BaalVikas
Menu
UPTET
Asked 2 months ago · Viewed 14 times

प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और वेदों के अध्ययन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. प्राचीन गुरुकुल प्रणाली में शिक्षा का आरंभ 'उपनयन संस्कार' (नयन संस्कार) के साथ होता था, जो सामान्यतः 8 से 12 वर्ष की आयु के बीच संपन्न कराया जाता था, और इसके पश्चात छात्र को 'द्विज' की संज्ञा दी जाती थी।
  2. 2. वैदिक काल में उच्च शिक्षा पूरी होने के बाद छात्रों के समावर्तन संस्कार का विधान था, जिसके बाद वे 'स्नातक' कहलाते थे और गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करने के लिए अपने घर लौटते थे।
  3. 3. प्राचीन काल में उत्तर प्रदेश के नैमिषारण्य को वेदों और पुराणों के अध्ययन का प्रमुख केंद्र माना जाता था, जहाँ महर्षि दधीचि और अन्य ऋषियों ने वेदों के संकलन एवं अध्यापन कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए तीनों कथन पूरी तरह से सत्य हैं। प्राचीन भारतीय वैदिक शिक्षा प्रणाली में 'उपनयन संस्कार' के माध्यम से छात्र गुरु के पास शिक्षा ग्रहण करने जाते थे, जिससे उन्हें 'द्विज' (दूसरा जन्म) कहा जाता था। शिक्षा की समाप्ति पर 'समावर्तन संस्कार' होता था जिसके बाद छात्र 'स्नातक' बनकर अपने घर लौटते थे। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में स्थित 'नैमिषारण्य' प्राचीन काल में वेदों, पुराणों और धार्मिक शिक्षा का एक अत्यंत प्रसिद्ध एवं पवित्र केंद्र रहा है।
Share:
अगला प्रश्न → उत्तर प्रदेश की कृषि-जलवायु प्रदेशों (Agro-Climatic Zones) और वहाँ की प्रमुख… ← पिछला प्रश्न प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक…

Related Questions

→ उत्तर प्रदेश की ऊर्जा संसाधनों, बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं और जल विद्युत उत्पादन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश में तापीय विद्युत (Thermal Power) का उत्पादन मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड द्वारा किया जाता है, जिसके अंतर्गत सिंगरौली, अनपरा, हरदुएगंज और ओबरा प्रमुख तापीय विद्युत केंद्र हैं। 2. रिहंद बाँध परियोजना, जो कि सोन नदी की सहायक नदी रिहंद पर सोनभद्र जिले में बनाई गई है, उत्तर प्रदेश की पहली बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना है और इसी के पीछे बने कृत्रिम जलाशय को 'गोविन्द बल्लभ पंत सागर' कहा जाता है। 3. राज्य में गंगा नदी पर बने नरोरा (बुलंदशहर) परमाणु ऊर्जा संयंत्र से पूर्णतः जल विद्युत का उत्पादन किया जाता है, जो उत्तर प्रदेश का इकलौता परमाणु ऊर्जा केंद्र है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य सामान्य विद्यालयों में सभी बच्चों (चाहे वे शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या आर्थिक रूप से किसी भी प्रकार से भिन्न हों) को एक साथ एक ही छत के नीचे बिना किसी भेदभाव के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। 2. यह प्रणाली 'विशेष आवश्यकता वाले बालकों' (Children with Special Needs) को मुख्यधारा की शिक्षा से अलग करके उनके लिए विशेष रूप से स्थापित विशिष्ट विद्यालयों (Special Schools) में अनिवार्य रूप से शिक्षा देने पर जोर देती है। 3. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF-2005) भी इस बात की वकालत करती है कि शिक्षा प्रणाली को बच्चों की विविध आवश्यकताओं के अनुसार लचीला बनना चाहिए, न कि बच्चों को व्यवस्था के अनुसार ढलने के लिए बाध्य करना चाहिए। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों के अंतर्गत 'विकास की भविष्यवाणी की जा सकती है' (Development is Predictable) और 'विकास का वर्तुल या चक्रीय क्रम' (Spiral, not Linear, Development) की अवधारणाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विकास की भविष्यवाणी करने का सिद्धांत यह स्पष्ट करता है कि व्यक्तिगत भिन्नताओं (Individual Differences) के बावजूद, प्रत्येक बालक के विकास की गति और उसके भावी प्रतिमानों (Patterns) का पूर्व-आकलन किया जा सकता है, क्योंकि विकास हमेशा एक निश्चित और क्रमिक दिशा (दिशात्मकता के नियम) का अनुसरण करता है। 2. 'विकास का वर्तुल या चक्रीय क्रम' यह दर्शाता है कि बालकों का विकास एक सीधी या रैखिक रेखा (Linear Path) में लगातार आगे नहीं बढ़ता है, बल्कि यह कभी आगे (प्रगति) और कभी पीछे हटकर (स्थायित्व या सुदृढ़ीकरण) एक सर्पीले या वर्तुल मार्ग का अनुसरण करता है। 3. विकास के वर्तुल क्रम के अंतर्गत, जब बालक किसी नई कौशल या क्षमता को सीखता है, तो वह उस कौशल को अधिक परिपक्व और स्थायी बनाने के लिए पीछे के अनुभवों को पूरी तरह से त्याग देता है और कभी भी पुराने व्यवहारों की पुनरावृत्ति नहीं करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक, राजनीतिक और विधायी इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1937 में ब्रिटिश भारत के दौरान इस प्रांत का नाम 'संयुक्त प्रांत' (United Provinces) रखा गया था, और इसी वर्ष हुए प्रांतीय चुनावों के पश्चात पंडित गोविंद बल्लभ पंत इस प्रांत के पहले मुख्यमंत्री (Premier) बने थे। 2. उत्तर प्रदेश में द्विसदनीय विधानमंडल की व्यवस्था है, जिसके अंतर्गत विधान परिषद (Legislative Council) का सृजन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 169 के तहत किया गया है और इसमें कुल सदस्यों की संख्या 100 है, जो देश में किसी भी राज्य की विधान परिषद में सर्वाधिक है। 3. राज्य में लोकायुक्त संस्था की स्थापना 'उत्तर प्रदेश लोकायुक्त एवं उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1975' के अंतर्गत की गई थी, और उत्तर प्रदेश के पहले लोकायुक्त न्यायमूर्ति विशंभर दयाल थे, जिनका कार्यकाल सबसे लंबा रहा है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत राज्यों में प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा की सुविधाओं के लिए पर्याप्त प्रयास करने का प्रावधान किया गया है, जो UPTET परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा' (Motivation) के संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) की सर्वोच्च अवस्था 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) को प्राप्त करने से ठीक पहले व्यक्ति द्वारा अपनी किन आवश्यकताओं को संतुष्ट करना अनिवार्य माना जाता है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.