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भारतीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय विनिर्माण नीति, 2011' (National Manufacturing Policy - NMP) और इसके अंतर्गत स्थापित किए जाने वाले 'राष्ट्रीय निवेश और विनिर्माण क्षेत्र' (National Investment and Manufacturing Zones - NIMZs) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. राष्ट्रीय विनिर्माण नीति, 2011 का मुख्य उद्देश्य देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में विनिर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी को वर्ष 2022 तक बढ़ाकर 25 प्रतिशत करना तथा देश में अगले एक दशक में 100 मिलियन (10 करोड़) अतिरिक्त रोजगार के अवसरों का सृजन करना था।
  2. 2. 'राष्ट्रीय निवेश और विनिर्माण क्षेत्र' (NIMZs) केवल एक साधारण औद्योगिक पार्क होते हैं, जिन्हें राज्य सरकारों द्वारा अपने संसाधनों से विकसित किया जाता है, और इसके अंतर्गत भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी या श्रम कानूनों से संबंधित किसी भी प्रकार की छूट या सरलीकरण का प्रावधान नहीं होता है।
  3. 3. इन क्षेत्रों (NIMZs) के विकास के लिए 'विशेष प्रयोजन वाहन' (Special Purpose Vehicle - SPV) की स्थापना की जाती है, जो कि एक कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकृत निकाय होता है, और यह इन क्षेत्रों के भीतर बुनियादी ढांचे के नियोजन, वित्तपोषण और प्रबंधन के लिए उत्तरदायी होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: राष्ट्रीय विनिर्माण नीति (NMP), 2011 को वर्ष 2022 तक GDP में विनिर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी 15% से बढ़ाकर 25% करने और देश भर में 100 मिलियन (10 करोड़) रोजगार के अवसरों का सृजन करने के लक्ष्य के साथ शुरू किया गया था। कथन 2 गलत है: 'राष्ट्रीय निवेश और विनिर्माण क्षेत्र' (NIMZs) केवल सामान्य औद्योगिक पार्क नहीं हैं, बल्कि ये समेकित औद्योगिक टाउनशिप हैं जो बुनियादी ढांचे, स्वच्छ प्रौद्योगिकियों और कुशल नियमों से युक्त हैं। नीति के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रियाओं को सरल बनाने, स्व-प्रमाणन (Self-certification) के आधार पर श्रम और पर्यावरण मंजूरी देने जैसे विशेष प्रावधान किए गए हैं ताकि व्यवसाय करने में सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा मिल सके। कथन 3 सही है: NIMZs के विकास के लिए 'विशेष प्रयोजन वाहन' (SPV) की स्थापना की जाती है, जो कि एक कंपनी के रूप में कार्य करता है और इन क्षेत्रों के भीतर विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे, भूमि उपयोग और सेवाओं के प्रबंधन की देखरेख करता है।
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