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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक, राजनीतिक और विधायी इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वर्ष 1937 में ब्रिटिश भारत के दौरान इस प्रांत का नाम 'संयुक्त प्रांत' (United Provinces) रखा गया था, और इसी वर्ष हुए प्रांतीय चुनावों के पश्चात पंडित गोविंद बल्लभ पंत इस प्रांत के पहले मुख्यमंत्री (Premier) बने थे।
  2. 2. उत्तर प्रदेश में द्विसदनीय विधानमंडल की व्यवस्था है, जिसके अंतर्गत विधान परिषद (Legislative Council) का सृजन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 169 के तहत किया गया है और इसमें कुल सदस्यों की संख्या 100 है, जो देश में किसी भी राज्य की विधान परिषद में सर्वाधिक है।
  3. 3. राज्य में लोकायुक्त संस्था की स्थापना 'उत्तर प्रदेश लोकायुक्त एवं उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1975' के अंतर्गत की गई थी, और उत्तर प्रदेश के पहले लोकायुक्त न्यायमूर्ति विशंभर दयाल थे, जिनका कार्यकाल सबसे लंबा रहा है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि वर्ष 1937 में आगरा और अवध के संयुक्त प्रांत का नाम संक्षिप्त करके 'संयुक्त प्रांत' (United Provinces) कर दिया गया था और गोविंद बल्लभ पंत इसके पहले प्रीमियर (मुख्यमंत्री) बने थे। कथन 2 सही है क्योंकि उत्तर प्रदेश में द्विसदनीय विधायिका है, अनुच्छेद 169 के तहत गठित विधान परिषद में 100 सदस्य हैं जो देश में सर्वाधिक हैं। कथन 3 आंशिक रूप से गलत है; उत्तर प्रदेश के पहले लोकायुक्त न्यायमूर्ति विशंभर दयाल थे, लेकिन उनका कार्यकाल सबसे लंबा नहीं था (सबसे लंबा कार्यकाल न्यायमूर्ति एन.के. मेहरोत्रा का रहा है)। इसलिए कथन 1 और 2 दोनों सही हैं, अतः विकल्प (a) सही है।
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