संज्ञानात्मक विकास
Asked 2 months ago · Viewed 22 times
जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'मूर्त्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage: लगभग 7 से 11 वर्ष) की निम्नलिखित प्रमुख विशेषताओं पर विचार कीजिए:
- 1. इस अवस्था में बालक में 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे वह यह समझ जाता है कि किसी वस्तु के आकार, रूप या रंग में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, द्रव्यमान या आयतन अपरिवर्तित रहता है।
- 2. बालक 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की योग्यता हासिल कर लेता है, जिसके कारण वह किसी समस्या या वस्तु को केवल एक ही आयाम (Dimension) से देखने के बजाय एक साथ कई पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर पाता है।
- 3. इस चरण के दौरान बालक 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-Deductive Reasoning) करने में पूरी तरह सक्षम हो जाता है, जो इस सिद्धांत की अंतिम अवस्था की मुख्य पहचान है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'मूर्त्त संक्रियात्मक अवस्था' (7 से 11 वर्ष) की मुख्य विशेषताएँ संरक्षण (Conservation), विकेंद्रीकरण (Decentration), और वर्गीकरण (Classification) हैं। कथन 1 और 2 बिल्कुल सही हैं क्योंकि इस उम्र में बच्चे संरक्षण और विकेंद्रीकरण के गुण सीख जाते हैं। किंतु कथन 3 गलत है, क्योंकि 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क पियाजे के सिद्धांत की अंतिम अवस्था यानी 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage: 11 वर्ष से आगे) की विशेषता है, मूर्त अवस्था की नहीं।
अगला प्रश्न →
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त संक्रियात्मक…
← पिछला प्रश्न
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में जीन पियाजे (Jean…
Related Questions
→
पियाजे के अनुसार, विकास की पहली अवस्था (जन्म से लगभग 2 वर्ष आयु) के दौरान बच्चा सबसे बेहतर सीखता है:
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की तात्विक और तार्किक सीमाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की प्रमुख विशेषता 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) के साथ-साथ 'जीववाद' (Animism) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
पियाजे के अनुसार, 'संज्ञानात्मक विकास' (Cognitive Development) की किस अवस्था में बालक 'तार्किक रूप से' वस्तुओं और घटनाओं के बारे में चिंतन करना शुरू कर देता है?
→
पियाजे के अनुसार 'आत्मसात्करण' (Assimilation) क्या है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की निम्नलिखित में से कौन-सी प्रमुख विशेषताएँ हैं?
1. इस अवस्था में बच्चों के भीतर 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता विकसित हो जाती है, अर्थात उन्हें यह समझ आ जाती है कि किसी वस्तु के आकार या रूप में परिवर्तन करने से उसकी मात्रा, द्रव्यमान या आयतन अपरिवर्तित रहता है।
2. बच्चे इस चरण में 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) करने में सक्षम हो जाते हैं, जिससे वे किसी समस्या या वस्तु को केवल एक ही आयाम के बजाय एक साथ कई आयामों से देखने लगते हैं।
3. इस अवस्था के दौरान बच्चों में अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-Deductive Reasoning) की पूर्ण क्षमता विकसित हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) की निम्नलिखित में से कौन-सी प्रमुख विशेषताएँ हैं?
1. 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता का विकास, जिसके अंतर्गत बच्चा यह समझ जाता है कि किसी वस्तु के रूप, आकार या बर्तन बदलने पर उसकी मात्रा, आयतन या द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है।
2. 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की योग्यता, जिससे बच्चा किसी समस्या या वस्तु को केवल एक ही आयाम (Dimension) से देखने के बजाय एक ही समय में उसके कई पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर पाता है।
3. 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) का पूरी तरह से विकास, जिसके माध्यम से बच्चा अमूर्त विचारों और काल्पनिक परिस्थितियों के आधार पर तार्किक निष्कर्ष निकालने में सक्षम हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास एक निरंतर प्रक्रिया न होकर चरणों में होने वाली क्रमिक और गुणात्मक रूप से भिन्न प्रक्रिया है, जिसमें प्रत्येक बालक अपने परिवेश के साथ अंतःक्रिया करके अपने ज्ञान का निर्माण स्वयं करता है।
2. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) के दौरान बालकों में 'संरक्षण' (Conservation), 'वर्गीकरण' (Classification), और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की क्षमता विकसित हो जाती है, किंतु वे अमूर्त या काल्पनिक तर्कों पर आधारित समस्याओं को हल करने में असमर्थ होते हैं।
3. 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) इस सिद्धांत की अंतिम अवस्था है, जिसमें किशोरावस्था से प्रारंभ होकर 'निगमनात्मक तर्क' (Deductive Reasoning) और 'परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक चिंतन' (Hypothetico-Deductive Reasoning) की क्षमता पूरी तरह से विकसित हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
सामाजिक अध्ययन (Social Studies) शिक्षण के अंतर्गत इतिहास शिक्षण की 'आलोचनात्मक चिंतन' (Critical Thinking) पद्धति और 'स्रोतों पर आधारित उपागम' (Source-Based Approach) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन इस विधि के सबसे प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक शैक्षणिक उद्देश्य को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.