त्वरित लिंक्स
Civil services
9 views
भारतीय अर्थव्यवस्था में 'भुगतान संतुलन' (Balance of Payments - BoP) और इसके घटकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भुगतान संतुलन के 'चालू खाता' (Current Account) के अंतर्गत दृश्य वस्तुओं (Merchandise Goods) के व्यापार के साथ-साथ अदृश्य वस्तुओं (Services), प्रेषण (Remittances) और निवेश आय को शामिल किया जाता है, तथा चालू खाता घाटा (CAD) तब उत्पन्न होता है जब देश की कुल विदेशी मुद्रा प्राप्तियां (Receipts) उसके कुल विदेशी भुगतानों (Payments) से अधिक हो जाती हैं।
- 2. 'पूंजी खाता' (Capital Account) देश के उन सभी अंतरराष्ट्रीय लेन-देन को दर्ज करता है जो देश की परिसंपत्तियों या देनदारियों (Assets and Liabilities) को प्रभावित करते हैं, जिसके अंतर्गत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI), विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) और बाहरी वाणिज्यिक उधार (ECB) को शामिल किया जाता है।
- 3. आधिकारिक आरक्षित खाता (Official Reserve Account) भुगतान संतुलन का एक अनिवार्य हिस्सा है, और यदि चालू खाते और पूंजी खाते का कुल योग शून्य नहीं होता है, तो इस असंतुलन को पूरा करने या समायोजित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विदेशी मुद्रा भंडारों (Foreign Exchange Reserves) में परिवर्तन के माध्यम से इसका समायोजन किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि 'चालू खाता घाटा' (CAD) तब उत्पन्न होता है जब देश की कुल विदेशी मुद्रा प्राप्तियां उसके कुल विदेशी भुगतानों से कम होती हैं, न कि अधिक। यदि प्राप्तियां भुगतानों से अधिक होती हैं, तो उसे चालू खाता अधिशेष (Current Account Surplus) कहा जाता है।
कथन 2 सही है। पूंजी खाता देश की विदेशी परिसंपत्तियों और देनदारियों में होने वाले परिवर्तनों को दर्ज करता है, जिसमें FDI, FPI और ऋण (जैसे ECB) शामिल होते हैं।
कथन 3 सही है। भुगतान संतुलन लेखांकन रूप से हमेशा संतुलित (Balanced) होता है। चालू और पूंजी खातों के योग में होने वाले अंतर (असंतुलन) को केंद्रीय बैंक द्वारा 'आधिकारिक आरक्षित खाते' (Official Reserve Account) के माध्यम से समायोजित किया जाता है।
Related Questions
→
भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'महासागरीय लवणीयता' (Oceanic Salinity) और इसके स्थानिक वितरण को प्रभावित करने वाले कारकों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरों की सतह पर लवणीयता का वितरण मुख्य रूप से वाष्पीकरण (Evaporation) और वर्षण (Precipitation) के शुद्ध अंतर (Net difference) द्वारा निर्धारित होता है, यही कारण है कि भूमध्यरेखीय क्षेत्रों में उच्च वाष्पीकरण के कारण महासागरीय लवणीयता विश्व में सबसे अधिक पाई जाती है।
2. महासागरीय धाराओं (Ocean Currents) का लवणीयता के पुनर्वितरण में महत्वपूर्ण योगदान होता है; उदाहरण के लिए, गर्म जलधाराएं उच्च लवणीयता वाले क्षेत्रों से जल को निम्न लवणीयता वाले क्षेत्रों की ओर ले जाती हैं, जिससे महासागरीय बेसिन में लवणीयता का संतुलन बना रहता है।
3. ध्रुवीय क्षेत्रों में समुद्री बर्फ के जमने (Freezing of sea ice) की प्रक्रिया के दौरान बर्फ के क्रिस्टल से लवण बाहर निकल जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप आसपास के बचे हुए जल में लवणीयता की मात्रा बढ़ जाती है और वह जल सघन होकर नीचे बैठने लगता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम' (NCAP) और इसके लक्ष्यों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा शुरू किया गया 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम' (NCAP) देश का पहला राष्ट्रव्यापी प्रयास है जिसका उद्देश्य एक निश्चित समय-सीमा के भीतर वायु प्रदूषण के स्तर को कम करना है।
