BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Civil services
7 views

भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XV' के अंतर्गत 'निर्वाचन' (Elections - Articles 324-329A) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार संसद, राज्य legislatures, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति एक 'निर्वाचन आयोग' (Election Commission) में निहित है, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त और उतने ही अन्य निर्वाचन आयुक्त होते हैं जितने राष्ट्रपति समय-समय पर निर्धारित करें।
  2. 2. मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि के अधीन राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि अन्य निर्वाचन आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सिफारिश के बिना कभी नहीं हटाया जा सकता।
  3. 3. अनुच्छेद 326 के अंतर्गत लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं के लिए निर्वाचन 'वयस्क मताधिकार' (Adult Suffrage) के आधार पर होते हैं, जिसका अर्थ है कि प्रत्येक व्यक्ति जो भारत का नागरिक है और कानून द्वारा निर्धारित न्यूनतम आयु (वर्तमान में 18 वर्ष) प्राप्त कर चुका है, वह किसी भी आधार पर (जैसे धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान) मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित नहीं किया जा सकता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति निर्वाचन आयोग में निहित होती है। कथन 2 गलत है: संविधान के अनुच्छेद 324(5) के प्रावधान के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया और आधारों पर ही हटाया जा सकता है; किंतु अन्य निर्वाचन आयुक्त या क्षेत्रीय आयुक्त को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की 'सिफारिश पर ही' राष्ट्रपति द्वारा पद से हटाया जा सकता है, न कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सहमति के बिना हटाने पर कोई रोक न हो (अन्य आयुक्तों को हटाने के लिए CEC की सिफारिश अनिवार्य है)। इसके अलावा, मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर हालिया विधायी संशोधनों (मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त अधिनियम, 2023) के तहत प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और एक कैबिनेट मंत्री की चयन समिति का प्रावधान किया गया है। कथन 3 सही है: अनुच्छेद 326 के तहत लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचन वयस्क मताधिकार पर आधारित होते हैं। कोई भी व्यक्ति केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, जन्मस्थान, निवास या इनमें से किसी के आधार पर मतदाता सूची में शामिल होने के लिए अपात्र नहीं माना जाएगा, बशर्ते वह आयु और नागरिकता की अन्य शर्तों को पूरा करता हो।
Share:

Related Questions

भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 78' के अंतर्गत 'प्रधानमंत्री के कर्तव्य' तथा राष्ट्रपति और मंत्रिपरिषद के बीच संवाद के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 78 के तहत प्रधानमंत्री का यह संवैधानिक कर्तव्य है कि वह संघ के प्रशासन के कार्यकलाप और विधान के प्रस्तावों से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चय (Decisions) राष्ट्रपति को संसूचित करे। 2. राष्ट्रपति द्वारा संघ के प्रशासन के कार्यकलाप और विधान के प्रस्तावों से संबंधित जो भी जानकारी मांगी जाए, प्रधानमंत्री उसे देने के लिए बाध्य है, भले ही मंत्रिपरिषद ने उस विशिष्ट विषय पर अभी तक कोई औपचारिक निर्णय या विचार न किया हो। 3. यदि किसी मंत्री ने किसी विषय पर कोई निर्णय ले लिया है, जिस पर मंत्रिपरिषद ने विचार नहीं किया है, तो राष्ट्रपति के अपेक्षा करने पर प्रधानमंत्री को उस विषय को मंत्रिपरिषद के समक्ष विचार के लिए प्रस्तुत करना होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा किस कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, जिसमें 23 देशों के प्रतिनिधि भारत की चुनाव प्रक्रिया का अध्ययन करेंगे? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 124' के अंतर्गत 'उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति' और 'कॉलेजियम प्रणाली' (Collegium System) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल संविधान में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति के संबंध में राष्ट्रपति को केवल 'भारत के मुख्य न्यायमूर्ति' (CJI) से परामर्श करने का प्रावधान था, और वर्ष 1993 के द्वितीय न्यायाधीश मामले (Second Judges Case) में उच्चतम न्यायालय ने यह निर्णय दिया कि CJI के परामर्श का अर्थ 'कॉलेजियम की सहमति' है, जिसमें CJI और उच्चतम न्यायालय के दो वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होंगे। 2. राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग अधिनियम (NJAC Act, 2014) और उससे संबंधित 99वें संविधान संशोधन अधिनियम को उच्चतम न्यायालय ने अपने एक ऐतिहासिक निर्णय (चौथा न्यायाधीश मामला, 2015) में इस आधार पर असंवैधानिक और शून्य घोषित कर दिया कि यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता और संविधान के 'मूल ढांचा' (Basic Structure) का उल्लंघन करता है। 3. संविधान के अनुसार, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र होने के लिए किसी व्यक्ति का न्यूनतम आयु मानदंड 35 वर्ष निर्धारित किया गया है, और उसे किसी उच्च न्यायालय में कम से कम 10 वर्ष तक अधिवक्ता के रूप में अभ्यास करना अनिवार्य है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? रेगुर मिट्टी का दूसरा नाम क्या है? गदर पार्टी की स्थापना किस वर्ष और किसने की थी?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.