वैयक्तिक भिन्नताएँ
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बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों के अंतर्गत 'विकास की भविष्यवाणी की जा सकती है' (Development is Predictable) और 'विकास का वर्तुल या चक्रीय क्रम' (Spiral, not Linear, Development) की अवधारणाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. विकास की भविष्यवाणी करने का सिद्धांत यह स्पष्ट करता है कि व्यक्तिगत भिन्नताओं (Individual Differences) के बावजूद, प्रत्येक बालक के विकास की गति और उसके भावी प्रतिमानों (Patterns) का पूर्व-आकलन किया जा सकता है, क्योंकि विकास हमेशा एक निश्चित और क्रमिक दिशा (दिशात्मकता के नियम) का अनुसरण करता है।
- 2. 'विकास का वर्तुल या चक्रीय क्रम' यह दर्शाता है कि बालकों का विकास एक सीधी या रैखिक रेखा (Linear Path) में लगातार आगे नहीं बढ़ता है, बल्कि यह कभी आगे (प्रगति) और कभी पीछे हटकर (स्थायित्व या सुदृढ़ीकरण) एक सर्पीले या वर्तुल मार्ग का अनुसरण करता है।
- 3. विकास के वर्तुल क्रम के अंतर्गत, जब बालक किसी नई कौशल या क्षमता को सीखता है, तो वह उस कौशल को अधिक परिपक्व और स्थायी बनाने के लिए पीछे के अनुभवों को पूरी तरह से त्याग देता है और कभी भी पुराने व्यवहारों की पुनरावृत्ति नहीं करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि विकास की भविष्यवाणी की जा सकती है; विकास के निश्चित क्रम और दिशा के कारण बाल मनोवैज्ञानिक या शिक्षक यह अनुमान लगा सकते हैं कि बच्चा किस आयु में कौन सी शारीरिक या मानसिक योग्यता हासिल करेगा। कथन 2 सही है क्योंकि विकास कभी भी एक सीधी (रैखिक) रेखा में नहीं होता, बल्कि यह सर्पीलाकार या वर्तुल (Spiral) होता है, जिसमें बालक पीछे लौटकर पुराने अनुभवों को समेकित करते हुए आगे बढ़ता है। कथन 3 गलत है क्योंकि वर्तुल विकास के दौरान बालक पुराने अनुभवों और व्यवहारों को पूरी तरह से त्यागता नहीं है, बल्कि नए कौशल को सीखने के साथ-साथ पिछले कौशलों को और अधिक मजबूत और परिपक्व बनाता है, तथा आवश्यकता पड़ने पर उनकी पुनरावृत्ति भी करता है।
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