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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 352' के अंतर्गत 'राष्ट्रीय आपातकाल' (National Emergency) की उद्घोषणा, इसके अनुमोदन और इसके प्रभावों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा पूरे देश में या इसके किसी भाग में युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के आधार पर की जा सकती है, किंतु संविधान में यह अनिवार्य किया गया है कि राष्ट्रपति ऐसी कोई भी उद्घोषणा तभी करेंगे जब केंद्रीय मंत्रिमंडल (Cabinet) का लिखित विनिश्चय उन्हें इस आशय का संसूचित कर दिया गया हो।
- 2. राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा को संसद के प्रत्येक सदन द्वारा इसके जारी होने की तारीख से 'एक महीने' की अवधि के भीतर अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है, और यदि यह उद्घोषणा लोकसभा के विघटन के दौरान की जाती है, तो यह लोकसभा के पुनर्गठन के पश्चात अपनी पहली बैठक से 'तीस दिन' की अवधि तक जीवित रहती है, बशर्ते इस बीच राज्यसभा द्वारा इसका अनुमोदन पहले ही कर दिया गया हो।
- 3. '44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978' के माध्यम से यह प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त छह मूल अधिकार स्वतः निलंबित हो जाते हैं, और इसके लिए किसी अलग से औपचारिक आदेश की आवश्यकता नहीं होती है, भले ही आपातकाल का आधार 'सशस्त्र विद्रोह' ही क्यों न हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 352 के अनुसार, राष्ट्रपति युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा कर सकते हैं। 44वें संविधान संशोधन (1978) द्वारा यह जोड़ा गया कि राष्ट्रपति ऐसी उद्घोषणा तभी करेंगे जब मंत्रिमंडल (Cabinet - न कि केवल मंत्रिपरिषद) का लिखित निर्णय उन्हें प्राप्त हो जाए।
कथन 2 गलत है: राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा इसके जारी होने की तारीख से 'एक महीने' (पहले यह अवधि दो महीने थी जिसे 44वें संशोधन द्वारा घटाकर एक महीना किया गया) के भीतर अनुमोदित किया जाना चाहिए। यदि लोकसभा का विघटन इस अवधि के दौरान हो जाता है, तो उद्घोषणा लोकसभा के पुनर्गठन के बाद अपनी पहली बैठक से 'तीस दिन' तक प्रभावी रहती है, बशर्ते इस बीच राज्यसभा ने इसे पहले ही अनुमोदित न कर दिया हो; यदि राज्यसभा ने अनुमोदन नहीं किया है, तो यह उससे पहले ही समाप्त हो जाएगी। (इसके अलावा, 44वें संशोधन के बाद अब इसके अनुमोदन के लिए संसद के दोनों सदनों के 'विशेष बहुमत' की आवश्यकता होती है)।
कथन 3 गलत है: 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 ने यह व्यवस्था की कि अनुच्छेद 19 के तहत मिलने वाले मूल अधिकारों का निलंबन केवल तभी हो सकता है जब राष्ट्रीय आपातकाल का आधार 'युद्ध' या 'बाह्य आक्रमण' (War or External Aggression) हो। यदि आपातकाल 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) के आधार पर लगाया गया है, तो अनुच्छेद 19 स्वतः निलंबित नहीं होता है। अतः कथन 3 गलत है।
अतः केवल कथन 1 सही है, इसलिए विकल्प (c) सही उत्तर है।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 143' के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय के 'सलाहकार क्षेत्राधिकार' (Advisory Jurisdiction) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति को यह शक्ति प्राप्त है कि यदि किसी समय उसे यह प्रतीत होता है कि विधि या तथ्य का कोई ऐसा प्रश्न उत्पन्न हुआ है जो सार्वजनिक महत्व का है, तो वह उस पर सर्वोच्च न्यायालय की राय मांग सकता है, और सर्वोच्च न्यायालय राष्ट्रपति को ऐसी राय देने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है।
2. यदि राष्ट्रपति अनुच्छेद 143 के अधीन किसी पूर्व-संविधान (Pre-constitution) संधि, समझौते, प्रसंविदा या अन्य इसी प्रकार के किसी दस्तावेज से उत्पन्न विवाद को सर्वोच्च न्यायालय को परामर्श के लिए भेजता है, तो सर्वोच्च न्यायालय के लिए राष्ट्रपति को अपनी राय देना अनिवार्य (Mandatory) होता है।
3. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुच्छेद 143 के तहत दी गई सलाह या राय प्रकृति में सलाहकार होती है और यह भारत सरकार या राष्ट्रपति पर बाध्यकारी नहीं होती है, साथ ही यह निर्णय लेने वाले मामलों की तरह एक 'निर्णायक विधि' (Binding Precedent) भी नहीं बनती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 352' के अंतर्गत 'राष्ट्रीय आपातकाल' (National Emergency) की उद्घोषणा और उसके प्रभावों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रपति राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा केवल तभी कर सकता है जब मंत्रिमंडल (Cabinet) द्वारा लिखित रूप में ऐसा निर्णय राष्ट्रपति को संसूचित किया जाता है, और संविधान के मूल पाठ में 'मंत्रिमंडल' शब्द का स्पष्ट उल्लेख मूल रूप से किया गया था।
2. राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा उसकी जारी होने की तारीख से 'एक मास' के भीतर विशेष बहुमत (Special Majority) द्वारा अनुमोदित किया जाना अनिवार्य होता है।
3. राष्ट्रीय आपातकाल के प्रवृत्त होने पर अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त छह मूल अधिकार स्वतः निलंबित हो जाते हैं, किंतु अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 21 द्वारा प्रदत्त अधिकारों को किसी भी स्थिति में निलंबित नहीं किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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CAG का मुख्य कार्य क्या है?
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भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास के संदर्भ में, 'सार्वजनिक ऋण' (Public Debt) और 'भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा अपनाई जाने वाली मौद्रिक नीति' के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केंद्र सरकार के सार्वजनिक ऋण के अंतर्गत केवल 'आंतरिक ऋण' (Internal Debt) शामिल होता है, जिसमें बाजार ऋण, ट्रेजरी बिल और लघु बचतें आती हैं, जबकि विदेशी सरकारों या अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से लिया गया 'बाह्य ऋण' (External Debt) संप्रभु सार्वजनिक ऋण का हिस्सा नहीं माना जाता है।
2. 'वेज एंड मीन्स एडवांसेज' (Ways and Means Advances - WMA) केंद्रीय और राज्य सरकारों को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रदान की जाने वाली एक अस्थायी ऋण सुविधा है, जिसका उपयोग सरकारों के राजस्व और व्यय के बीच के अल्पकालिक नकदी बेमेल (Cash Flow Mismatches) को दूर करने के लिए किया जाता है।
3. जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) खुले बाजार की क्रियाओं (Open Market Operations - OMO) के तहत सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) की भारी मात्रा में बिक्री करता है, तो इससे अर्थव्यवस्था में मुद्रा की तरलता (Liquidity) में कमी आती है, जो सामान्यतः ब्याज दरों में वृद्धि का कारण बनती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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