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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVII' के अंतर्गत 'राजभाषा' (Official Language) के प्रावधानों और 'अष्टम अनुसूची' (Eighth Schedule) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी होगी, तथा इसके अतिरिक्त संविधान ने यह भी उपबंध किया है कि संविधान के लागू होने के पंद्रह वर्ष की अवधि (अर्थात 26 जनवरी 1965 तक) के लिए सरकारी कार्यों में अंग्रेजी भाषा का प्रयोग निरंतर जारी रहेगा, जिसे संसद द्वारा 'राजभाषा अधिनियम, 1963' पारित करके अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया गया।
- 2. संविधान की अष्टम अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ शामिल थीं, जिन्हें समय-समय पर संशोधनों के माध्यम से बढ़ाया गया; जैसे—सिंधी भाषा को 21वें संविधान संशोधन द्वारा, कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली को 71वें संविधान संशोधन द्वारा, तथा बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली को 92वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया, जिससे वर्तमान में इस अनुसूची में कुल 22 भाषाएँ हो गई हैं।
- 3. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विभिन्न निर्णयों में यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी राज्य का विधानमंडल अपनी आधिकारिक भाषा के रूप में केवल और केवल संविधान की अष्टम अनुसूची में सूचीबद्ध भाषाओं में से ही किसी एक या अधिक भाषाओं को चुन सकता है, और वह अष्टम अनुसूची से बाहर की किसी अन्य क्षेत्रीय भाषा को आधिकारिक भाषा के रूप में विधायी रूप से अंगीकृत नहीं कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 343(1) के अनुसार संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी है। अनुच्छेद 343(2) में मूलतः यह प्रावधान था कि संविधान के प्रारंभ से 15 वर्षों तक (यानी 1965 तक) सभी आधिकारिक राजकीय कार्यों के लिए अंग्रेजी का प्रयोग जारी रहेगा। इसके बाद, गैर-हिंदी भाषी क्षेत्रों (विशेषकर दक्षिण भारत) के विरोध और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए संसद ने 'राजभाषा अधिनियम, 1963' पारित किया, जिसने 1965 के बाद भी हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी के निरंतर प्रयोग को अनिश्चित काल के लिए वैध बना दिया।
कथन 2 सही है: संविधान की अष्टम अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं। 1967 के 21वें संशोधन द्वारा सिंधी जोड़ी गई; 1992 के 71वें संशोधन द्वारा कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली (ट्रिक: नमक - नेपाली, मणिपुरी, कोंकणी) जोड़ी गईं; तथा 2003 के 92वें संशोधन द्वारा बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली (ट्रिक: बोडॉमस - बोडो, डोगरी, मैथिली, संथाली) जोड़ी गईं। इस प्रकार वर्तमान में इसमें कुल 22 भाषाएँ हैं।
कथन 3 गलत है: अनुच्छेद 345 के तहत राज्य के विधानमंडल को यह अधिकार है कि वह राज्य के भीतर उपयोग की जाने वाली किसी भी एक या अधिक भाषाओं को या 'हिंदी' को अपने राज्य की आधिकारिक भाषा के रूप में चुन सकता है। यह आवश्यक नहीं है कि राज्य केवल अष्टम अनुसूची की भाषाओं को ही चुने; राज्य अपनी स्थानीय या क्षेत्रीय भाषाओं (जो अष्टम अनुसूची में नहीं भी हैं) को भी आधिकारिक प्रयोजनों के लिए अपना सकते हैं (जैसे मिजोरम, नागालैंड या उत्तर पूर्व के अन्य राज्य)। अतः कथन 3 त्रुटिपूर्ण है।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 110' के अंतर्गत 'धन विधेयक' (Money Bill) की परिभाषा और उसकी विधायी प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विधेयक को धन विधेयक तभी माना जाएगा जब उसमें केवल ऐसे प्रावधान हों जो कर लगाने, भारत सरकार द्वारा उधार लेने, संचित निधि या आकस्मिकता निधि से धन जमा करने या निकालने से संबंधित हों, तथा यदि किसी विधेयक में धन विधेयक के साथ-साथ अन्य विषय भी शामिल हैं, तो उसे लोकसभा अध्यक्ष के प्रमाणन के बावजूद संयुक्त बैठक (Joint Sitting) के माध्यम से पारित किया जा सकता है।
2. धन विधेयक केवल लोकसभा में ही प्रस्तुत किया जा सकता है, और इसे प्रस्तुत करने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व संस्तुति (Prior Recommendation) अनिवार्य होती है, जबकि राज्यसभा के पास इस विधेयक को अस्वीकार करने या इसमें संशोधन करने की शक्ति नहीं होती है, वह अधिकतम 14 दिनों की अवधि के लिए ही इसे अपने पास रोक सकती है।
