बच्चों के भाषा विकास (Language Development) के संदर्भ में, नोम चोमस्की (Noam Chomsky) के भाषा अर्जन सिद्धांत (Language Acquisition Theory) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. चोमस्की के अनुसार, बच्चों में भाषा सीखने की एक जन्मजात क्षमता होती है, जिसे 'भाषा अर्जन यंत्र' (Language Acquisition Device - LAD) कहा जाता है, और वे व्याकरण के सार्वभौमिक नियमों (Universal Grammar) के साथ पैदा होते हैं।
- 2. यह सिद्धांत इस बात पर जोर देता है कि बच्चे अपने पर्यावरण से केवल अनुकरण (Imitation) और पुनर्बलन (Reinforcement) के माध्यम से ही भाषा सीखते हैं, और इसमें जैविक कारकों की कोई विशेष भूमिका नहीं होती है।
- 3. चोमस्की का यह दृष्टिकोण व्यवहारवादी (Behaviorist) मनोवैज्ञानिकों जैसे बी.एफ. स्किनर के इस दावे का खंडन करता है कि भाषा मुख्य रूप से उद्दीपन-प्रतिक्रिया (Stimulus-Response) और आदत निर्माण के द्वारा सीखी जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation
नोम चोमस्की (Noam Chomsky) का भाषा अर्जन सिद्धांत (Language Acquisition Theory) यह मानता है कि बच्चे जन्मजात रूप से भाषा सीखने की क्षमता (LAD - Language Acquisition Device) के साथ पैदा होते हैं और उनमें 'सार्वभौमिक व्याकरण' (Universal Grammar) की क्षमता होती है। इसलिए कथन 1 सही है।
कथन 2 गलत है क्योंकि चोमस्की व्यवहारवाद (Behaviorism) के इस विचार का कड़ा विरोध करते हैं कि बच्चे केवल अनुकरण और पुनर्बलन से भाषा सीखते हैं; इसके विपरीत, उनका मानना है कि भाषा विकास मुख्य रूप से जैविक और आंतरिक कारकों पर निर्भर करता है।
कथन 3 बिल्कुल सही है क्योंकि चोमस्की ने बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के उस सिद्धांत का खंडन किया था जिसमें स्किनर ने कहा था कि बच्चे उद्दीपन और प्रतिक्रिया (Stimulus-Response) के माध्यम से भाषा सीखते हैं। अतः केवल कथन 1 और 3 सही हैं।