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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'एल नीनो सदर्न ऑसिलेशन' (ENSO) के 'ला नीना' (La Niña) चरण और इसके भारतीय मानसून पर पड़ने वाले प्रभावों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ला नीना की स्थिति के दौरान, भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के केंद्रीय और पूर्वी भागों में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जिससे पूर्वी हवाएं (Trade Winds) अत्यधिक कमजोर हो जाती हैं।
- 2. ला नीना के प्रभावस्वरूप भारतीय उपमहाद्वीप पर मानसूनी हवाओं का संचरण मजबूत होता है, जिससे सामान्यतः देश के अधिकांश हिस्सों में औसत से अधिक वर्षा (Above-normal rainfall) दर्ज की जाती है।
- 3. यद्यपि ला नीना भारतीय कृषि और जल संसाधन के लिए आमतौर पर अनुकूल माना जाता है, तथापि यह उत्तर-पश्चिम भारत और प्रायद्वीपीय क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में अत्यधिक बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाओं के जोखिम को भी बढ़ा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि 'ला नीना' (La Niña) के दौरान भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के केंद्रीय और पूर्वी भागों में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से **कम** (ठंडा) हो जाता है, न कि अधिक। इस दौरान व्यापारिक हवाएं (Trade Winds) सामान्य से अधिक मजबूत हो जाती हैं। इसके विपरीत, अल नीनो (El Niño) के दौरान समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक होता है। कथन 2 सही है; ला नीना की स्थिति में पश्चिमी प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्र में वायुमंडलीय दबाव का प्रतिरूप ऐसा बनता है जिससे भारतीय उपमहाद्वीप की ओर मानसूनी हवाओं का प्रवाह तीव्र हो जाता है और भारत में अच्छी वर्षा होती है। कथन 3 सही है; यद्यपि ला नीना भारत में समग्र रूप से अच्छी मानसूनी वर्षा लाता है, लेकिन इसके कारण देश के कुछ क्षेत्रों (जैसे उत्तर-पश्चिम भारत और प्रायद्वीपीय भाग) में अत्यधिक वर्षा के चलते बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी चरम मौसमी घटनाओं का जोखिम काफी बढ़ जाता है।
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भारतीय अर्थव्यवस्था और 'राष्ट्रीय आय लेखांकन' (National Income Accounting) तथा आर्थिक वृद्धि के मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'सकल घरेलू उत्पाद' (GDP) की गणना करते समय 'सकल मूल्य वर्धन' (Gross Value Added - GVA) में उत्पादों पर करों (Taxes on Products) को जोड़ा जाता है और उत्पादों पर मिलने वाली सब्सिडी (Subsidies on Products) को घटाया जाता है, जिससे बाजार मूल्य पर GDP (GDP at Market Prices) प्राप्त होता है।
2. 'सकल राष्ट्रीय उत्पाद' (GNP) और 'शुद्ध घरेलू उत्पाद' (NDP) के बीच का मुख्य अंतर यह है कि GNP में विदेशों से प्राप्त शुद्ध कारक आय (Net Factor Income from Abroad - NFIA) को शामिल किया जाता है, जबकि NDP में स्थिर पूंजी के उपهلاك (Depreciation या Consumption of Fixed Capital) को समायोजित किया जाता है।
3. 'सकल राष्ट्रीय आय' (Gross National Income - GNI) और 'सकल राष्ट्रीय उत्पाद' (GNP) वैचारिक रूप से एक ही अवधारणा को दर्शाते हैं, बशर्ते कि प्राथमिक आय के संदर्भ में रेजिडेंट (Resident) और नॉन-रेजिडेंट संस्थाओं के बीच अंतर को समाप्त कर दिया जाए, तथा इसमें उत्पादकों द्वारा सरकार को किए जाने वाले भुगतानों को भी ध्यान में रखा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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ब्रिटिश भारत में वर्ष 1929 के 'सार्वजनिक व्यापार विवाद अधिनियम' (Public Safety Ordinance / Trade Disputes Act) का मुख्य उद्देश्य क्या था?
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स्वामी दयानंद सरस्वती ने किस संस्था की स्थापना की?
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भारतीय इतिहास और कला एवं संस्कृति के संदर्भ में, मौर्योत्तर काल (Post-Maurya Period) की वास्तुकला और मूर्तिकला शैलियों — विशेष रूप से 'गांधार' (Gandhara), 'मथुरा' (Mathura) और 'अमरावती' (Amaravati) कला शैलियों — के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गांधार कला शैली पर यूनानी (हेलेनिस्टिक) प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जिसके तहत बुद्ध की मूर्तियों में यथार्थवादी शारीरिक संरचना, घुंघराले बाल, और रोमन शैली के वस्त्रों (Toga) जैसी विशेषताएँ प्रदर्शित की गईं, तथा इस शैली में मूर्तियों के निर्माण के लिए मुख्य रूप से काले-नीले शिस्ट (Schist) पत्थर का उपयोग किया गया था।
2. मथुरा कला शैली पूरी तरह से स्वदेशी थी और इस पर जैन, बौद्ध तथा ब्राह्मण धर्म तीनों का प्रभाव देखने को मिलता है, जिसमें बुद्ध की पहली बार मानव रूप में मूर्तियाँ गांधार शैली से भी पहले गढ़ी गईं और इसके निर्माण में मुख्य रूप से धब्बेदार लाल बलुआ पत्थर (Spotted Red Sandstone) का प्रयोग किया गया था।
3. अमरावती कला शैली मुख्य रूप से कृष्णा-गोदबारी घाटी में सातवाहन शासकों के संरक्षण में विकसित हुई, जिसमें संगमरमर (White Marble) का व्यापक उपयोग किया गया तथा इसमें बुद्ध के जीवन की घटनाओं को मुख्य रूप से स्वतंत्र और एकल मूर्तियों के रूप में दर्शाया गया है, न कि आख्यानात्मक रिलीफ (Narrative Reliefs) के रूप में।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 142' के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय की 'पूर्ण न्याय' (Complete Justice) करने की शक्ति और इसके अनुप्रयोग के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान का अनुच्छेद 142 सर्वोच्च न्यायालय को अपनी अधिकारिता का प्रयोग करते हुए किसी भी ऐसे आदेश या डिक्री को पारित करने की शक्ति प्रदान करता है जो उसके समक्ष लंबित किसी भी वाद या मामले में 'पूर्ण न्याय' करने के लिए आवश्यक हो।
2. अनुच्छेद 142 के तहत सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित किए गए सभी आदेश, डिक्री और निर्देश पूरे भारत में प्रवर्तनीय होते हैं, और संसद या किसी राज्य विधानमंडल द्वारा बनाए गए किसी भी सांविधिक कानून के प्रावधान इस शक्ति के प्रयोग पर कोई कानूनी बाधा उत्पन्न नहीं कर सकते हैं।
3. ऐतिहासिक निर्णयों और न्यायिक व्याख्या के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय अनुच्छेद 142 के तहत प्रदत्त अपनी शक्तियों का उपयोग करके किसी सक्षम विधायिका द्वारा बनाए गए स्पष्ट और वैध सांविधिक कानून के प्रावधानों को पूरी तरह से नजरअंदाज या निरस्त कर सकता है, भले ही वह कानून संविधान के किसी अन्य उपबंध या मौलिक अधिकारों का उल्लंघन न करता हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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