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Indian Polity
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राष्ट्रपति का कार्यकाल कितने वर्ष का होता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष होता है।
Related Questions
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भारतीय संविधान की प्रस्तावना (उद्देशिका) के वैधिक स्वरूप, उसमें निहित आदर्शों के क्रम तथा न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान की प्रस्तावना में उल्लिखित स्वतंत्रता, समता और बंधुता के आदर्शों को फ्रांसीसी क्रांति (1789) से प्रेरणा लेकर शामिल किया गया है, जबकि सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के आदर्श को रूसी क्रांति (1917) से लिया गया है।
2. 'केशवानंद भारती वाद' (1973) के ऐतिहासिक निर्णय में उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि प्रस्तावना संविधान का एक अभिन्न अंग है और न्यायपालिका द्वारा इसे प्रवर्तनीय (Justiciable) बनाया जा सकता है, अर्थात् इसके किसी भी उपबंध के उल्लंघन पर सीधे सर्वोच्च न्यायालय में अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर की जा सकती है।
3. प्रस्तावना में उल्लिखित 'बंधुता' (Fraternity) का उद्देश्य व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता तथा अखंडता को सुनिश्चित करना है, और 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा इसमें 'अखंडता' शब्द जोड़े जाने से पूर्व मूल प्रस्तावना में केवल 'राष्ट्र की एकता' शब्द का ही उल्लेख था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोगों (SPSC) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 315 के अंतर्गत प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्य लोक सेवा आयोग का प्रावधान किया गया है, तथा दो या अधिक राज्यों के लिए एक 'संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग' (JSPSC) का गठन संबंधित राज्यों के अनुरोध पर संसद द्वारा एक अधिनियम के माध्यम से किया जाता है, जिसके अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
2. संविधान के अनुच्छेद 317 के अनुसार, संघ लोक सेवा आयोग या किसी राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य को केवल राष्ट्रपति द्वारा ही उनके पद से हटाया जा सकता है, भले ही राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्यों की नियुक्ति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है।
3. संघ लोक सेवा आयोग के व्यय, जिनमें उसके सदस्यों या कर्मचारियों को देय या उनके संबंध में कोई वेतन, भत्ते और पेंशन शामिल हैं, संबंधित राज्य की संचित निधि पर भारित (Charged) होते हैं, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग के ऐसे सभी व्यय भारत की संचित निधि पर भारित होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति संविधान के किस अनुच्छेद के तहत की जाती है?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की अधिकारिता, अवमानना क्षेत्राधिकार (Contempt Jurisdiction) तथा न्यायिक स्वतंत्रता से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 129 के अनुसार उच्चतम न्यायालय एक 'अभिलेख न्यायालय' (Court of Record) होगा तथा उसे अपनी अवमानना के लिए, जिसमें सिविल अवमानना और आपराधिक अवमानना दोनों शामिल हैं, दंड देने की शक्ति प्राप्त है, और यह अवमानना दंडित करने की शक्ति संसद द्वारा बनाए गए किसी कानून के अधीन सीमित नहीं की जा सकती क्योंकि यह उसकी अंतर्निहित संवैधानिक शक्ति है।
2. न्यायालय की अवमानना अधिनियम, 1971 (Contempt of Courts Act, 1971) के अंतर्गत यह स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी न्यायिक कार्यवाही या निर्णय के संबंध में कोई निष्पक्ष, सदाशयतापूर्ण और उचित आलोचना (Fair and Reasonable Criticism) की जाती है, तो उसे आपराधिक अवमानना की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा।
3. संविधान के अनुच्छेद 145 के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय को भारत के राष्ट्रपति के अनुमोदन से न्यायालय की पद्धति और प्रक्रिया को विनियमित करने के लिए नियम बनाने की शक्ति प्राप्त है, किंतु इसके तहत बनाए गए कोई भी नियम संसद के किसी अधिनियम या संविधान के किसी अन्य उपबंध के प्रतिकूल होने पर स्वतः शून्य हो जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के भाग II (अनुच्छेद 5-11) के अंतर्गत 'भारतीय नागरिकता' और नागरिकता अधिनियम, 1955 के संशोधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 8 के अनुसार, भारत से बाहर रहने वाले भारतीय मूल के व्यक्तियों (PIOs) के पंजीकरण द्वारा नागरिकता प्राप्त करने का संवैधानिक अधिकार सीधे संविधान में निहित है, जिसके लिए उन्हें किसी राजनयिक या कौंसलिया (Consular) अधिकारी के समक्ष आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होती है।
2. नागरिकता अधिनियम, 1955 में वर्ष 2019 में किए गए संशोधन (CAA, 2019) के माध्यम से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के अवैध प्रवासियों को नागरिकता प्रदान करने के लिए विशेष उपबंध किए गए हैं, तथा इस अधिनियम के दायरे से संविधान की छठी अनुसूची के अंतर्गत आने वाले असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा के जनजातीय क्षेत्रों को पूरी तरह बाहर रखा गया है।
3. संविधान के अनुच्छेद 11 के अंतर्गत संसद को नागरिकता के अर्جين और समाप्ति तथा नागरिकता से संबंधित अन्य सभी विषयों के संबंध में विनियमन करने की संपूर्ण और अनन्य शक्ति प्रदान की गई है, और इस शक्ति का प्रयोग केवल संविधान संशोधन (अनुच्छेद 368) के माध्यम से ही किया जा सकता है, साधारण विधि द्वारा नहीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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