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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग V' (संघ - अनुच्छेद 52 से 151) के अंतर्गत संसद के विधायी विशेषाधिकारों और प्रक्रिया से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 105 के अनुसार संसद के प्रत्येक सदन के सदस्यों को भाषण की स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है और संसद में या उसकी किसी समिति में उनके द्वारा कही गई किसी भी बात या दिए गए किसी भी मत के संबंध में किसी भी न्यायालय में कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी, तथा यह उन्मुक्ति संसद के सदस्यों के साथ-साथ उन व्यक्तियों पर भी लागू होती है जिन्हें संसद या उसकी किसी समिति द्वारा अधिकृत किए जाने पर सदन की कार्यवाही में बोलने और भाग लेने का अधिकार दिया गया है।
- 2. संविधान के अनुच्छेद 107 के अंतर्गत धन विधेयकों (Money Bills) को छोड़कर अन्य किसी भी साधारण विधेयक के संबंध में दोनों सदनों के बीच गतिरोध उत्पन्न होने पर राष्ट्रपति को दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) आहूत करने की शक्ति प्राप्त है, और संयुक्त बैठक की अध्यक्षता लोकसभा के अध्यक्ष (Speaker) द्वारा की जाती है, तथा यदि अध्यक्ष अनुपस्थित है, तो लोकसभा का उपाध्यक्ष या राज्यसभा का उपसभापति क्रमशः उसकी अध्यक्षता करता है, किंतु राज्यसभा का सभापति (उपराष्ट्रपति) किसी भी स्थिति में संयुक्त बैठक की अध्यक्षता नहीं कर सकता है।
- 3. संविधान के अनुच्छेद 111 के अनुसार जब कोई विधेयक संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित कर दिया जाता है, तब वह राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है, और राष्ट्रपति या तो विधेयक को अनुमति देता है या अनुमति रोकता है, किंतु यदि विधेयक धन विधेयक नहीं है, तो राष्ट्रपति उसे संसद के पुनर्विचार के लिए वापस भेज सकता है, और यदि संसद उस विधेयक को संशोधनों के साथ या बिना संशोधनों के पुनः पारित कर देती है और राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत करती है, तो राष्ट्रपति उस पर अपनी अनुमति देने के लिए संवैधानिक रूप से बाध्य होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 105 के तहत संसद के सदस्यों को भाषण की स्वतंत्रता और संसदीय विशेषाधिकार प्राप्त हैं। अनुच्छेद 105(2) के अनुसार, संसद में या उसकी किसी समिति में कही गई बात या दिए गए मत के लिए किसी न्यायालय में कोई कानूनी कार्यवाही नहीं की जा सकती। अनुच्छेद 105(3) के अनुसार ये विशेषाधिकार संसद के सदस्यों के अलावा उन अन्य व्यक्तियों पर भी लागू होते हैं जिन्हें संविधान के तहत संसद या उसकी किसी समिति में बोलने और भाग लेने का अधिकार है (जैसे महानुभाव अटॉर्नी जनरल)।
कथन 2 सही है: संविधान के अनुच्छेद 108 के अनुसार साधारण विधेयकों या वित्तीय विधेयकों (Money Bills को छोड़कर) पर गतिरोध होने पर राष्ट्रपति संयुक्त बैठक बुला सकता है। अनुच्छेद 118(4) के तहत संयुक्त बैठक की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करता है। लोकसभा अध्यक्ष की अनुपस्थिति में लोकसभा उपाध्यक्ष और उसकी भी अनुपस्थिति में लोकसभा का कोई अन्य सदस्य (राज्यसभा का उपसभापति संयुक्त बैठक की अध्यक्षता नहीं करता है, क्योंकि वह राज्यसभा का पदेन सभापति नहीं बल्कि उपाध्यक्ष होता है; ध्यान दें: राज्यसभा का सभापति यानी उपराष्ट्रपति संसद का सदस्य नहीं होता है और वह कभी भी संयुक्त बैठक की अध्यक्षता नहीं कर सकता है)।
कथन 3 सही है: अनुच्छेद 111 के अनुसार राष्ट्रपति धन विधेयक को छोड़कर किसी साधारण विधेयक को पुनर्विचार के लिए संसद को लौटा सकता है। यदि संसद उस विधेयक को संशोधन के साथ या बिना संशोधन के दोबारा पारित कर देती है और राष्ट्रपति के पास भेजती है, तो राष्ट्रपति उस पर अपनी अनुमति देने के लिए बाध्य (bound) होता है।
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