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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'प्रवाल भित्तियों' (Coral Reefs) के निर्माण, उनके प्रकारों तथा उनके पारिस्थितिकीय महत्व से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. प्रवाल (Corals) समुद्री जीव होते हैं जो पॉलीप्स (Polyps) नामक सूक्ष्म जीवों से बने होते हैं, और वे 'जूक्सैंथेली' (Zooxanthellae) नामक सूक्ष्म शैवाल के साथ सहजीवी (Symbiotic) संबंध साझा करते हैं, जो उन्हें भोजन और उनका विशिष्ट रंग प्रदान करते हैं तथा उष्णकटिबंधीय उथले, साफ और गर्म (लगभग 20°C से 27°C) समुद्रों में ही सर्वोत्तम रूप से पनपते हैं।
- 2. 'एटॉल' (Atoll) या वलयाकार प्रवाल भित्ति प्रवाल भित्तियों का एक प्रमुख प्रकार है, जिसके विकास के संबंध में प्रसिद्ध 'अवरोधन सिद्धांत' (Subsidence Theory) वैज्ञानिक चार्ल्स डार्विन द्वारा प्रतिपादित किया गया था, जिसके अनुसार एटॉल मूल रूप से किसी डूबते हुए ज्वालामुखी द्वीप या सीमंत प्रवाल भित्ति (Fringing reef) के क्रमिक अवतलन और उसके चारों ओर प्रवालों की निरंतर वृद्धि का परिणाम होते हैं।
- 3. विश्व की सबसे बड़ी प्रवाल भित्ति प्रणाली 'ग्रेट बैरियर रीफ' (Great Barrier Reef) प्रशांत महासागर में ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड तट के उत्तर-पूर्व में स्थित है, और यह इतनी विशाल है कि इसे अंतरिक्ष से भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, तथा यह वैश्विक जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले 'प्रवाल विरंजन' (Coral Bleaching) से पूरी तरह सुरक्षित है क्योंकि यहाँ समुद्र का तापमान स्थिर रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: प्रवाल पॉलीप्स और जूक्सैंथेली शैवाल के बीच सहजीवी संबंध होता है। शैवाल प्रकाशसंश्लेषण द्वारा प्रवाल को भोजन और रंग प्रदान करते हैं, और ये उष्णकटिबंधीय उथले, साफ व गर्म (20°C से 27°C) जल में सबसे अधिक विकसित होते हैं।
कथन 2 सही है: चार्ल्स डार्विन ने प्रवाल भितปีयों और एटॉल के निर्माण के लिए 'अवरोधन सिद्धांत' (Subsidence Theory) दिया था, जिसके अनुसार एटॉल द्वीप के डूबने और प्रवालों के ऊपर की ओर बढ़ते रहने से बनते हैं।
कथन 3 गलत है: ग्रेट बैरियर रीफ ऑस्ट्रेलिया के तट पर स्थित है और अंतरिक्ष से दिखाई देती है, किंतु यह वैश्विक तापन (Global Warming) और महासागरीय अम्लीकरण के कारण 'प्रवाल विरंजन' (Coral Bleaching) से गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है, यानी यह सुरक्षित नहीं है। अतः कथन 3 असत्य है।
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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'एल् नीनो-दक्षिणी दोलन' (ENSO - El Nino-Southern Oscillation) और इसके भारतीय मानसून पर पड़ने वाले प्रभावों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल् नीनो (El Nino) एक गर्म महासागरीय धारा है जो सामान्यतः पेरू के तट के पास ठंडी हम्बोल्ट धारा के अस्थायी प्रतिस्थापन के रूप में प्रकट होती है, और इसके कारण पूर्वी प्रशांत महासागर में जल का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जिससे पेरू और इक्वाडोर के तटों पर भारी वर्षा होती है।
2. 'दक्षिणी दोलन सूचकांक' (Southern Oscillation Index - SOI) डार्विन (उत्तरी ऑस्ट्रेलिया) और तहीति (दक्षिण प्रशांत महासागर) के बीच वायुमंडलीय दाब के अंतर को मापता है, और जब SOI का मान अत्यधिक ऋणात्मक (Negative) होता है, तो यह भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून के कमजोर होने और सूखे की स्थिति का संकेत देता है।
3. 'इंडियन ओसियन डिपोल' (IOD - Indian Ocean Dipole), जिसे अक्सर 'भारतीय एल् नीनो' कहा जाता है, का सकारात्मक (Positive) चरण पश्चिमी हिंद महासागर को पूर्वी हिंद महासागर की तुलना में अधिक गर्म बनाता है, जो नकारात्मक एल् नीनो के प्रभावों को निष्प्रभावी करते हुए भारत में मानसून की वर्षा को बढ़ाने में सहायक होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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महात्मा जोतिबा फुले ने 'जाति प्रथा' के विरुद्ध किस प्रसिद्ध समाज की स्थापना की थी?
