधानिक अनुमति नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (NIP) को वित्त मंत्रालय द्वारा वर्ष 2019 में देश भर में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा प्रदान करने और 'सबको आर्थिक विकास' सुनिश्चित करने के लिए शुरू किया गया था। इसके तहत शुरुआती अनुमानित निवेश लक्ष्य 111 लाख करोड़ रुपये से अधिक रखा गया था।
कथन 2 सही है: NIP के तहत कुल पूंजीगत व्यय में ऊर्जा (Energy), सड़कें (Roads), और रेलवे (Railways) क्षेत्रों का हिस्सा सबसे बड़ा है, जो संयुक्त रूप से कुल निवेश का 50% से अधिक हिस्सा बनाते हैं। सामाजिक अवसंरचना (स्वास्थ्य, शिक्षा आदि) का हिस्सा इसमें पारंपरिक रूप से कम रहा है।
कथन 3 गलत है: 'भारत अवसंरचना वित्त कंपनी लिमिटेड' (IIFCL) केवल केंद्र सरकार की बजटीय सहायता पर निर्भर नहीं है, बल्कि यह घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पूंजी बाजारों से बॉंड और ऋण के माध्यम से बड़े पैमाने पर संसाधन जुटाती है। अतः कथन 3 असत्य है।
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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'भूमध्यसागरीय जलवायु' (Mediterranean Climate) की विशेषताओं और इसके भौगोलिक वितरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस प्रकार की जलवायु का विस्तार मुख्य रूप से महाद्वीपों के पश्चिमी किनारों पर लगभग 30° से 45° उत्तर और दक्षिण अक्षांशों के बीच पाया जाता है, जहाँ गर्मियों में पछुआ पवनें (Westerlies) और सर्दियों में व्यापारिक पवनें (Trade Winds) प्रभावी होती हैं।
2. यहाँ की सबसे विशिष्ट जलवायु विशेषता 'शुष्क ग्रीष्मकाल' (Dry Summers) और 'वर्षा ऋतु का शीतकाल में होना' है, जिसका मुख्य कारण सर्दियों में उपोष्णकटिबंधीय उच्चदाब पेटियों (Subtropical High-Pressure Belts) का ध्रुवीय दिशा में खिसकना है।
3. भूमध्यसागरीय जलवायु क्षेत्र अपनी खट्टे फलों (Citrus Fruits) की कृषि के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं, क्योंकि यहाँ की वर्षा मुख्य रूप से चक्रवातीय प्रकार की होती है जो पछुआ पवनों के प्रभाव से शीतकाल में होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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डलहौजी की हड़प नीति के तहत विलय की गई पहली रियासत कौन सी थी?
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जलमंडल (Hydrosphere) में जल की कौन-कौन सी अवस्थाएं शामिल हैं?
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम' (National Clean Air Programme - NCAP) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा वर्ष 2019 में लॉन्च किया गया NCAP देश का पहला राष्ट्रीय स्तर का फ्रेमवर्क है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2024 तक देश के सभी गैर-प्राप्ति शहरों (Non-attainment cities) में पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5 और PM10) सांद्रता में वर्ष 2017 के आधार वर्ष की तुलना में 20 से 30 प्रतिशत की कमी लाना था, जिसे बाद में संशोधित करके वर्ष 2026 तक 40 प्रतिशत तक की कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
2. 'गैर-प्राप्ति शहर' (Non-attainment cities) वे शहर हैं जो पिछले पांच वर्षों के दौरान लगातार राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (NAAQS) को पूरा करने में विफल रहे हैं, तथा NCAP के तहत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा इन शहरों के लिए विशिष्ट 'शहर कार्य योजनाएं' (City Action Plans) तैयार और कार्यान्वित की जाती हैं।
3. NCAP के तहत शहरों को वित्तीय सहायता और प्रदर्शन-आधारित अनुदान (Performance-based grants) केवल केंद्रीय बजट से सीधे तौर पर प्रदान किए जाते हैं, और इसमें पंद्रहवें वित्त आयोग (15th Finance Commission) की सिफारिशों या अन्य केंद्र प्रायोजित योजनाओं के साथ अभिसरण (Convergence) का कोई प्रावधान नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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उच्चतम न्यायालय को अपनी प्रक्रिया और नियमों को विनियमित करने की शक्ति किस अनुच्छेद से मिलती है?
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