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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IX' (पंचायतों से संबंधित प्रावधान) और 'अनुच्छेद 243G' के अंतर्गत पंचायतों की शक्तियों, प्राधिकार और उत्तरदायित्व के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची (Eleventh Schedule) में कुल 29 विषयों को शामिल किया गया है, जिन पर विधि बनाने और उनके क्रियान्वयन की शक्ति राज्य विधानमंडल द्वारा पंचायतों को सौंपी जाती है, और यह शक्ति राज्य सरकारों के लिए अनिवार्य (Mandatory) है कि वे इन सभी विषयों को पंचायतों को हस्तांतरित करें।
  2. 2. 'सामुदायिक विकास कार्यक्रम' (Community Development Programme - 1952) की विफलता के बाद, वर्ष 1957 में स्थापित बलवंत राय मेहता समिति ने त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की सिफारिश की थी, जबकि अशोक मेहता समिति (1977) ने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक मान्यता प्रदान करने की पहली बार औपचारिक सिफारिश की थी।
  3. 3. अनुच्छेद 243-I के तहत प्रत्येक राज्य में हर पाँच वर्ष की समाप्ति पर एक 'राज्य वित्त आयोग' (State Finance Commission) के गठन का प्रावधान किया गया है, जो पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करता है तथा राज्य और पंचायतों के बीच करों, शुल्कों और टोल के वितरण की सिफारिश राज्यपाल को सौंपता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है: संविधान का अनुच्छेद 243G यह प्रावधान करता है कि राज्य का विधानमंडल, विधि द्वारा, पंचायतों को ऐसी शक्तियाँ और प्राधिकार प्रदान कर सकता है जो उन्हें स्वशासन की संस्थाओं के रूप में कार्य करने के योग्य बनाने के लिए आवश्यक हों। ग्यारहवीं अनुसूची में उल्लिखित 29 विषयों पर पंचायतों को शक्तियाँ और उत्तरदायित्व सौंपना राज्य विधानमंडल के विवेक पर निर्भर करता है; संविधान यह अनिवार्य नहीं करता है कि राज्य सरकारें सभी 29 विषयों को पंचायतों को हस्तांतरित करें ही। यह राज्यों की राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रशासनिक क्षमता पर निर्भर करता है। कथन 2 सही है: बलवंत राय मेहता समिति (1957) ने सामुदायिक विकास कार्यक्रम के मूल्यांकन के लिए त्रि-स्तरीय पंचायती राज प्रणाली की सिफारिश की थी। वहीं, अशोक मेहता समिति (1977-78) ने पहली बार पंचायती राज संस्थाओं को संविधान के अंतर्गत 'संवैधानिक मान्यता' (Constitutional Recognition) दिए जाने की औपचारिक और प्रबल सिफारिश की थी, जिसे बाद में 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से अमलीजामा पहनाया गया। कथन 3 सही है: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243-I के अनुसार, राज्य के राज्यपाल द्वारा हर पाँच वर्ष की समाप्ति पर एक 'राज्य वित्त आयोग' का गठन किया जाता है। यह आयोग राज्यपाल को यह सिफारिश करता है कि राज्य द्वारा एकत्रित करों, शुल्कों और टोल आदि के शुद्ध आगमों को राज्य और पंचायतों के बीच कैसे वितरित किया जाए तथा पंचायतों की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए।
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