जीन पियाजे
Asked 2 months ago · Viewed 16 times
प्राथमिक स्तर पर बाल विकास और शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage: लगभग 2 से 7 वर्ष) की प्रमुख विशेषताओं और सीमाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. इस अवस्था में बालकों में 'संरक्षण' (Conservation) का पूर्ण मानसिक कौशल विकसित हो जाता है, जिसके कारण वे यह भली-भांति समझ लेते हैं कि किसी वस्तु के आकार या बर्तन बदलने पर भी उसकी मात्रा, आयतन या द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है।
- 2. इस आयु वर्ग के बच्चों की सोच में 'अहमकेंद्रिता' (Egocentrism) की प्रवृत्ति पाई जाती है, जिसके तहत वे यह मान लेते हैं कि अन्य व्यक्ति भी दुनिया को उसी दृष्टिकोण से देखते हैं जैसा कि वे स्वयं देख रहे हैं।
- 3. इस चरण की एक अन्य मुख्य सीमा 'केंद्रीकरण' (Centration) है, जिसमें बालक किसी वस्तु या परिस्थिति के केवल एक ही आयाम (जैसे केवल लंबाई या केवल चौड़ाई) पर ध्यान केंद्रित कर पाता है और उसके एकाधिक पहलुओं को एक साथ मानसिक रूप से समेकित नहीं कर पाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage, 2-7 वर्ष) में बच्चों में 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता का विकास नहीं हुआ होता है; संरक्षण का गुण अगली यानी 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (7-11 वर्ष) में विकसित होता है। अतः कथन 1 गलत है। इस अवस्था के बच्चों में 'अहमकेंद्रिता' (Egocentrism) और 'केंद्रीकरण' (Centration) जैसी प्रमुख सीमाएँ स्पष्ट रूप से पाई जाती हैं, जिसके कारण वे किसी वस्तु के केवल एक ही आयाम पर ध्यान केंद्रित करते हैं और दूसरों के दृष्टिकोण को समझने में असमर्थ होते हैं। अतः कथन 2 और 3 दोनों सही हैं।
अगला प्रश्न →
बच्चों के भाषा विकास और संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean…
← पिछला प्रश्न
जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत…
Related Questions
→
पियाजे के अनुसार, विकास की पहली अवस्था (जन्म से लगभग 2 वर्ष आयु) के दौरान बच्चा सबसे बेहतर सीखता है:
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की तात्विक और तार्किक सीमाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की प्रमुख विशेषता 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) के साथ-साथ 'जीववाद' (Animism) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
पियाजे के अनुसार, 'संज्ञानात्मक विकास' (Cognitive Development) की किस अवस्था में बालक 'तार्किक रूप से' वस्तुओं और घटनाओं के बारे में चिंतन करना शुरू कर देता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक बच्चा नई सूचनाओं को अपने पूर्व-मौजूद स्कीमा (Schema) में फिट करने का प्रयास करता है बिना उसमें कोई बदलाव किए, तो इस संज्ञानात्मक प्रक्रिया को निम्नलिखित में से क्या कहा जाता है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) के दौरान बच्चे संरक्षण (Conservation), वर्गीकरण (Classification) और उत्क्रमणीयता (Reversibility) जैसी तार्किक योग्यताओं को विकसित कर लेते हैं, लेकिन उनका चिंतन केवल उन्हीं वस्तुओं और परिस्थितियों तक सीमित रहता है जो प्रत्यक्ष रूप से उनके सामने मौजूद होती हैं।
2. 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) में बच्चों के भीतर 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता पूरी तरह से विकसित हो चुकी होती है, जिसके कारण वे किसी वस्तु के आकार या आयतन में परिवर्तन होने पर भी उसके मूल परिमाण को स्थिर समझ लेते हैं।
3. 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में किशोरों का चिंतन अमूर्त (Abstract) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक (Hypothetico-deductive reasoning) हो जाता है, जिससे वे वैज्ञानिक समस्याओं का समाधान करने और संभावित परिणामों का विश्लेषण करने में सक्षम हो जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक बच्चा नई जानकारी को अपने पूर्ववर्ती स्कीमा (Schema) में फिट करने के लिए उसमें संशोधन करता है या एक नया स्कीमा निर्मित करता है, तो इस संज्ञानात्मक प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की सबसे सटीक पहचान करती है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational Stage) में बच्चों के भीतर 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह से विकसित हो जाता है, जिससे वे यह समझ जाते हैं कि किसी वस्तु के आकार या रूप में परिवर्तन करने से उसकी मात्रा या आयतन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
2. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (Concrete Operational Stage) के दौरान बालकों में 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की क्षमता आ जाती है, जिससे वे किसी वस्तु या समस्या को केवल एक ही आयाम के बजाय एक साथ कई दृष्टियों से देखने में सक्षम होते हैं।
3. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) लगभग 11-12 वर्ष की आयु से प्रारंभ होती है, जिसमें बालक अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-Deductive Reasoning) करने की योग्यता अर्जित कर लेते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.