2. इस कार्यक्रम के तहत मूल रूप से वर्ष 2017 के वायु प्रदूषण के आधार पर देश के गैर-प्राप्ति शहरों (Non-attainment cities) में वर्ष 2024 तक पार्टिकुलेट मैटर (PM10 और PM2.5) सांद्रता में 20% से 30% तक की कमी लाने का राष्ट्रीय लक्ष्य रखा गया था, जिसे बाद में संशोधित करके वर्ष 2026 तक 40% की कमी का लक्ष्य कर दिया गया है।
3. NCAP के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य और कार्ययोजनाएं केवल कानूनी रूप से गैर-बाध्यकारी (Non-binding) दिशा-निर्देशों के रूप में हैं, और इसके लक्ष्यों को प्राप्त करने में विफल रहने वाले शहरों या राज्य सरकारों के खिलाफ 'पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986' के तहत कोई भी दंडात्मक कार्रवाई करने का प्रावधान नहीं किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 356' के अंतर्गत 'राष्ट्रपति शासन' (President's Rule) और उससे संबंधित 'एस.आर. बोम्मई वाद (1994)' के ऐतिहासिक निर्णय के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रपति शासन की घोषणा के लिए यह अनिवार्य है कि राज्य के राज्यपाल द्वारा एक औपचारिक लिखित रिपोर्ट भेजी जाए, और यदि राज्यपाल ऐसी रिपोर्ट नहीं भेजता है, तो राष्ट्रपति अपने स्वविवेक से या किसी अन्य सूचना के आधार पर उस राज्य में संवैधानिक तंत्र के विफल होने की घोषणा नहीं कर सकता है।
2. एस.आर. बोम्मई वाद में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के बहुमत का परीक्षण (Floor Test) राज्यपाल के राजभवन में नहीं, बल्कि राज्य की विधानसभा के पटल पर होना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकार के पास बहुमत है या नहीं।
3. राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 356 के तहत की गई उद्घोषणा न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के दायरे से पूर्णतः बाहर है, क्योंकि यह राष्ट्रपति का एक विशुद्ध राजनीतिक और संप्रभु निर्णय होता है, जिसमें अदालतें दखल नहीं दे सकती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
प्राचीन भारतीय इतिहास, कला और संस्कृति के संदर्भ में, मौर्योत्तर काल (Post-Maurya Period) की वास्तुकला, मूर्तिकला और बौद्ध धर्म के विकास के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मौर्योत्तर काल के दौरान स्तूप वास्तुकला में उल्लेखनीय प्रगति हुई, और मध्य प्रदेश स्थित 'भारहुत' तथा 'सांची' के स्तूपों की वेदिकाओं (Railings) और तोरणद्वारों (Gateways) पर पत्थरों की नक्काशी का कार्य मुख्य रूप से शुंग और सातवाहन राजवंशों के संरक्षण में किया गया था।
2. इस काल में गंधार और मथुरा मूर्तिकला शैलियों का विकास हुआ, जहाँ गंधार शैली पर ग्रीक-रोमन (हेलेनिस्टिक) प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है और बुद्ध की मूर्तियों का निर्माण मुख्य रूप से काले नीले रंग के सिस्ट पत्थर (Grey-Schist) या मड-प्लास्टर से किया गया, जबकि मथुरा शैली में लाल बलुआ पत्थर (Red Sandstone) का प्रयोग किया गया।
3. 'अमरावती कला शैली', जो मुख्य रूप से कृष्णा-गोदबारी घाटी में सातवाहन शासकों के संरक्षण में विकसित हुई, ने बुद्ध की मानवरूप (Anthropomorphic) मूर्तियों के निर्माण को पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया और केवल प्रतीकों (जैसे पदचिह्न और छत्र) के माध्यम से ही बौद्ध धर्म के सिद्धांतों को दर्शाया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) किस अनुच्छेद में वर्णित है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.