नैतिक एवं चारित्रिक विकास
Asked 2 months ago · Viewed 17 times
प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली तथा बौद्ध और वैदिक कालीन शिक्षण संस्थाओं के तुलनात्मक अध्ययन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बौद्ध कालीन शिक्षा प्रणाली में उच्च शिक्षा का केंद्र 'विहार' और 'संघ' होते थे, जहाँ शिक्षा प्राप्त करने वाले भिक्षुओं को 'सामणेर' कहा जाता था, तथा नालंदा, वल्लभी और विक्रमशिला जैसे महाविहार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के प्रसिद्ध केंद्र थे जहाँ प्रवेश के लिए कठोर द्वार-पंडित (Gatekeeper Scholars) मौखिक परीक्षा लेते थे।
- 2. वैदिक कालीन शिक्षा प्रणाली में गुरुकुल आधारित शिक्षा में 'ब्रह्मचर्य आश्रम' का पालन करना अनिवार्य था, और यहाँ छात्रों के चरित्र निर्माण, आत्म-संयम तथा आध्यात्मिक चेतना के विकास पर बल दिया जाता था, जहाँ शिक्षा का माध्यम संस्कृत भाषा थी।
- 3. मध्यकालीन मुस्लिम शिक्षा प्रणाली में प्राथमिक शिक्षा के लिए 'मक्तब' (Maktab) और उच्च शिक्षा के लिए 'मदरसा' (Madarsa) की व्यवस्था थी, तथा मक्तब में कुरान की आयतों को कंठस्थ कराने और लिखने की प्रारंभिक शिक्षा दी जाती थी, लेकिन इसमें किसी भी प्रकार की धर्मनिरपेक्ष या व्यावहारिक शिक्षा का पूर्ण अभाव था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि बौद्ध कालीन शिक्षा में विहार और संघ उच्च शिक्षा के केंद्र थे, प्रारंभिक भिक्षु को 'सामणेर' कहा जाता था और नालंदा, विक्रमशिला जैसे महाविहारों में प्रवेश के लिए द्वार-पंडित मौखिक परीक्षा लेते थे। कथन 2 सही है क्योंकि वैदिक काल में शिक्षा गुरुकुलों में ब्रह्मचर्य आश्रम के तहत दी जाती थी, जिसमें चरित्र निर्माण और संस्कृत भाषा मुख्य थी। कथन 3 गलत है क्योंकि मक्तब और मदरसों में केवल धार्मिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि 'अकली' विषयों (तर्कशास्त्र, दर्शन, गणित, चिकित्सा, व्याकरण आदि) की भी शिक्षा दी जाती थी, अतः 'पूर्ण अभाव' कहना गलत है।
अगला प्रश्न →
बच्चों के नैतिक विकास (Moral Development) के सिद्धांत और लॉरेंस कोहलबर्ग के…
← पिछला प्रश्न
बच्चों में नैतिक विकास (Moral Development) के संदर्भ में…
Related Questions
→
बच्चों के सामाजिक और नैतिक विकास के संदर्भ में, जीन पियाजे और लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांतों के बीच निम्नलिखित में से कौन सा मुख्य सैद्धांतिक अंतर सही रूप से रेखांकित करता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, पारंपरिक स्तर (Conventional Level) के अंतर्गत आने वाले 'सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिविन्यास' (Social Systems and Conscience / Law and Order Orientation) चरण की सबसे मुख्य विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
→
प्राथमिक स्तर पर बाल विकास और अधिगम की प्रक्रियाओं का अध्ययन करते समय, 'कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत' (Kohlberg's Theory of Moral Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, पारंपरिक नैतिकता का स्तर (Conventional Level) लगभग 10 से 13 वर्ष की आयु के बच्चों में पाया जाता है, जिसमें बालक सामाजिक नियमों, न्याय और दूसरों की स्वीकृतियों (गुड बॉय/नाइस गर्ल अभिविन्यास) के अनुसार नैतिक निर्णय लेता है।
2. उत्तर-पारंपरिक नैतिकता के स्तर (Post-conventional Level) में व्यक्ति सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अंतरात्मा के सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों (Universal Ethical Principles) के आधार पर कार्य करता है, जो कि कानून से ऊपर हो सकते हैं।
3. कोहलबर्ग ने अपने इस सिद्धांत को प्रतिपादित करने के लिए विभिन्न आयु वर्ग के बालकों और बालिकाओं पर नैदानिक साक्षात्कारों (Clinical Interviews) का प्रयोग किया था, जिसमें उन्होंने 'हाइन्ज दुविधा' (Heinz Dilemma) जैसी नैतिक कहानियों का उपयोग करके उनके तर्कों का विश्लेषण किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
बच्चों में नैतिक विकास (Moral Development) के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत की 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-conventional Level) के अंतर्गत आने वाले दोनों चरणों (Stages) की सही विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development) के विभिन्न स्तरों और चरणों के संदर्भ में, यदि कोई व्यक्ति यह मानता है कि नियमों और कानूनों का पालन केवल इसलिए किया जाना चाहिए ताकि समाज में व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार का सामाजिक विघटन न हो, तो कोहलबर्ग के किस स्तर और चरण का यह सबसे सटीक प्रतिनिधित्व करता है?
→
कोहलबर्ग के 'नैतिक विकास' (Moral Development) सिद्धांत के अनुसार, 'दंड-आज्ञाकारिता' (Punishment-Obedience) किस स्तर की विशेषता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.