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भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम' (NCAP) के कार्यान्वयन और इसके लक्ष्यों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा वर्ष 2019 में शुरू किया गया 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम' (NCAP) भारत का पहला राष्ट्रीय स्तर का ढांचा है जिसका उद्देश्य देश भर के चयनित शहरों में वायु प्रदूषण (PM10 और PM2.5 सांद्रता) को कम करने के लिए समयबद्ध लक्ष्य निर्धारित करना है।
2. इस कार्यक्रम के तहत मूल लक्ष्य वर्ष 2024 तक आधार वर्ष (Base Year 2017) की तुलना में देश के 131 गैर-प्राप्ति शहरों (Non-Attainment Cities) में पार्टिकुलेट मैटर (PM10 और PM2.5) सांद्रता में 20% से 30% तक की कमी लाना था, जिसे बाद में संशोधित करके वर्ष 2026 तक इसी कमी को बढ़ाकर 40% कर दिया गया है।
3. NCAP के अंतर्गत वित्त पोषण और वित्तीय सहायता पूरी तरह से केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के बजट से राज्यों को दी जाने वाली एकमुश्त अनुदान राशि पर निर्भर है, और इसके लक्ष्यों को प्राप्त करने में विफल रहने वाले स्थानीय निकायों या राज्यों के लिए किसी भी प्रकार के दंडात्मक प्रावधान या मौद्रिक जुर्माने का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 324' के अंतर्गत 'भारत के निर्वाचन आयोग' (Election Commission of India) की संरचना, स्वायत्तता और उसकी शक्तियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. निर्वाचन आयोग एक अखिल भारतीय निकाय है जो केंद्र और राज्य दोनों के चुनावों का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण करता है, तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, जिन्हें हटाने की प्रक्रिया और उनके सेवा शर्तें उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के समान होती हैं।
2. संविधान ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की अहर्ताओं (Qualifications) को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया है, जिसके तहत यह अनिवार्य है कि आयोग में कम से कम एक कानूनी विशेषज्ञ और एक लोक प्रशासन का अनुभवी व्यक्ति शामिल हो।
3. अन्य निर्वाचन आयुक्तों या क्षेत्रीय आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सिफारिश के बिना राष्ट्रपति द्वारा उनके पद से नहीं हटाया जा सकता है, जिससे मुख्य निर्वाचन आयुक्त को आयोग के भीतर एक निर्णायक और सर्वोच्च प्राधिकार प्राप्त होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 75' के अंतर्गत प्रधानमंत्री की नियुक्ति, मंत्रिपरिषद की संरचना और 'सामूहिक उत्तरदायित्व' (Collective Responsibility) के संवैधानिक प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 75(1) के अनुसार, प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर करता है, और इस प्रावधान के तहत राष्ट्रपति किसी ऐसे व्यक्ति को भी प्रधानमंत्री नियुक्त कर सकता है जो संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं है, बशर्ते उसे छह महीने के भीतर संसद के किसी एक सदन की सदस्यता प्राप्त करनी होगी।
2. मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है, जिसका अर्थ यह है कि लोकसभा में किसी एक मंत्री के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर पूरी मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है, और यह सामूहिक उत्तरदायित्व का सिद्धांत केवल नीतिगत निर्णयों पर लागू होता है, व्यक्तिगत विभागों के प्रशासनिक कार्यों पर नहीं।
3. '91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003' द्वारा अनुच्छेद 75 में खंड (1A) जोड़ा गया, जिसके तहत यह प्रावधान किया गया कि प्रधानमंत्री सहित मंत्रिपरिषद के सदस्यों की कुल संख्या लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी, और किसी राज्य की मंत्रिपरिषद के मामले में भी यह सीमा विधानसभा की कुल संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती, बशर्ते न्यूनतम संख्या की कोई पाबंदी नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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