BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
8 views

उत्तर प्रदेश की जनसांख्यिकीय विशेषताओं और वर्ष 2011 की अंतिम जनगणना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, उत्तर प्रदेश की कुल जनसंख्या देश की कुल जनसंख्या का लगभग 16.51% है, और राज्य की साक्षरता दर (Literativity Rate) राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
  2. 2. उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक जनसंख्या वाला जिला प्रयागराज है, जबकि सबसे कम जनसंख्या वाला जिला महोबा है।
  3. 3. राज्य का औसत जनघनत्व (Population Density) 829 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, और सर्वाधिक जनघनत्व वाला जिला गाजियाबाद है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार उत्तर प्रदेश की कुल साक्षरता दर (67.7%) भारत के राष्ट्रीय औसत (74.04%) से कम है, हालांकि जनसंख्या का प्रतिशत 16.51% सही है। कथन 2 सत्य है; वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक जनसंख्या वाला जिला प्रयागराज (लगभग 59.5 लाख) तथा सबसे कम जनसंख्या वाला जिला महोबा (लगभग 8.75 लाख) है। कथन 3 भी सत्य है; राज्य का औसत जनघनत्व 829 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है और सर्वाधिक जनघनत्व वाला जिला गाजियाबाद (3971 व्यक्ति/वर्ग किमी) है।
Share:

Related Questions

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'हिंदी भाषा एवं व्याकरण' के अंतर्गत 'संधि और उनके प्रकार' के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प 'व्यंजन संधि' (Vyanjan Sandhi) के अंतर्गत आने वाले नियमों—विशेष रूप से 'वर्गीय व्यंजनों के प्रथम वर्ण का तीसरे वर्ण में परिवर्तन' और 'त या द के पश्चात च, छ, ज, झ, ट, ठ, ड, ढ, ल आने पर उनके स्थान पर क्रमशः वही वर्ण हो जाने'—के सटीक व्याकरणिक नियमों और उनके सबसे प्रामाणिक उदाहरणों (जैसे 'दिगम्बर' और 'उल्लास') के तार्किक विश्लेषण को सर्वाधिक उपयुक्त रूप से स्पष्ट करता है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के आकलन (Assessment for Learning) और सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पाल ब्लैक (Paul Black) और डेलन विलियम (Dylan Wiliam) द्वारा प्रतिपादित 'रचनात्मक मूल्यांकन' (Formative Assessment) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'एंटीरियर सिंग्युलेट कॉर्टेक्स' (ACC) और 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (DMN) के बीच मेटाकॉग्निटिव मॉनिटरिंग (Metacognitive Monitoring), त्रुटि प्रसंस्करण (Error Processing), और फीडबैक एकीकरण (Feedback Integration) की सक्रियण गतिकी, तथा कैरल ड्वेक (Carol Dweck) के 'विकासवादी मानसिकता' (Growth Mindset) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, फॉर्मेटिव-ड्रिवेन कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Formative-Driven Constructive Pedagogy) और विद्यार्थियों में आत्म-नियमन (Self-Regulation), संज्ञानात्मक लचीलेपन व समग्र अधिगम क्षमता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'पारिस्थितिक तंत्र' (Ecosystem) में ऊर्जा के प्रवाह और खाद्य श्रृंखला (Food Chain) के संदर्भ में 'दस प्रतिशत का नियम' (10% Law) किसने प्रतिपादित किया था तथा इस नियम के अनुसार पारिस्थितिक तंत्र के एक पोषण स्तर (Trophic Level) से अगले पोषण स्तर तक कितनी ऊर्जा स्थानांतरित होती है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और डिस्ग्राफिया (Dysgraphia - लेखन वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, वर्जीनिया बर्जर और साथियों द्वारा प्रतिपादित 'ग्राफोटॉजिकल-मोटर इंटीग्रेशन डेफिसिट मॉडल' (Graphological-Motor Integration Deficit Model) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'सुपीरियर पैेरिएटल लोब' (Superior Parietal Lobe), 'प्रीमोटर कॉर्टेक्स' (Premotor Cortex) और 'सेरिबैलम' (Cerebellum) के बीच दृश्य-स्थानिक समन्वय, ठीक मोटर योजना (Fine Motor Planning) और कानेस्थेटिक फीडबैक की सक्रियण विसंगति, तथा एरिका क्लेमेंड और साथियों द्वारा प्रतिपादित 'कार्यकारी स्मृति और ऑर्थोग्राफिक आउटपुट मॉडल' (Working Memory and Orthographic Output Model) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, किनेस्थेटिक मल्टीसेंसरी और स्ट्रक्चर्ड हैंडराइटिंग शिक्षाशास्त्र (Structured Handwriting Pedagogy) और विद्यार्थियों में हस्तलेखन प्रवाह, वर्तनी एकीकरण व समग्र लेखन दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) चरण की निम्नलिखित विशेषताओं पर विचार कीजिए: 1. इस चरण में व्यक्ति का यह मानना होता है कि नियम और कानून समाज के आपसी समझौते या अनुबंध का परिणाम हैं, इसलिए यदि कोई कानून मानवाधिकारों या समाज के बहुसंख्यक कल्याण की रक्षा करने में असफल रहता है, तो उसे बदला जा सकता है। 2. इस स्तर पर नैतिकता पूरी तरह से बाहरी दंड, पुरस्कार या सामाजिक प्रतिष्ठा की चाह पर आधारित होती है, जहाँ व्यक्ति केवल इसलिए नियमों का पालन करता है ताकि वह कानून और व्यवस्था बनाए रखने वाले अधिकारियों की नजर में अच्छा बन सके। 3. यह चरण कोहलबर्ग के सिद्धांत के स्तर-III (Level III) के अंतर्गत आता है, जो सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों (Universal Ethical Principles) से ठीक पहले की अवस्था है, और इसमें वैधानिक कानूनों की तुलना में सामाजिक न्याय एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.