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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 124' और 'अनुच्छेद 217' के अंतर्गत उच्चतर न्यायरीति (Judiciary) में न्यायाधीशों की नियुक्ति, 'कॉलेजियम प्रणाली' (Collegium System) तथा इससे संबंधित 'राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) अधिनियम, 2014' के न्यायिक पुनरावलोकन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के मूल पाठ में उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया के लिए 'कॉलेजियम' शब्द का स्पष्ट उल्लेख किया गया था, जिसे वर्ष 1993 के 'द्वितीय न्यायाधीश वाद' (Second Judges Case) में उच्चतम न्यायालय द्वारा अपनी संवैधानिक व्याख्या के माध्यम से संस्थागत रूप दिया गया था।
  2. 2. संसद द्वारा पारित 'संविधान (निन्यानबेवां संशोधन) अधिनियम, 2014' और 'राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) अधिनियम' को उच्चतम न्यायालय ने 'सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन बनाम भारत संघ (2015)' वाद में इस आधार पर असंवैधानिक और शून्य घोषित कर दिया था कि यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता और 'संविधान की मूल संरचना' (Basic Structure) का उल्लंघन करता है।
  3. 3. कॉलेजियम प्रणाली के कार्यकरण के अंतर्गत, उच्चतम न्यायालय का कॉलेजियम भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और सर्वोच्च न्यायालय के चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों से मिलकर बनता है, तथा उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए संबंधित उच्च न्यायालय के कॉलेजियम की संस्तुति के अलावा राज्य के मुख्यमंत्री और राज्यपाल की लिखित सहमति को भी संवैधानिक रूप से अनिवार्य और बाध्यकारी बनाया गया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है: भारतीय संविधान के मूल पाठ में 'कॉलेजियम' (Collegium) शब्द का कोई उल्लेख नहीं है। अनुच्छेद 124(2) और अनुच्छेद 217(1) के अनुसार राष्ट्रपति द्वारा सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति 'परामर्श' से की जाती है। 'द्वितीय न्यायाधीश वाद (1993)' में सर्वोच्च न्यायालय ने 'परामर्श' (Consultation) का अर्थ 'सहमति' (Concurrence) निकालते हुए कॉलेजियम प्रणाली की शुरुआत की थी। कथन 2 सत्य है: वर्ष 2014 में लाए गए 99वें संविधान संशोधन और NJAC अधिनियम को 'सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन बनाम भारत संघ (2015)' वाद में सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ ने 4:1 के बहुमत से असंवैधानिक घोषित कर दिया था, क्योंकि इसमें कार्यपालिका का हस्तक्षेप न्यायपालिका की स्वतंत्रता और संविधान की मूल संरचना के विरुद्ध माना गया था। कथन 3 असत्य है: उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम में CJI और सर्वोच्च न्यायालय के चार वरिष्ठतम न्यायाधीश होते हैं। हालांकि, उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति के प्रस्ताव पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री अपनी राय देते हैं, लेकिन वे कॉलेजियम की सिफारिशों को वीटो नहीं कर सकते और उनकी सलाह अंतिम रूप से राष्ट्रपति के माध्यम से केंद्रीय विधि मंत्रालय को भेजी जाती है; राज्यपाल/मुख्यमंत्री की सहमति 'बाध्यकारी' नहीं होती है।
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