त्वरित लिंक्स
Civil services
4 views
भारतीय अर्थव्यवस्था और सतत विकास के संदर्भ में, 'मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना' (Soil Health Card Scheme) और कृषि पारिस्थितिकी के विभिन्न पहलुओं के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2015 में शुरू की गई एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme) है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के सभी किसानों को उनकी भूमि की मिट्टी की पोषक स्थिति के आधार पर हर तीन वर्ष में एक बार कार्ड उपलब्ध कराना है।
- 2. इस योजना के तहत मृदा नमूनों की जांच प्रयोगशालाओं में की जाती है जिसमें मिट्टी के 12 प्रमुख पैरामीटरों का आकलन किया जाता है, जिनमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम (NPK) जैसे प्राथमिक पोषक तत्वों के साथ-साथ सूक्ष्म पोषक तत्व (जैसे जिंक, आयरन, कॉपर, मैंगनीज, बोरॉन) और मिट्टी के भौतिक गुण जैसे पीएच (pH), विद्युत चालकता (EC) और कार्बनिक कार्बन (OC) शामिल हैं।
- 3. राष्ट्रीय मृदा सर्वेक्षण और भूमि उपयोग योजना ब्यूरो (NBSS&LUP) इस योजना के अंतर्गत केंद्रीय तकनीकी एजेंसी के रूप में कार्य करता है, तथा इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध और असंतुलित उपयोग को बढ़ावा देकर फसल की उत्पादकता को अल्पकालिक रूप से बढ़ाना है, भले ही इससे मिट्टी की दीर्घकालिक उर्वरता प्रभावित हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि 'मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना' एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme) नहीं बल्कि एक 'केंद्र प्रायोजित योजना' (Centrally Sponsored Scheme) है, जिसे किसानों को उनकी मिट्टी के पोषण स्तर की जानकारी देने के लिए 2015 में शुरू किया गया था। कथन 2 सत्य है क्योंकि इस योजना के तहत प्रयोगशालाओं में मिट्टी के 12 महत्वपूर्ण संकेतकों (Parameters) की जांच की जाती है, जिनमें मैक्रोन्यूट्रिएंट्स, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स और भौतिक-रासायनिक गुण (जैसे pH, EC, OC) शामिल हैं। कथन 3 असत्य है क्योंकि इस योजना का मुख्य उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग को 'हतोत्साहित' करना और संतुलित या विवेकपूर्ण उपयोग (Balanced Use of Fertilizers) को बढ़ावा देना है ताकि मिट्टी की दीर्घकालिक उर्वरता और पर्यावरणीय स्थिरता बनी रहे, न कि दीर्घकालिक उर्वरता को नजरअंदाज करना।
Related Questions
→
भारत के किस राज्य में 'नंदा देवी' शिखर स्थित है?
→
विनय पिटक का मुख्य विषय क्या है?
→
भारत में पहली बार ब्रेल लिपि और सांकेतिक भाषा सेवाएँ किस Regional Passport Office द्वारा शुरू की गईं?
→
उल्कापिंड वायुमंडल की किस परत में जलकर नष्ट हो जाते हैं?
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 324' के अंतर्गत 'भारत के निर्वाचन आयोग' (Election Commission of India) की स्वायत्तता, शक्तियों और इसकी सेवा शर्तों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 (2) के तहत मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि के अधीन राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, और संविधान में यह स्पष्ट रूप से उपबंधित किया गया है कि निर्वाचन आयोग के सदस्यों की नियुक्ति के लिए एक कॉलेजियम का होना अनिवार्य है जिसमें प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश शामिल हों।
2. मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति और जिन आधारों पर 'उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश' को हटाया जाता है, किंतु अन्य निर्वाचन आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की संस्तुति के बिना किसी भी परिस्थिति में पद से नहीं हटाया जा सकता है।
3. निर्वाचन आयोग के सदस्यों की नियुक्ति के पश्चात उनकी सेवा शर्तों में उनकी अनावर्ती (Disadvantageous) के लिए कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता है, जिसका अर्थ यह है कि उनके कार्यकाल के दौरान उनके वेतन, भत्ते और अन्य लाभों में उनके प्रतिकूल संशोधन नहीं किया जा सकता।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.