3. लोकसभा द्वारा पारित किए जाने के पश्चात जब कोई धन विधेयक राज्यसभा में भेजा जाता है और राज्यसभा 14 दिनों के भीतर बिना किसी सिफारिश के उसे वापस कर देती है या कोई कार्रवाई नहीं करती है, तो उस विधेयक को दोनों सदनों द्वारा पारित मान लिया जाता है, भले ही उस पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर न हुए हों।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय विनिर्माण नीति, 2011' (National Manufacturing Policy - NMP) और इसके अंतर्गत स्थापित किए जाने वाले 'राष्ट्रीय निवेश और विनिर्माण क्षेत्र' (National Investment and Manufacturing Zones - NIMZs) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय विनिर्माण नीति, 2011 का मुख्य उद्देश्य देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में विनिर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी को वर्ष 2022 तक बढ़ाकर 25 प्रतिशत करना तथा देश में अगले एक दशक में 100 मिलियन (10 करोड़) अतिरिक्त रोजगार के अवसरों का सृजन करना था।
2. 'राष्ट्रीय निवेश और विनिर्माण क्षेत्र' (NIMZs) केवल एक साधारण औद्योगिक पार्क होते हैं, जिन्हें राज्य सरकारों द्वारा अपने संसाधनों से विकसित किया जाता है, और इसके अंतर्गत भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी या श्रम कानूनों से संबंधित किसी भी प्रकार की छूट या सरलीकरण का प्रावधान नहीं होता है।
3. इन क्षेत्रों (NIMZs) के विकास के लिए 'विशेष प्रयोजन वाहन' (Special Purpose Vehicle - SPV) की स्थापना की जाती है, जो कि एक कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकृत निकाय होता है, और यह इन क्षेत्रों के भीतर बुनियादी ढांचे के नियोजन, वित्तपोषण और प्रबंधन के लिए उत्तरदायी होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IXख' (सहकारी समितियाँ - अनुच्छेद 243ZH से 243ZT) के अंतर्गत सहकारी समितियों के गठन, संचालन और उनके प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान (97वाँ संशोधन) अधिनियम, 2011 द्वारा सहकारी समितियों के गठन के अधिकार को अनुच्छेद 19(1)(c) के तहत एक मूल अधिकार बनाया गया, तथा 'भाग IXख' को अंतःस्थापित करके सहकारी समितियों के स्वैच्छिक गठन, स्वायत्त कामकाज और लोकतांत्रिक नियंत्रण को संवैधानिक संरक्षण प्रदान किया गया।
2. संविधान के अनुच्छेद 243ZK के अनुसार किसी सहकारी समिति के बोर्ड के निदेशकों का निर्वाचन उस स्थिति में पाँच वर्ष की अवधि समाप्त होने से पहले कराया जाएगा, और यदि किसी सहकारी समिति के बोर्ड का किसी कारणवश अधिक्रमण (Supersession) या निलंबन किया जाता है, तो उसके विघटन की तिथि से अधिकतम छह महीने की अवधि के भीतर नए बोर्ड के गठन के लिए चुनाव कराना अनिवार्य होगा।
3. संविधान के अनुच्छेद 243ZF के प्रावधान के अनुसार किसी राज्य का विधानमंडल सहकारी समितियों से संबंधित कोई भी कानून बना सकता है, किंतु 97वें संविधान संशोधन अधिनियम के लागू होने की तिथि से पूर्व प्रवृत्त कोई भी राज्य सहकारी कानून यदि इस नए भाग के उपबंधों के असंगत है, तो वह स्वतः ही तुरंत शून्य (Void) हो जाएगा, बिना किसी राज्य विधायिका के संशोधन के।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 105' (সংসद् के सदनों की, तथा उनके सदस्यों और समितियों की शक्तियों, विशेषाधिकारों आदि) के अंतर्गत संसद सदस्यों के संसदीय विशेषाधिकारों और 'संसदीय उन्मुक्ति' (Parliamentary Immunity) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 105(2) के अनुसार, संसद में या उसकी किसी समिति में कही गई किसी बात या दिए गए किसी मत के संबंध में संसद के किसी भी सदस्य के खिलाफ किसी भी न्यायालय में कोई भी कार्यवाही (चाहे वह दीवानी हो या आपराधिक) नहीं चलाई जा सकती है।
2. 'पी.वी. नरसिम्हा राव बनाम सीबीआई (1998)' मामले में उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ ने यह निर्णय दिया था कि यदि कोई सांसद संसद में किसी प्रस्ताव पर मतदान करने के लिए रिश्वत स्वीकार करता है, तो उसे अनुच्छेद 105(2) के तहत दी गई संसदीय उन्मुक्ति और आपराधिक अभियोजन से पूर्ण संरक्षण प्राप्त होगा।
3. 'झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) रिश्वतखोरी मामला (2024)' में उच्चतम न्यायालय की सात-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने अपने पिछले 1998 के फैसले को पलटते हुए यह व्यवस्था दी कि रिश्वत लेने वाले सांसदों को अनुच्छेद 105 या अनुच्छेद 194 के तहत मिलने वाले संसदीय विशेषाधिकारों से कोई कानूनी संरक्षण प्राप्त नहीं होगा, और ऐसे मामलों में उन पर आपराधिक न्यायालयों द्वारा मुकदमा चलाया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारत के किस राज्य को 'भारत का बगीचा' (Garden of India) कहा जाता है?
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