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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में 'रूब्रिक्स' (Rubrics) के उपयोग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. रूब्रिक्स एक ऐसा मूल्यांकन उपकरण है जो छात्रों के प्रदर्शन या कार्य के मूल्यांकन के लिए स्पष्ट और पूर्व-निर्धारित मानदंड (Criteria) प्रदान करता है, जिससे योगात्मक और रचनात्मक दोनों प्रकार के आकलन में सहायता मिलती है।
- 2. पर्यावरण अध्ययन में विद्यार्थियों के क्षेत्र भ्रमण (Field Trip), प्रोजेक्ट कार्य और सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning) का आकलन करने के लिए रूब्रिक्स एक अत्यधिक प्रभावी गुणात्मक तकनीक है, क्योंकि यह केवल सही या गलत उत्तर के बजाय सीखने की प्रक्रिया के विभिन्न चरणों का मूल्यांकन करती है।
- 3. रूब्रिक्स का निर्माण करते समय यह अनिवार्य है कि शिक्षक केवल अपने स्तर पर ही सभी मानदंडों को निर्धारित करे और मूल्यांकन प्रक्रिया में विद्यार्थियों की सहभागिता या स्व-आकलन (Self-assessment) को पूरी तरह से वर्जित रखे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि रूब्रिक्स (Rubrics) मूल्यांकन के लिए स्पष्ट मानदंड निर्धारित करता है, जिसका उपयोग रचनात्मक (Formative) और योगात्मक (Summative) दोनों आकलनों में किया जाता है। कथन 2 भी सही है क्योंकि EVS में प्रोजेक्ट, क्षेत्र भ्रमण और सामूहिक गतिविधियों जैसी प्रयोगात्मक व सहयोगात्मक गतिविधियों का आकलन करने के लिए रूब्रिक्स एक बेहतरीन गुणात्मक उपकरण है, जो बच्चों के कौशल और समझ के स्तर को मापता है। कथन 3 गलत है क्योंकि आधुनिक शिक्षा शास्त्र (विशेषकर NCF 2005 और CCE) के अनुसार, रूब्रिक्स के निर्माण और उपयोग में विद्यार्थियों को शामिल करना तथा 'स्व-आकलन' (Self-assessment) को बढ़ावा देना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जिससे छात्र अपनी कमियों को खुद समझ सकें।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धिलब्धि (IQ) और व्यक्तिगत भिन्नता' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, विलियम स्टर्न (William Stern) और लुई टरमन (Lewis Terman) द्वारा प्रतिपादित 'मानसिक आयु और कालानुक्रमिक आयु के अनुपात' (MA/CA × 100) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'फ्रंटोपैरिएटल इंटीग्रेशन नेटवर्क' (P-FIT: जिसमें 'डॉर्मोलेटेरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' और 'पैरिएटल लोब' शामिल हैं) के बीच सूचना प्रसंस्करण गति, न्यूरल माइलिनेशन और कार्यशील स्मृति की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड वेक्स्लर (David Wechsler) द्वारा प्रतिपादित 'वैक्स्लर बुद्धि मापनी' (WAIS/WISC) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विभेदित मूल्यांकन शिक्षाशास्त्र (Differentiated Assessment Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक विविधता, शैक्षणिक अनुकूलन व समग्र बौद्धिक क्षमता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय इतिहास के संदर्भ में, 'बुंदेलखंड पठार' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह क्षेत्र प्राचीनतम 'गोंडवानालैंड' का एक भाग है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से प्री-कैम्बियन युग की नीस (Gneiss), ग्रेनाइट और विंध्यन क्रम की बलुआ पत्थरों एवं चूना पत्थर की चट्टानों से हुआ है।
2. इस पठारी क्षेत्र में मिलने वाली अधिकांश नदियाँ (जैसे- चंबल, बेतवा, केन और धसान) वर्षा पर आधारित होने के कारण मौसमी (Non-perennial) प्रकृति की हैं और इन्होंने यहाँ गहरी खड्डों (Ravines) एवं बीहड़ों का निर्माण किया है।
3. इस क्षेत्र की प्रमुख मृदा 'मार' और 'काबर' हैं, जो अत्यधिक उपजाऊ और जल सोखने की क्षमता वाली चिकनी मिट्टी हैं, जिसके कारण यहाँ सिंचाई की आवश्यकता न्यूनतम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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वंशानुक्रम और पर्यावरण (Heredity and Environment) की अंतःक्रिया के संदर्भ में, बाल विकास के मनोवैज्ञानिक अध्ययनों और वुडवर्थ (Woodworth) के प्रसिद्ध समीकरण 'विकास = (वंशानुक्रम × पर्यावरण)' के आधार पर निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक दृष्टि से सत्य है?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और दर्शन के संदर्भ में, 'वैशेषिक दर्शन' और उसके प्रणेता महर्षि कणाद द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वैशेषिक दर्शन के प्रवर्तक महर्षि कणाद (उलूक) हैं, और यह एक भौतिकवादी एवं pluralistic (बहुवादी) दर्शन है जो इस ब्रह्मांड की रचना 'परमाणुवाद' (Atomic Theory) के सिद्धांत पर आधारित मानता है।
2. इस दर्शन के अनुसार, संपूर्ण भौतिक जगत अदृश्य और अविभाज्य 'परमाणुओं' से मिलकर बना है, और पृथ्वी, जल, तेज (अग्नि) तथा वायु- इन चार द्रव्यों के परमाणु नित्य होते हैं, जबकि आकाश को परमाणु नहीं बल्कि एक अमूर्त विभु द्रव्य माना गया है।
3. वैशेषिक दर्शन न्याय दर्शन के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है (इसे न्याय-वैशेषिक युग्म भी कहा जाता है), और यह मोक्ष प्राप्ति के लिए 'पदार्थों के तत्वज्ञान' (षड्धर्मों या छह श्रेणियों- द्रव्य, गुण, कर्म, सामान्य, विशेष और समवाय का ज्ञान) को आवश्यक मानता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के अंतर्गत 'फॉर्मेटिव असेसमेंट' (रचनात्मक मूल्यांकन - FA) का मुख्य शैक्षणिक उद्देश्य निम्नलिखित में से क्या है?
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