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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XV' के अंतर्गत निर्वाचन आयोग (Election Commission) और निर्वाचन से संबंधित प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार, संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति निर्वाचन आयोग में निहित है, और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से हटाने की प्रक्रिया और आधार वही होते हैं जो सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के लिए निर्धारित हैं।
- 2. अनुच्छेद 326 के तहत लोकसभा और राज्य की विधानसभाओं के लिए निर्वाचन 'वयस्क मताधिकार' (Adult Suffrage) के आधार पर होगा, जिसका अर्थ है कि भारत का प्रत्येक नागरिक जो 18 वर्ष की आयु प्राप्त कर चुका है और जिसे कानून द्वारा अनिवासी, अस्वस्थचित्त या भ्रष्ट आचरण के आधार पर अयोग्य नहीं ठहराया गया है, मतदाता के रूप में पंजीकृत होने का हकदार है।
- 3. निर्वाचन आयोग एक बहु-सदस्यीय निकाय के रूप में मूल संविधान (1950) से ही निरंतर कार्य कर रहा है, जिसमें एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो अन्य निर्वाचन आयुक्त होते हैं, जिनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा संसद के दोनों सदनों की एक संयुक्त समिति की संस्तुति के आधार पर की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत निर्वाचन आयोग को संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति दी गई है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने के लिए वही प्रक्रिया और आधार (कदाचार या असमर्थता) लागू होते हैं जो सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के लिए हैं।
कथन 2 सही है: अनुच्छेद 326 लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं के चुनावों के लिए वयस्क मताधिकार (Universal Adult Suffrage) का प्रावधान करता है। 61वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1989 द्वारा मतदान की आयु को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दिया गया था। अनिवासी, अस्वस्थचित्त, दिवालिया या भ्रष्ट/अवैध आचरण से संबंधित कानूनी अयोग्यताओं वाले व्यक्तियों को छोड़कर 18 वर्ष की आयु प्राप्त प्रत्येक नागरिक मतदान का अधिकारी है।
कथन 3 गलत है: मूल संविधान (1950) में निर्वाचन आयोग केवल एक सदस्यीय निकाय था, जिसमें केवल मुख्य निर्वाचन आयुक्त होते थे। इसे पहली बार 16 अक्टूबर 1989 को बहु-सदस्यीय बनाया गया था। इसके अतिरिक्त, वर्तमान में निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली चयन समिति की संस्तुति पर की जाती है, न कि संसद के दोनों सदनों की संयुक्त समिति द्वारा।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग V' (संघ - अनुच्छेद 52 से 151) के अंतर्गत संसद के विधायी विशेषाधिकारों और प्रक्रिया से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 105 के अनुसार संसद के प्रत्येक सदन के सदस्यों को भाषण की स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है और संसद में या उसकी किसी समिति में उनके द्वारा कही गई किसी भी बात या दिए गए किसी भी मत के संबंध में किसी भी न्यायालय में कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी, तथा यह उन्मुक्ति संसद के सदस्यों के साथ-साथ उन व्यक्तियों पर भी लागू होती है जिन्हें संसद या उसकी किसी समिति द्वारा अधिकृत किए जाने पर सदन की कार्यवाही में बोलने और भाग लेने का अधिकार दिया गया है।
2. संविधान के अनुच्छेद 107 के अंतर्गत धन विधेयकों (Money Bills) को छोड़कर अन्य किसी भी साधारण विधेयक के संबंध में दोनों सदनों के बीच गतिरोध उत्पन्न होने पर राष्ट्रपति को दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) आहूत करने की शक्ति प्राप्त है, और संयुक्त बैठक की अध्यक्षता लोकसभा के अध्यक्ष (Speaker) द्वारा की जाती है, तथा यदि अध्यक्ष अनुपस्थित है, तो लोकसभा का उपाध्यक्ष या राज्यसभा का उपसभापति क्रमशः उसकी अध्यक्षता करता है, किंतु राज्यसभा का सभापति (उपराष्ट्रपति) किसी भी स्थिति में संयुक्त बैठक की अध्यक्षता नहीं कर सकता है।
3. संविधान के अनुच्छेद 111 के अनुसार जब कोई विधेयक संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित कर दिया जाता है, तब वह राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है, और राष्ट्रपति या तो विधेयक को अनुमति देता है या अनुमति रोकता है, किंतु यदि विधेयक धन विधेयक नहीं है, तो राष्ट्रपति उसे संसद के पुनर्विचार के लिए वापस भेज सकता है, और यदि संसद उस विधेयक को संशोधनों के साथ या बिना संशोधनों के पुनः पारित कर देती है और राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत करती है, तो राष्ट्रपति उस पर अपनी अनुमति देने के लिए संवैधानिक रूप से बाध्य होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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