अल्बर्ट बंडूरा
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बच्चों के सामाजिक-नैतिक विकास और अल्बर्ट बंडूरा के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बंडूरा के अनुसार बच्चे अपने परिवेश में दूसरों के व्यवहार को देखकर, उसका अवलोकन करके और उसका अनुकरण (Imitation) करके सीखते हैं, जिसे 'प्रेक्षणात्मक अधिगम' (Observational Learning) कहा जाता है।
- 2. 'बॉबो डॉल प्रयोग' (Bobo Doll Experiment) के माध्यम से बंडूरा ने यह सिद्ध किया कि बच्चों में आक्रामक व्यवहार की प्रवृत्ति जन्मजात होती है और इस पर पर्यावरणीय पुरस्कार या दंड का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
- 3. सामाजिक अधिगम की प्रक्रिया में 'प्रतिमांचरण' या 'मॉडलिंग' (Modeling) के चार प्रमुख चरण होते हैं - ध्यान (Attention), धारण (Retention), पुनरुत्पादन (Reproduction) और अभिप्रेरण/पुनर्बलन (Motivation/Reinforcement)।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि अल्बर्ट बंडूरा का सामाजिक अधिगम सिद्धांत इस बात पर जोर देता है कि व्यक्ति दूसरों के व्यवहार का अवलोकन (Observation) और अनुकरण (Imitation) करके नए व्यवहार सीखते हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि 'बॉबो डॉल प्रयोग' से बंडूरा ने यह सिद्ध किया था कि आक्रामकता सीखी जाती है (पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों के माध्यम से), न कि यह पूरी तरह से जन्मजात होती है; साथ ही पर्यावरणीय पुरस्कार और दंड (Vicarious Reinforcement) बच्चों के उस व्यवहार को दोहराने या न दोहराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कथन 3 सही है क्योंकि बंडूरा के प्रेक्षणात्मक अधिगम और मॉडलिंग की प्रक्रिया में मुख्य रूप से चार चरण शामिल होते हैं: ध्यान देना, स्मृति में धारण करना, मोटर पुनरुत्पादन और अभिप्रेरण या पुनर्बलन।
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) और 'अवलोकनयात्मक अधिगम' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंडूरा के अनुसार अधिगम केवल प्रत्यक्ष रूप से पुरस्कार या दंड प्राप्त करने (क्रियाप्रसूत अनुबंधन) से ही नहीं होता, बल्कि बालक अपने सामाजिक परिवेश में अन्य व्यक्तियों (रोल मॉडल) के व्यवहार का अवलोकन करके, उनका अनुकरण (Imitation) करके भी सीखता है, जिसे उन्होंने 'प्रेक्षणात्मक अधिगम' (Observational Learning) कहा है।
2. बंडूरा के अवलोकनयात्मक अधिगम की प्रक्रिया में चार प्रमुख उप-चरण या घटक क्रमानुसार शामिल होते हैं—अवधारण (Attention), स्मरण या धारण (Retention), पुनरुत्पादन (Reproduction), और अभिप्रेरण या पुनर्बलन (Motivation/Reinforcement)।
3. बंडूरा द्वारा किए गए प्रसिद्ध 'बोबो डॉल प्रयोग' (Bobo Doll Experiment) में यह स्पष्ट किया गया कि आक्रामकता जन्मजात होती है और इस पर पर्यावरणीय घटकों या मीडिया में दिखाए जाने वाले हिंसक व्यवहारों का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) और 'अवलोकनयात्मक अधिगम' (Observational Learning) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंडूरा के अनुसार अधिगम केवल प्रत्यक्ष रूप से पुरस्कार या दंड प्राप्त करने (क्रियाप्रसूत अनुबंधन) से ही नहीं होता, बल्कि बालक दूसरों के व्यवहार, उनके परिणामों और सामाजिक परिवेश का अवलोकन (Observation) करके भी सीखता है।
2. अवलोकनयात्मक अधिगम की प्रक्रिया में चार प्रमुख अंतर-संबंधित चरण होते हैं - ध्यान देना (Attention), स्मरण रखना (Retention), पुनरुत्पादन (Reproduction), और अभिप्रेरण या पुनर्बलन (Motivation/Reinforcement)।
3. 'बॉबो डॉल प्रयोग' (Bobo Doll Experiment) में बंडूरा ने यह सिद्ध किया कि बच्चे आक्रामक व्यवहार को आनुवंशिक रूप से स्वतः जन्मजात रूप से ही सीखते हैं और उन पर वयस्कों या मॉडलों के आक्रामक व्यवहार का कोई अवलोकनयात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है।
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