त्वरित लिंक्स
UPTET
6 views
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, भूगर्भीय संरचना और खनिज संसाधनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तर प्रदेश का दक्षिणी पठारी और पहाड़ी क्षेत्र वास्तव में प्राचीन प्रायद्वीपीय भारत के गोंडवाना लैंड का ही उत्तरी विस्तार है, जिसके अंतर्गत झाँसी, महोबा, ललितपुर और सोनभद्र के कुछ हिस्से आते हैं, और यहाँ मुख्य रूप से नीस, ग्रेनाइट और विंध्यन क्रम की चट्टानें पाई जाती हैं।
- 2. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों में पाए जाने वाले 'डोलराइट' और 'पाइरोफिलाइट' खनिज मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, सिरेमिक और कीमती पत्थरों के रूप में उपयोग किए जाते हैं, तथा राज्य में 'डाइस्पोर' का एकमात्र प्रमुख उत्पादक जिला ललितपुर है।
- 3. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र की मृदा में नाइट्रोजन और ह्यूमस की अधिकता तथा फास्फोरस की भारी कमी पाई जाती है, जिसके कारण यह क्षेत्र धान और गन्ने की बंपर पैदावार के लिए देश भर में जाना जाता है, जबकि यहाँ की मृदा का पीएच मान अत्यधिक क्षारीय होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि उत्तर प्रदेश का दक्षिणी पठारी और पहाड़ी क्षेत्र प्रायद्वीपीय पठार (गोंडवाना लैंड) का उत्तरी विस्तार है और यहाँ ग्रेनाइट, नीस तथा विंध्यन क्रम की चट्टानें पाई जाती हैं। कथन 2 भी सही है क्योंकि ललितपुर जिला पाइरोफिलाइट और डाइस्पोर के उत्पादन के लिए प्रमुख रूप से जाना जाता है, तथा मिर्जापुर-सोनभद्र में डोलराइट जैसे खनिज मिलते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि तराई क्षेत्र की मृदा में नाइट्रोजन और ह्यूमस की मात्रा सामान्यतः कम या मध्यम होती है और इसका पीएच मान क्षारीय नहीं बल्कि सामान्यतः अम्लीय या उदासीन से हल्का क्षारीय होता है, लेकिन नाइट्रोजन और ह्यूमस की 'अधिकता' वाला कथन त्रुटिपूर्ण है।
Related Questions
→
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के प्राथमिक स्तर पर शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के दौरान 'प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन की पाठ्यचर्या' (Curriculum) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा उपागम (Approach) 'राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा' (NCF 2005) के अनुसार सबसे अधिक उपयुक्त और बाल-केंद्रित माना गया है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) के अंतर्गत 'संरक्षण' (Conservation), 'वर्गीकरण' (Classification), और 'क्रमबद्धता' (Seriation) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), 'डॉर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex) और 'हिप्पोकैम्पस' के बीच स्थानिक तर्क, मानसिक संचालन (Mental Operations) और तार्किक प्रतिवर्तीता (Reversibility) की सक्रियण गतिकी, तथा बारबरा रोगाफ (Barbara Rogoff) द्वारा प्रतिपादित 'निर्देशित सहभागिता' (Guided Participation) और सांस्कृतिक संदर्भीकरण के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, अनुभवात्मक और गतिविधि-आधारित शिक्षाशास्त्र (Activity-based Pedagogy) और विद्यार्थियों में मूर्त से अमूर्त तार्किकता, समस्या-समाधान क्षमता व समग्र संज्ञानात्मक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र' के अंतर्गत 'व्यक्तित्व (Personality) के सिद्धांत' के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) द्वारा प्रतिपादित 'व्यक्तित्व के शील गुण सिद्धांत' (Trait Theory) के अंतर्गत वर्णित शील गुणों के तीन स्तरों—'प्रधान/कार्डिनल शील गुण' (Cardinal Traits), 'केंद्रीय शील गुण' (Central Traits), और 'गौण शील गुण' (Secondary Traits)—तथा उनके मनोवैज्ञानिक, वैयक्तिक भिन्नता संबंधी और शैक्षिक निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में, वर्ष 1925 में घटित 'काकोरी ट्रेन एक्शन' (पूर्व में काकोरी कांड) के ऐतिहासिक षड्यंत्र में निम्नलिखित में से किस क्रांतिकारी ने सरकारी खजाने को लूटने की इस योजना का प्रमुख नेतृत्व नहीं किया था, बल्कि वे इस घटना के प्रत्यक्ष क्रियान्वयन से अलग रहे थे, किंतु बाद में उन्हें भी अभियुक्त बनाया गया?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व के मनोवैज्ञानिक और संरचनात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) द्वारा प्रतिपादित 'मनोविश्लेषण सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत 'इड' (Id - आनंद सिद्धांत पर आधारित अचेतन मन), 'इगो' (Ego - वास्तविकता सिद्धांत पर आधारित मध्यस्थ मन), और 'सुपरइगो' (Super-ego - नैतिक आदर्शवादी मन) के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा कार्ल जुंग (Carl Jung) द्वारा प्रतिपादित 'विश्लेषणात्मक मनोविज्ञान' (Analytical Psychology) के अंतर्गत 'व्यक्तिगत अचेतन' (Personal Unconscious) और 'सामूहिक अचेतन' (Collective Unconscious) में निहित 'मूलरूपों' (Archetypes जैसे परसोना, एनिमा/एनिमस और शैडो) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, भावनात्मक नियमन (Emotional Regulation) और विद्यार्थियों में आत्म-जागरूकता व नैतिक विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.