BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
5 views

लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित अवस्थाओं और उनके लक्षणों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'उत्कृष्ट नैतिकता का स्तर' (Post-conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) चरण में व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून समाज के कल्याण के लिए लचीले अनुबंध हैं, और यदि कोई कानून मानवाधिकारों या समाज के बड़े हितों के विरुद्ध हो, तो उसमें परिवर्तन किया जा सकता है।
  2. 2. 'पारंपरिक स्तर' (Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' (Good Boy-Good Girl) अभिविन्यास में बालक का मुख्य उद्देश्य दूसरों की नज़रों में aprobación (स्वीकृति) प्राप्त करना और सामाजिक रूप से 'अच्छा' दिखना होता है, ताकि वह दूसरों की अपेक्षाओं पर खरा उतर सके।
  3. 3. कोहलबर्ग के सिद्धांत के अनुसार, सभी वयस्क और किशोर सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों (Universal Ethical Principles) के उच्चतम चरण तक अवश्य पहुँच जाते हैं, क्योंकि यह जैविक परिपक्वता का एक अनिवार्य और अंतिम परिणाम है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: कोहलबर्ग के उत्तर-पारंपरिक स्तर (Post-conventional level) के 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' अभिविन्यास में व्यक्ति यह समझता है कि कानून सामाजिक भलाई के लिए बनाए गए हैं और यदि वे अन्यायपूर्ण हैं तो उन्हें बदला जाना चाहिए। कथन 2 सही है: पारंपरिक स्तर के 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' चरण में व्यक्ति दूसरों से अनुमोदन पाने और सामाजिक अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए प्रेरित होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि कोहलबर्ग के अनुसार सभी व्यक्ति सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों (अंतिम चरण) तक नहीं पहुँच पाते हैं; यह चरण बहुत कम लोगों द्वारा ही प्राप्त किया जाता है।
Share:

Related Questions

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में, पियाजे द्वारा बताए गए विकास के चार चरणों में से उस विशिष्ट चरण को पहचानिए जिसमें बालक 'संरक्षण' (Conservation), 'विकेंद्रीकरण' (Decentration), और 'क्रमबद्धता' (Seriation) जैसी तार्किक योग्यताओं को तो भली-भांति सीख लेता है, परंतु उसकी चिंतन प्रक्रिया अभी भी मूर्त या प्रत्यक्ष वस्तुओं और घटनाओं तक ही सीमित रहती है तथा वह अमूर्त या काल्पनिक (Hypothetical-deductive) प्रस्तावनाओं पर तार्किक विचार करने में असमर्थ होता है? उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों और सांस्कृतिक परंपराओं के संदर्भ में, बुंदेलखंड क्षेत्र का प्रसिद्ध 'ख्याल नृत्य' निम्नलिखित में से किस विशेष अवसर पर आयोजित किया जाता है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'किशोरावस्था और संज्ञानात्मक विकास (Adolescence and Cognitive Development) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe) और 'कॉर्पस कैलोसम' (Corpus Callosum) के बीच अमूर्त तर्क (Abstract Reasoning), परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक चिंतन (Hypothetico-Deductive Reasoning) और अंत गोलार्ध समन्वय की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड एल्किंड (David Elkind) द्वारा प्रतिपादित 'किशोर अहंकेन्द्रवाद' (Adolescent Egocentrism: काल्पनिक दर्शक और व्यक्तिगत कल्पकथा) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, किशोरावस्था मनोविज्ञान (Adolescent Psychology) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक नियंत्रण, आलोचनात्मक चिंतन व तार्किक अभिव्यक्ति के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और विशिष्ट आवश्यकता वाले बालक' (Inclusive Education and Children with Special Needs) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर' (ASD - Autism Spectrum Disorder) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम' (Mirror Neuron System), 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्काई' (Superior Temporal Sulcus), और 'इंसुला' (Insula) के बीच सामाजिक-संज्ञानात्मक प्रसंस्करण (Social-Cognitive Processing), अनुकरण की कमी, और मानसिक क्षमता (Theory of Mind) की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की के 'सामाजिक-सांस्कृतिक मध्यस्थता' सिद्धांतों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-ऑटिज्म ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Autism Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सामाजिक-संचार कौशल, पीयर-मीडिएटेड हस्तक्षेप रणनीतियों व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सामाजिक अध्ययन' के अंतर्गत 'भारतीय इतिहास एवं कला संस्कृति' के संदर्भ में, प्राचीन भारतीय इतिहास के प्रमुख दर्शनों (षड्दर्शन) और उनके प्रणेता (संस्थापक) ऋषियों के मिलान के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा युग्म असत्य (गलत) है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.