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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं ऐतिहासिक संदर्भ में प्राचीन 'महाजनपद काल' और वर्तमान प्रशासनिक भूगोल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बौद्ध ग्रंथ 'अंगुत्तर निकाय' और जैन ग्रंथ 'भगवती सूत्र' के अनुसार, छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 16 महाजनपदों में से वर्तमान उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में कुल 8 महाजनपद (कुरु, पांचाल, शूरसेन, वत्स, मल्ल, काशी, कोशल और चेदि) स्थित थे।
- 2. प्राचीन 'कौशल महाजनपद' की राजधानी 'श्रावस्ती' थी, जो बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार का एक प्रमुख केंद्र था, तथा यहीं पर भगवान बुद्ध ने अपने जीवन के सर्वाधिक वर्षावास (चतुर्मास) व्यतीत किए थे और सर्वाधिक उपदेश दिए थे।
- 3. प्राचीन 'शूरसेन महाजनपद' की राजधानी 'मथुरा' थी, जो यमुना नदी के तट पर स्थित होने के कारण एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्यापारिक और सांस्कृतिक केंद्र था, तथा इसका उल्लेख यूनानी लेखकों द्वारा 'मेथोरा' (Methora) के रूप में भी किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। 1. छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 16 महाजनपदों में से 8 महाजनपद (कुरु, पांचाल, शूरसेन, वत्स, मल्ल, काशी, कोशल और चेदि) वर्तमान उत्तर प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्र के अंतर्गत आते थे, जिसका उल्लेख 'अंगुत्तर निकाय' और 'भगवती सूत्र' में मिलता है। 2. कौशल महाजनपद की राजधानी श्रावस्ती थी, जहाँ भगवान बुद्ध ने अपने जीवन के सर्वाधिक उपदेश दिए और सबसे अधिक वर्षावास बिताए। 3. शूरसेन महाजनपद की राजधानी मथुरा थी, जो यमुना नदी के तट पर स्थित थी और यूनानी इतिहासकारों ने इसे 'मेथोरा' कहा है।
Related Questions
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भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत दी गई विभिन्न सूचियों (संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची) और उनके विषयों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल संविधान में संघ सूची में 97 विषय थे, जबकि वर्तमान में गणना की दृष्टि से इसमें लगभग 100 विषय शामिल हैं, जिनमें रक्षा, विदेशी मामले, परमाणु ऊर्जा, रेलवे और बैंकिंग जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषय आते हैं।
2. राज्य सूची के अंतर्गत मूल रूप से 66 विषय थे, जिन्हें घटाकर वर्तमान में 61 कर दिया गया है, और इसके अंतर्गत पुलिस, सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता, कृषि तथा कारागार जैसे विषय शामिल हैं। 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा 'शिक्षा', 'वन', 'नापतोल' और 'वन्यजीवों एवं पक्षियों का संरक्षण' जैसे विषयों को राज्य सूची से निकालकर समवर्ती सूची में स्थानांतरित कर दिया गया था।
3. समवर्ती सूची (Concurrent List) की अवधारणा को भारतीय संविधान में ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिया गया है, और इस सूची में शामिल विषयों पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं, परंतु यदि दोनों के कानूनों में कोई टकराव हो, तो संसद द्वारा बनाया गया कानून ही मान्य होता है, बशर्ते राज्य के कानून को राष्ट्रपति की पूर्व स्वीकृति प्राप्त न हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश की 'चित्रकला, वास्तुकला और ऐतिहासिक स्मारकों' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के जौनपुर में स्थित 'अटाला मस्जिद' का निर्माण शर्की वंश के सुल्तान इब्राहिम शाह शर्की द्वारा वर्ष 1408 में करवाया गया था, जो अपनी विशिष्ट 'अतर्की' शैली और बिना मीनारों के विशाल प्रवेश द्वार (प्रपायलॉन) के लिए प्रसिद्ध है।
2. उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी स्थित 'बुलंद दरवाजा' का निर्माण सम्राट अकबर ने गुजरात विजय (1572) के उपलक्ष्य में करवाया था, जो लाल बलुआ पत्थर और सफेद संगमरमर के सुंदर सम्मिश्रण से बनी मुगल वास्तुकला की एक उत्कृष्ट कृति है।
3. उत्तर प्रदेश के सारनाथ में स्थित अशोक स्तंभ के शीर्ष पर बनी चार एशियाई सिंहों की आकृतियाँ 'मौर्यकालीन वास्तुकला' का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिसे पॉलिश किए गए चुनार के बलुआ पत्थर से तराश कर बनाया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और उनके अवस्थिति (जिले) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. बखीरा पक्षी विहार — संत कबीर नगर
2. लाख बहोसी पक्षी विहार — कन्नौज
3. सांडी पक्षी विहार — हरदोई
4. ओखला पक्षी विहार — गौतम बुद्ध नगर
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, एरिक्सन (Erik Erikson) के मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत की किस अवस्था में बालक 'उद्योग बनाम हीनता' (Industry vs. Inferiority) के द्वंद का सामना करता है और उसकी यह अवस्था सामान्यतः किस आयु वर्ग से संबंधित होती है?
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पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) में ऊर्जा के प्रवाह और जैव-रासायनिक चक्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा 'एकदिशीय' (Unidirectional) होता है, जिसमें सूर्य से प्राप्त सौर ऊर्जा का केवल 1 प्रतिशत भाग ही हरे पौधों द्वारा प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है (लिंडेमैन का 10 प्रतिशत नियम ऊर्जा के हस्तांतरण को दर्शाता है)।
2. 'जैव-भू-रासायनिक चक्र' (Biogeochemical Cycles) के अंतर्गत पोषक तत्वों का चक्रीकरण होता है, जिसमें 'अवसादी चक्र' (Sedimentary Cycle) के प्रमुख उदाहरण नाइट्रोजन चक्र और कार्बन चक्र हैं, जबकि 'गैसीय चक्र' (Gaseous Cycle) के अंतर्गत फास्फोरस और गंधक (Sulfur) चक्र आते हैं।
3. पारिस्थितिक पिरामिडों में, तालाब के पारिस्थितिकी तंत्र का 'जीवभार का पिरामिड' (Pyramid of Biomass) सामान्यतः 'उल्टा' (Inverted) बनता है, क्योंकि इसमें प्राथमिक उत्पादकों (पादपप्लवक) का कुल भार उच्च पोषण स्तर के उपभोक्ताओं (मछलियों) की तुलना में बहुत कम होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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