त्वरित लिंक्स
UPTET
5 views
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) और बाल-केन्द्रित शिक्षा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य सामान्य बालकों के साथ-साथ विशेष आवश्यकता वाले बालकों (CWSN) को एक ही छत के नीचे बिना किसी भेदभाव के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, जिसके लिए 'भेदभाव रहित वातावरण' और 'अनुकूलित पाठ्यक्रम' (Adapted Curriculum) का होना अनिवार्य है।
- 2. 'निशक्तजन अधिकार अधिनियम, 2016' (Rights of Persons with Disabilities Act, 2016) के अंतर्गत विकलांगता के प्रकारों को 7 से बढ़ाकर 21 कर दिया गया है, तथा इसमें शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश के लिए न्यूनतम आरक्षण का प्रावधान भी किया गया है।
- 3. जॉन डीवी (John Dewey) द्वारा प्रतिपादित 'प्रगतिशील शिक्षा' (Progressive Education) और 'करके सीखना' (Learning by Doing) का सिद्धांत समावेशी कक्षाओं के लिए अनुपयुक्त है, क्योंकि यह केवल प्रतिभाशाली बालकों के मानसिक विकास पर ही बल देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि समावेशी शिक्षा का मूल आधार सभी बच्चों को उनकी योग्यताओं या अक्षमताओं से परे एक समान शैक्षिक अवसर प्रदान करना है, जिसमें लचीला पाठ्यक्रम और अनुकूलित शिक्षण पद्धतियाँ शामिल हैं। कथन 2 भी सही है; 'निशक्तजन अधिकार अधिनियम, 2016' (RPwD Act, 2016) के तहत विकलांगता की श्रेणियों को 7 से बढ़ाकर 21 कर दिया गया है और उच्च शिक्षण संस्थानों में न्यूनतम 5% आरक्षण का प्रावधान किया गया है। कथन 3 गलत है क्योंकि जॉन डीवी की 'प्रगतिशील शिक्षा' और 'करके सीखना' का सिद्धांत समावेशी शिक्षा का आधारस्तंभ है, जो सभी बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर देता है, न कि केवल प्रतिभाशाली बालकों पर।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'संक्रियाओं, विषय-वस्तुओं और उत्पादों' (Operations, Contents, and Products) के त्रिआयामी मॉडल के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe) और 'टेम्पोरल लोब' (Temporal Lobe) के बीच संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, अमूर्त सूचना विश्लेषण और तार्किक उत्पादन की सक्रियण गतिकी, तथा हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (Multiple Intelligences Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, बहुआयामी समस्या-समाधान शिक्षाशास्त्र (Multidimensional Problem-Solving Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक लचीलेपन, विश्लेषणात्मक तर्क व समग्र बौद्धिक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'मानसिक स्वास्थ्य और समायोजन तंत्र' (Defense Mechanisms) के संदर्भ में, मनोविश्लेषण के जनक सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) तथा उनकी पुत्री अन्ना फ्रायड द्वारा प्रतिपादित रक्षा युक्तियों में से 'प्रतिक्रिया निर्माण' (Reaction Formation) और 'उदात्तीकरण' (Sublimation) के बीच के दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के अंतर्गत 'फॉर्मेटिव असेसमेंट' (रचनात्मक मूल्यांकन - FA) का मुख्य शैक्षणिक उद्देश्य निम्नलिखित में से क्या है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भाषा और विचार' (Language and Thought) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के भाषा विकास सिद्धांतों के तुलनात्मक न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), 'वेर्निके क्षेत्र' (Wernicke's Area), और 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex) के बीच स्व-केंद्रित वाक् (Egocentric Speech) से आंतरिक वाक् (Inner Speech) तक के रूपांतरण, संज्ञानात्मक पूर्विकता (Cognitive Primacy), और भाषाई मध्यस्थता की सक्रियण गतिकी, तथा नोआम चॉम्स्की (Noam Chomsky) के 'भाषा अधिग्रहण यंत्र' (Language Acquisition Device - LAD) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-लिंग्विस्टिक ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Linguistic Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में संवादात्मक कौशल, वैचारिक लचीलेपन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायु संदर्भ में, राज्य में ग्रीष्मकाल के दौरान उत्पन्न होने वाली स्थानीय मौसमी परिघटनाओं और कृषि से जुड़ी विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्यवर्ती मैदानी क्षेत्रों में ग्रीष्म ऋतु के दौरान दोपहर के समय तीव्र गति से चलने वाली गर्म, शुष्क और धूल भरी हवाओं को 'लू' (Loo) कहा जाता है, जिनका संबंध मुख्य रूप से थार मरुस्थल से आने वाली उष्ण धाराओं से होता है।
2. उत्तर प्रदेश के पूर्वी मैदानी एवं तराई क्षेत्रों में मानसून के आगमन से ठीक पूर्व (मई-जून के महीनों में) होने वाली हल्की बौछारों को स्थानीय भाषा में 'नॉर्वेस्टर' या 'काल बैसाखी' कहा जाता है, जो धान की नर्सरी की बुवाई और आम की फसल के लिए अत्यधिक लाभकारी होती हैं।
3. राज्य के दक्षिणी पठारी और बुंदेलखंड क्षेत्र में ग्रीष्मकाल के दौरान अत्यधिक तापमान और जल की कमी के कारण सभी प्रकार की वनस्पतियां पूरी तरह से नष्ट हो जाती हैं और यहाँ केवल उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन ही पाए जाते हैं जो कभी अपनी पत्तियाँ नहीं गिराते।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.