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Indian Polity
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संविधान में कितनी अनुसूचियाँ हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
12।
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भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 262' के अंतर्गत अंतर-राज्यीय जल विवादों (Inter-State Water Disputes) के न्यायनिर्णयन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संसद को विधि द्वारा किसी अंतर-राज्यीय नदी या नदी घाटी के पानी के उपयोग, वितरण या नियंत्रण के संबंध में किसी विवाद या शिकायत के न्यायनिर्णयन के लिए उपबंध करने की शक्ति प्राप्त है।
2. संविधान का यह अनुच्छेद संसद को यह शक्ति भी देता है कि वह कानून बनाकर सर्वोच्च न्यायालय या किसी अन्य न्यायालय को इस प्रकार के विवादों के अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) का प्रयोग करने से रोक सकता है।
3. 'अंतर-राज्यीय जल विवाद अधिनियम, 1956' के तहत केंद्र सरकार द्वारा गठित न्यायाधिकरण (Tribunal) का निर्णय अंतिम होता है और इस निर्णय के विरुद्ध किसी भी अदालत, यहाँ तक कि उच्चतम न्यायालय में भी अपील करने का संवैधानिक अधिकार समाप्त कर दिया गया है (हालांकि 'संविधान (संशोधन)' और 'विशेष अनुमति याचिका' के संवैधानिक पहलुओं को छोड़कर)।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत शहरी स्थानीय शासन (नगरपालिकाओं) के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम के तहत तीन प्रकार की नगरपालिकाओं के गठन का प्रावधान किया गया है- नगर पंचायत (संक्रमणकालीन क्षेत्र के लिए), नगर परिषद (लघु शहरी क्षेत्र के लिए) और नगर निगम (बृहतर शहरी क्षेत्र के लिए), बशर्ते राज्यपाल द्वारा किसी क्षेत्र को औद्योगिक नगरी घोषित किए जाने की स्थिति में वहाँ नगरपालिका का गठन करना अनिवार्य हो।
2. नगरपालिकाओं के सभी स्थानों के लिए निर्वाचन क्षेत्रवार चुनाव प्रत्यक्ष रूप से होता है, तथा वार्ड समितियों (Ward Committees) के गठन का प्रावधान उन नगरपालिकाओं के लिए अनिवार्य है जिनकी जनसंख्या तीन लाख या उससे अधिक है।
3. संविधान की बारहवीं अनुसूची में नगरपालिकाओं की विधายिका शक्तियों से संबंधित 18 मामलों का उल्लेख किया गया है, और राज्य का विधानमंडल विधि द्वारा नगरपालिकाओं को ऐसे कर, शुल्क, टोल और फीस आदि को आरोपित करने, संगृहीत करने और विनियमित करने के लिए अधिकृत कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संसद की विधाई प्रक्रिया और दोनों सदनों की संयुक्त बैठकों (Joint Sitting) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 108 के अनुसार, संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक का प्रावधान केवल साधारण विधेयकों (Ordinary Bills) और वित्तीय विधेयकों की श्रेणी-II (Financial Bills-II) के मामलों में ही लागू होता है, जबकि धन विधेयकों (Money Bills) और संविधान संशोधन विधेयकों (Constitutional Amendment Bills) के संबंध में संयुक्त बैठक बुलाने का कोई प्रावधान नहीं है।
2. यदि किसी साधारण विधेयक पर विचार करने और उसे पारित करने के संबंध में दोनों सदनों के बीच गतिरोध उत्पन्न हो जाता है और राष्ट्रपति संयुक्त बैठक आहूत करने के अपने आशय की सूचना दे देता है, तो ऐसी स्थिति में यदि लोकसभा का विघटन हो जाता है, तब भी वह संयुक्त बैठक बुलाई जा सकती है और लोकसभा के विघटन से वह गतिरोध समाप्त नहीं होता है।
3. संयुक्त बैठक की अध्यक्षता लोकसभा के अध्यक्ष द्वारा की जाती है, और यदि लोकसभा अध्यक्ष अनुपस्थित हैं, तो लोकसभा का उपाध्यक्ष उसकी अध्यक्षता करता है, तथा यदि उपाध्यक्ष भी अनुपस्थित है, तो राज्यसभा का सभापति (उपराष्ट्रपति) संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करने के लिए संवैधानिक रूप से अधिकृत होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान सभा के लिए जुलाई-अगस्त 1946 में हुए चुनावों में कुल 296 सीटों के लिए ब्रिटिश भारत के प्रांतों से चुनाव हुए थे, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 208 सीटें और मुस्लिम लीग को 73 सीटें प्राप्त हुई थीं, जबकि रियासतें (Princely States) अपनी स्वेच्छा से संविधान सभा में शामिल होने के कारण शुरुआती दौर में इस निर्वाचन प्रक्रिया का हिस्सा थीं।
2. संविधान सभा के प्रथम सत्र (9 दिसंबर 1946) का मुस्लिम लीग द्वारा बहिष्कार किया गया था, जिसके कारण सभा के अस्थायी अध्यक्ष के रूप में डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को चुना गया, जो सभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य थे, और यह फ्रांसीसी प्रथा पर आधारित था।
3. संविधान सभा द्वारा संविधान के निर्माण हेतु कुल 22 प्रमुख समितियों का गठन किया गया था, जिसमें संचालन समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे, जबकि प्रारूप समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष डॉ. बी. आर. अम्बेडकर थे, जिसमें कुल सदस्यों की संख्या अध्यक्ष सहित सात थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राष्ट्रपति की कार्यपालिका शक्तियों, कूटनीतिक शक्तियों तथा आपातकालीन प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 77 के अनुसार भारत सरकार की समस्त कार्यपालिका कार्रवाई राष्ट्रपति के नाम से हुई कही जाएगी और राष्ट्रपति के नाम से बनाए गए और निष्पादित आदेश तथा अन्य दस्तावेज ऐसे नियमों के अनुसार प्रमाणित किए जाएंगे जो राष्ट्रपति द्वारा बनाए जाएं।
2. राष्ट्रपति देश के सभी कूटनीतिक (Diplomatic) मामलों में सर्वोच्च प्राधिकारी होता है, जिसके अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय संधियाँ और समझौते राष्ट्रपति के नाम से ही किए जाते हैं, किंतु वे संधियाँ तब तक भारत पर बाध्यकारी नहीं होतीं जब तक कि संसद द्वारा विधि बनाकर उनका अनुमोदन न कर दिया जाए।
3. अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपात की उद्घोषणा के लिए मंत्रिपरिषद का लिखित परामर्श राष्ट्रपति के लिए संवैधानिक रूप से बाध्यकारी होता है, और इस उद्घोषणा का अनुमोदन संसद के दोनों सदनों द्वारा कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत द्वारा एक माह के भीतर किया जाना अनिवार्य है।
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