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भारतीय अर्थव्यवस्था और सतत विकास के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन' (National Infrastructure Pipeline - NIP) और 'पीएम गति शक्ति' (PM GatiShakti) योजना से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (NIP) को वर्ष 2019 में वित्त मंत्रालय के अंतर्गत गठित एक उच्च-स्तरीय कार्यदल की संस्तुतियों के आधार पर लॉन्च किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य देश में सामाजिक और आर्थिक अवसंरचना परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित करना है, और इसमें केवल केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित परियोजनाएं ही शामिल हैं।
  2. 2. 'पीएम गति शक्ति' - राष्ट्रीय मास्टर प्लान (National Master Plan) एक डिजिटल मंच है जो अर्थव्यवस्था के सात प्रमुख इंजनों (सड़क, रेलवे, विमानन, नौवहन, सार्वजनिक परिवहन, जलमार्ग और रसद अवसंरचना) को एक साथ जोड़ता है, ताकि बहु-मोडल कनेक्टिविटी (Multi-modal Connectivity) को बढ़ावा दिया जा सके और लॉजिस्टिक लागत को कम किया जा सके।
  3. 3. भारत की संधारणीय अवसंरचना विकास रणनीतियों के तहत, NIP और पीएम गति शक्ति दोनों पहलों में मुख्य रूप से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों और उच्च कार्बन उत्सर्जन वाली परिवहन प्रणालियों को प्राथमिकता दी गई है, तथा नवीकरणीय ऊर्जा और हरित भवनों जैसे क्षेत्रों को इसके दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (NIP) में केवल केंद्र सरकार की ही नहीं, बल्कि राज्य सरकारों और निजी क्षेत्र (Public-Private Partnership - PPP) की भागीदारी वाली परियोजनाएं भी बड़े पैमाने पर शामिल हैं। कथन 2 सत्य है क्योंकि 'पीएम गति शक्ति' मास्टर प्लान देश में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के एकीकृत योजना और समन्वित कार्यान्वयन के लिए सात प्रमुख इंजनों (सड़क, रेलवे, विमानन, नौवहन, सार्वजनिक परिवहन, जलमार्ग और रसद अवसंरचना) को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ता है। कथन 3 असत्य है क्योंकि इन पहलों का उद्देश्य संधारणीय विकास को बढ़ावा देना है, जिसके तहत नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ ऊर्जा ग्रिड, हरित भवनों और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन प्रणालियों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है।
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