जीन पियाजे
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) के दौरान बालक में 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) और 'आरक्षण/पलटावी गुण' (Reversibility) का विकास हो जाता है, जिससे वह किसी वस्तु या समस्या को केवल एक आयाम से देखने के बजाय उसके कई पहलुओं पर एक साथ विचार कर सकता है।
- 2. पियाजे के अनुसार 'स्किमा' (Schema) ज्ञान के संगठित पैटर्न या मानसिक संरचनाएँ होती हैं, जिनमें नए अनुभवों को शामिल करने की प्रक्रिया को 'समावेशन' (Assimilation) कहा जाता है, जबकि मौजूदा स्कीमा में बदलाव करके नए अनुभव के अनुकूल ढलने की प्रक्रिया को 'समायोजन' (Accommodation) कहा जाता है।
- 3. पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के चरणों का क्रम संवेदी-गामक अवस्था से शुरू होकर औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था पर समाप्त होता है, और इन चरणों की विकासात्मक अनुक्रमिकता (Developmental Sequence) सार्वभौमिक होती है, जिसे बदला या टाला नहीं जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संबंध में पूरी तरह से सत्य हैं। 1. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7 से 11 वर्ष) में बच्चे विकेंद्रीकरण (Decentration) और पलटाव (Reversibility) की क्षमता हासिल कर लेते हैं। 2. स्कीमा, समावेशन (Assimilation) और समायोजन (Accommodation) संज्ञानात्मक अनुकूलन (Adaptation) की मूल अवधारणाएँ हैं जो बिल्कुल सही परिभाषित की गई हैं। 3. पियाजे के चरणों का अनुक्रम (Sensory-motor, Preoperational, Concrete operational, Formal operational) सार्वभौमिक और अपरिवर्तनीय होता है।
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत और लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास…
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पियाजे के अनुसार, विकास की पहली अवस्था (जन्म से लगभग 2 वर्ष आयु) के दौरान बच्चा सबसे बेहतर सीखता है:
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की तात्विक और तार्किक सीमाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की प्रमुख विशेषता 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) के साथ-साथ 'जीववाद' (Animism) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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पियाजे के अनुसार, 'संज्ञानात्मक विकास' (Cognitive Development) की किस अवस्था में बालक 'तार्किक रूप से' वस्तुओं और घटनाओं के बारे में चिंतन करना शुरू कर देता है?
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पियाजे के अनुसार 'आत्मसात्करण' (Assimilation) क्या है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत और लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्संबंधों तथा उनकी अवस्थाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पियाजे के अनुसार 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) में बालक के भीतर 'संरक्षण' (Conservation) और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) का पूर्ण विकास हो जाता है, जो कोहलबर्ग के नैतिक विकास के 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-conventional Morality) को समझने के लिए अनिवार्य है।
2. कोहलबर्ग के नैतिक विकास के 'रूढ़िगत स्तर' (Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाला 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Good Boy-Good Girl Orientation) इस बात पर केंद्रित है कि व्यक्ति सामाजिक अनुमोदन, प्रशंसा और दूसरों की नजरों में अच्छा बनने के लिए नैतिक निर्णय लेता है।
3. पियाजे के संज्ञानात्मक विकास में 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) अमूर्त चिंतन और तार्किक परिकल्पनाओं के निर्माण की क्षमता प्रदान करती है, जो कोहलबर्ग के सिद्धांत के सार्वभौमिक नैतिक विवेक अभिविन्यास (Universal Ethical Principle Orientation) के विकास के लिए एक आवश्यक संज्ञानात्मक पृष्ठभूमि तैयार करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage - लगभग 11 वर्ष से वयस्कता) के दौरान बच्चों में विकसित होने वाली किस मुख्य संज्ञानात्मक क्षमता के कारण वे किसी समस्या के समाधान के लिए सभी तार्किक संभावनाओं का व्यवस्थित रूप से परीक्षण करने और अमूर्त परिकल्पनाओं (Hypotheses) का निर्माण करने में सक्षम होते हैं?
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बच्चों के संज्ञानात्मक विकास (Cognitive Development) और जीन पियाजे के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जीन पियाजे के अनुसार, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में बच्चे अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking), निगमनात्मक तर्क (Deductive Reasoning) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक समस्याओं को हल करने की क्षमता विकसित कर लेते हैं।
2. 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा, जिसके तहत यह समझा जाता है कि किसी वस्तु के रूप या आकार बदलने से उसकी मात्रा, द्रव्यमान या आयतन में कोई परिवर्तन नहीं होता, पियाजे की 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) के दौरान ही पूरी तरह से बच्चों में परिपक्व हो जाती है।
3. पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'स्कीमा' (Schema) मानसिक संरचनाओं या ज्ञान के पैटर्न्स को संदर्भित करता है, जिन्हें बच्चा नए अनुभवों के आधार पर 'आत्मसातकरण' (Assimilation) और 'समायोजन' (Accommodation) की प्रक्रियाओं द्वारा संशोधित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास एक निरंतर (Continuous) प्रक्रिया है जो जैविक परिपक्वता (Biological Maturation) और पर्यावरण के साथ सक्रिय अंतःक्रिया (Active Interaction) के माध्यम से होती है, जिसमें 'आत्मसातीकरण' (Assimilation) और 'समायोजन' (Accommodation) मुख्य संतुलनकारी प्रक्रियाएँ हैं।
2. 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बच्चों में 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह विकसित हो जाता है, जिसके कारण वे किसी वस्तु के आकार, रूप या रंग में परिवर्तन होने पर भी उसके द्रव्यमान, भार या आयतन के स्थिर रहने की वास्तविकता को आसानी से समझ लेते हैं।
3. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) में बच्चे तार्किक रूप से सोचना शुरू कर देते हैं, लेकिन उनका यह तार्किक चिंतन केवल मूर्त (Concrete) या प्रत्यक्ष वस्तुओं और घटनाओं तक ही सीमित होता है, न कि अमूर्त (Abstract) या काल्पनिक प्रस्तावों पर।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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