त्वरित लिंक्स
Indian Polity
12 views
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति संविधान के किस अनुच्छेद के तहत की जाती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अनुच्छेद 148 के तहत राष्ट्रपति CAG की नियुक्ति करते हैं, जो सार्वजनिक धन का लेखा-जोखा रखते हैं।
Related Questions
→
भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री कौन थे?
→
भारतीय संविधान के अंतर्गत प्रदत्त मूल अधिकारों (Fundamental Rights - Article 12-35) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान का अनुच्छेद 13 न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review) की शक्ति प्रदान करता है और यह घोषित करता है कि मूल अधिकारों से असंगत या उनका अल्पजीवीकरण करने वाले सभी विधियाँ उस मात्रा तक शून्य होंगी, जिसके अंतर्गत संसद या राज्य विधानमंडलों द्वारा बनाए गए कानून ही नहीं बल्कि अध्यादेश, आदेश, उप-विधि, नियम और रूढ़ियाँ या प्रथाएँ भी शामिल हैं।
2. संविधान के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय को केवल मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए ही रिट (Writs) जारी करने की शक्ति प्राप्त है, जबकि अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय को मूल अधिकारों के साथ-साथ किसी अन्य विधिक अधिकार के प्रवर्तन के लिए भी रिट जारी करने की व्यापक शक्ति प्राप्त है, जिसका अर्थ है कि उच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता इस मामले में उच्चतम न्यायालय से अधिक विस्तृत है।
3. अनुच्छेद 33 संसद को यह शक्ति प्रदान करता है कि वह सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों, पुलिस बलों, खुफिया एजेंसियों के सदस्यों के मूल अधिकारों को प्रतिबंधित या निराकृत कर सके ताकि उनके कर्तव्यों का समुचित निर्वहन और अनुशासन सुनिश्चित हो सके, और इस प्रकार की विधि बनाने की अनन्य शक्ति केवल राज्य के विधानमंडलों को प्राप्त है, संसद को नहीं।
4. आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 20 (अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण) और अनुच्छेद 21 (प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण) द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों को राष्ट्रपति के आदेश द्वारा भी किसी भी परिस्थिति में निलंबित नहीं किया जा सकता है, जिसे 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा सुनिश्चित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
शुद्ध चीनी में कौन सा तत्व उपस्थित नहीं होता है?
→
भारतीय संविधान की प्रस्तावना (उद्देशिका) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रस्तावना में उल्लिखित 'सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय' के आदर्श को रूसी क्रांति (1917) से प्रेरित होकर शामिल किया गया था, जबकि 'स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व' के आदर्श फ्रांसीसी क्रांति (1789) से लिए गए हैं।
2. 'बेरुबारी यूनियन वाद' (1960) में सर्वोच्च न्यायालय ने यह निर्णय दिया था कि प्रस्तावना संविधान का अंग नहीं है, किंतु 'केशवानंद भारती वाद' (1973) में इस निर्णय को बदलते हुए न्यायालय ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावना संविधान का अभिन्न अंग है।
3. प्रस्तावना न तो विधायिका की शक्तियों का स्रोत है और न ही उसकी शक्तियों पर कोई प्रतिबंध लगाती है, तथा यह न्यायोचित (Justiciable) है, जिसका अर्थ है कि इसके प्रावधानों को सीधे अदालतों में लागू कराया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) की नियुक्ति कौन करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.